बैदोआ में अल-शबाब का हमला नाकाम, सोमाली सेना ने 30 आतंकियों को मार गिराया
सारांश
मुख्य बातें
सोमाली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमाली नेशनल आर्म्ड फोर्सेज (SNAF) ने सोमवार, 17 अगस्त की तड़के मध्य सोमालिया के शहर बैदोआ में किए गए एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम करते हुए अल-शबाब के कम से कम 30 उग्रवादियों को मार गिराया और कई अन्य को हिरासत में लिया। यह हमला उस समय हुआ जब शहर पर सोमाली सेना का नियंत्रण मार्च से बना हुआ है।
हमले का घटनाक्रम
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सुबह 5 बजे (0200 GMT) हथियारबंद हमलावरों ने वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल करते हुए SNAF की चौकियों पर एक साथ हमला बोला। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हमलावर गुट में अल-शबाब के चरमपंथी और साउथवेस्ट स्टेट के पूर्व राष्ट्रपति अब्दिअजीज हसन मोहम्मद लाफ्टागरीन के वफादार मिलिशिया दोनों शामिल थे।
स्थानीय निवासियों ने भी पुष्टि की कि सोमवार की सुबह बैदोआ में भीषण लड़ाई हुई, जिसमें SNAF बलों की सीधी मुठभेड़ लाफ्टागरीन के वफादार हथियारबंद मिलिशिया और अल-शबाब के लड़ाकों से हुई।
सेना की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'SNAF ने पेशेवर और निर्णायक ढंग से जवाबी कार्रवाई की, हमले को नाकाम किया और बैदोआ की सुरक्षा और स्थिरता को अस्थिर करने की हमलावरों की कोशिश को विफल कर दिया।' सैन्य बलों ने हमले में इस्तेमाल हथियार और वाहन जब्त कर लिए हैं तथा शहर के कुछ हिस्सों में बचे हुए लड़ाकों का पता लगाने के लिए क्लीयरेंस ऑपरेशन जारी है।
हालाँकि स्थानीय विपक्षी नेताओं ने शहर पर कब्जे का दावा किया, सैन्य अधिकारियों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए पुष्टि की कि सुरक्षा अभियान पूरी तरह जारी है। मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद जनता को विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
हिरान क्षेत्र में अलग ऑपरेशन
इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के समर्थन से सोमालिया की नेशनल इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी एजेंसी (NISA) ने रविवार को मध्य क्षेत्र में एक लक्षित अभियान के तहत अल-शबाब के 8 चरमपंथियों को मार गिराया, जिनमें 3 वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे।
NISA के बयान के अनुसार, यह संयुक्त ऑपरेशन हिरान क्षेत्र के टार्डो इलाके में चलाया गया। मारे गए लोगों में पूर्वी हिरान के जबरन वसूली नेटवर्क का प्रमुख तथा जबहादा मिलिशिया और फुरसान विंग के कमांडर शामिल थे। इस ऑपरेशन में 4 अन्य घायल भी हुए।
व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि सोमाली सैनिकों ने मार्च में बैदोआ पर नियंत्रण स्थापित किया था और उस दौरान लाफ्टागरीन को इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया था। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अल-शबाब और असंतुष्ट मिलिशिया गुट मिलकर सोमाली सरकार के नियंत्रण को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
संयुक्त ऑपरेशन के परिणामस्वरूप अल-शबाब के कई ठिकानों पर पुनः कब्जा कर लिया गया है और उनके प्रमुख अड्डों तथा हथियार भंडारण सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है। सुरक्षा बल अभी भी बचे हुए लड़ाकों की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। सोमालिया में आतंकवाद-विरोधी अभियानों की यह श्रृंखला दर्शाती है कि संघर्ष अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।