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क्या मिस्र के अला अब्द अल-फत्ताह 12 साल बाद जेल से रिहा हुए?

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क्या मिस्र के अला अब्द अल-फत्ताह 12 साल बाद जेल से रिहा हुए?

सारांश

मिस्र के प्रसिद्ध कार्यकर्ता अला अब्द अल-फत्ताह को 12 वर्षों के बाद रिहा किया गया है। यह रिहाई राष्ट्रपति अल-सिसी के क्षमादान के माध्यम से हुई है। जानिए इस असाधारण घटना के पीछे की कहानी और अला की बहन सना सेफ का जश्न मनाने का तरीका।

मुख्य बातें

अला अब्द अल-फत्ताह को 12 साल बाद रिहा किया गया।
उनकी रिहाई अब्देल-फतह अल-सिसी के क्षमादान से हुई।
अला 2011 के अरब स्प्रिंग विद्रोह में एक प्रमुख कार्यकर्ता थे।
उनकी नजरबंदी को मिस्र में लोकतंत्र की विफलता माना गया।
उनकी रिहाई मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार का संकेत हो सकती है।

नई दिल्ली, 23 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। मिस्र के कार्यकर्ता अला अब्द अल-फतह को करीब 12 साल की जेल की सजा के बाद रिहा किया गया। राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी के द्वारा उन्हें क्षमा किए जाने के बाद यह आजादी मिली। अला की बहन मोना सेफ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने भाई की अपनी मां लैला सूएफ और बहन सना सेफ के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "यह एक असाधारण दिन है, अला अब आजाद है।"

सना सेफ ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि उनके दूसरे भाई काहिरा के बाहर नैट्रॉन जेल में उनका इंतजार कर रहे थे, जब उनके भाई अला घर पहुंचे। मंगलवार को सना ने कई पोस्ट्स के जरिए भाई की रिहाई का जश्न मनाया।

अब्द अल-फतह और पांच अन्य कैदियों के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद ने (उनके परिवारों की ओर से) राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी से मानवीय आधार पर क्षमा करने की अपील की थी, जिस पर सिसी ने सहमति दी।

फतह को 2014 में एक अनधिकृत विरोध प्रदर्शन में भाग लेने और कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 2019 में अला को कुछ समय के लिए रिहा कर दिया गया था, लेकिन उसी साल बाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा कार्रवाई के दौरान उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया था।

अब्द अल-फतह 2011 के 'अरब स्प्रिंग विद्रोह' में मिस्र के सबसे प्रमुख कार्यकर्ताओं में से एक रहे हैं। उनकी नजरबंदी को मिस्र में लोकतंत्र की विफलता के रूप में देखा गया।

उन्होंने 2011 के उस विद्रोह में भाग लिया जिसने निरंकुश पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल किया था। इसके बाद मानवाधिकार हनन और नागरिकों पर सैन्य मुकदमों के खिलाफ भी उन्होंने सक्रियता दिखाई।

उन्हें पहली बार 2014 में एक अनधिकृत विरोध प्रदर्शन में भाग लेने और कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में जेल भेजा गया था, फिर 2019 की शुरुआत में रिहा कर दिया गया। बाद में उन प्रदर्शनों के संबंध में हुई सुरक्षा कार्रवाई के दौरान सितंबर 2019 में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया, और दो साल से अधिक समय तक प्री-ट्रायल डिटेंशन में रखने के बाद, एक अदालत ने उन्हें झूठी खबर फैलाने के लिए पांच साल की सजा सुनाई थी।

जब सितंबर 2024 में उनकी रिहाई की तारीख आई, तो अधिकारियों ने प्री-ट्रायल डिटेंशन में उनके समय को गिनने से इनकार कर दिया और उन्हें 3 जनवरी 2027 तक हिरासत में रखने का आदेश दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाता है कि शायद मिस्र में मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार हो सकता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे मामलों में हमेशा ध्यान दिया जाए और लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रखा जाए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अला अब्द अल-फत्ताह को क्यों गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें 2014 में एक अनधिकृत विरोध प्रदर्शन में भाग लेने और पुलिस अधिकारी पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उन्हें कब रिहा किया गया?
उन्हें 23 सितंबर 2023 को रिहा किया गया।
अला अब्द अल-फत्ताह का क्या महत्व है?
वे 2011 के अरब स्प्रिंग विद्रोह के प्रमुख कार्यकर्ताओं में से एक रहे हैं और मानवाधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
क्यों उनकी रिहाई महत्वपूर्ण है?
उनकी रिहाई मिस्र में मानवाधिकारों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकती है।
क्या अला की रिहाई से अन्य कैदियों को भी रिहाई मिलेगी?
यह देखना होगा कि क्या इस कदम से अन्य कैदियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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