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वियना में राजदूत शंभू कुमारन ने ऑस्ट्रियाई इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप से की द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

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वियना में राजदूत शंभू कुमारन ने ऑस्ट्रियाई इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप से की द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

सारांश

वियना में राजदूत शंभू कुमारन की ऑस्ट्रियाई इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के साथ बैठक महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह उस कूटनीतिक गति का विस्तार है जो चांसलर स्टॉर्कर की 40 वर्षों में पहली भारत यात्रा के बाद से तेज़ हुई है। सुरक्षा, अंतरिक्ष और उभरती तकनीकों पर चर्चा बताती है कि रिश्ता अब व्यापार से आगे जा रहा है।

मुख्य बातें

कुमारन ने वियना में ऑस्ट्रियाई संसद के इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों से मुलाकात की।
बैठक में द ग्रीन्स, ओवीपी, एफपीओ और एनईओएस — चार प्रमुख दलों के सांसद शामिल हुए।
व्यापार, सस्टेनेबिलिटी, नई तकनीक के साथ-साथ सुरक्षा, रक्षा और अंतरिक्ष में सहयोग पर चर्चा हुई।
ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉर्कर ने अप्रैल 2025 में भारत का दौरा किया था — 40 वर्षों में किसी ऑस्ट्रियाई चांसलर की पहली भारत यात्रा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 की गर्मियों में वियना का दौरा किया था; दोनों देशों के 75 वर्ष के कूटनीतिक संबंध हैं।

ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू एस. कुमारन ने 27 जून 2025 को वियना में ऑस्ट्रियाई संसद के इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक की और भारत-ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की। इस बैठक में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और अंतरिक्ष सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

वियना स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि इस बैठक में ऑस्ट्रिया की नेशनल काउंसिल के कई प्रमुख सांसद उपस्थित रहे। इनमें द ग्रीन्स की अध्यक्ष एलिजाबेथ गोट्ज, ओवीपी के हेराल्ड सर्वस और एंड्रियास मिनिच, एफपीओ के डॉ. एक्सल कासेगर और गेरहार्ड कानियाक, तथा एनईओएस के यानिक शेट्टी शामिल थे।

यह बैठक इस मायने में विशेष रही कि इसमें ऑस्ट्रियाई संसद के विभिन्न दलों के प्रतिनिधि एक साथ बैठे — जो भारत के प्रति ऑस्ट्रिया की सर्वदलीय रुचि को रेखांकित करता है।

किन क्षेत्रों में हुई चर्चा

दूतावास के अनुसार, बैठक में व्यापार, पर्यावरण संरक्षण (सस्टेनेबिलिटी), नई तकनीक, आवाजाही और सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ सुरक्षा एवं रक्षा, अंतरिक्ष और उभरती तकनीकों जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनयिक संपर्क तेज़ हुए हैं।

ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉर्कर ने अप्रैल 2025 में भारत का आधिकारिक दौरा किया था — यह 40 से अधिक वर्षों में किसी ऑस्ट्रियाई संघीय चांसलर की पहली भारत यात्रा थी। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों को नई ऊँचाई देना था।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में स्टॉर्कर ने कहा था कि वह नियमों पर आधारित विश्व व्यवस्था का समर्थन करते हैं, न कि ऐसी दुनिया का जहाँ 'ताकतवर की बात ही सही मानी जाए।' उन्होंने यह भी कहा कि वे और प्रधानमंत्री मोदी इस बात पर सहमत हैं कि सभी संघर्षों का समाधान बातचीत के ज़रिए निकाला जाना चाहिए।

स्टॉर्कर ने अपनी यात्रा को भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के लिए एक 'महत्वपूर्ण पड़ाव' बताते हुए कहा था, 'पिछले 75 साल से हमारे कूटनीतिक संबंध हैं और आज ये पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत हैं।' उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 की गर्मियों में वियना का दौरा किया था।

आगे क्या

राजदूत कुमारन की इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के साथ यह बैठक दोनों देशों के बीच संसदीय स्तर पर संवाद को और गहरा करने की दिशा में एक ठोस कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की चर्चा यह संकेत देती है कि भारत-ऑस्ट्रिया संबंध अब परंपरागत व्यापारिक दायरे से आगे बढ़ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों का इस बैठक में उल्लेख होना भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है जिसमें यूरोपीय देशों के साथ परंपरागत व्यापारिक संबंधों से आगे बढ़कर सामरिक साझेदारी की जा रही है। हालाँकि, इन चर्चाओं के ठोस परिणाम अभी सामने नहीं आए हैं — असली परीक्षा यह होगी कि ये संसदीय संवाद नीतिगत प्रतिबद्धताओं में कितनी जल्दी तब्दील होते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजदूत शंभू कुमारन की ऑस्ट्रियाई इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप से बैठक में क्या हुआ?
राजदूत शंभू एस. कुमारन ने वियना में ऑस्ट्रियाई संसद के इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों से मुलाकात की और भारत-ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। बैठक में व्यापार, तकनीक, सस्टेनेबिलिटी, सुरक्षा, रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग पर चर्चा हुई।
ऑस्ट्रियाई संसद का इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप क्या है?
इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप ऑस्ट्रियाई नेशनल काउंसिल के सांसदों का एक सर्वदलीय समूह है जो भारत के साथ संसदीय संबंधों को बढ़ावा देता है। इस समूह में द ग्रीन्स, ओवीपी, एफपीओ और एनईओएस जैसे प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉर्कर की भारत यात्रा कब और क्यों हुई?
ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉर्कर ने अप्रैल 2025 में भारत का दौरा किया — यह 40 से अधिक वर्षों में किसी ऑस्ट्रियाई चांसलर की पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और तकनीक में द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना था।
भारत और ऑस्ट्रिया के कूटनीतिक संबंध कितने पुराने हैं?
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच 75 वर्षों से अधिक के कूटनीतिक संबंध हैं। चांसलर स्टॉर्कर ने अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा था कि ये संबंध आज पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रिया का दौरा कब किया था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 की गर्मियों में वियना का दौरा किया था। इसी यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनयिक संपर्क तेज़ हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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