क्या डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति के खिलाफ अमेरिका के सभी प्रांतों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं?

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क्या डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति के खिलाफ अमेरिका के सभी प्रांतों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं?

सारांश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों के खिलाफ अमेरिका के सभी 50 प्रांतों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, और शिकागो जैसे प्रमुख शहरों में बड़ी रैलियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे समूहों के प्रदर्शन भी देखे गए। क्या यह ट्रंप के लिए एक चेतावनी हो सकती है?

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों के खिलाफ अमेरिका में बड़े प्रदर्शनों की श्रृंखला चल रही है।
न्यूयॉर्क, शिकागो, और अन्य बड़े शहरों में रैलियां हो रही हैं।
प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा 'नो किंग्स' है।
कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

वाशिंगटन, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों के खिलाफ अमेरिका के सभी 50 प्रांतों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे समूहों के इकट्ठा होने से लेकर न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया और शिकागो जैसे बड़े शहरों में विशाल रैलियों का आयोजन किया गया।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लॉस एंजेल्स में सेना तैनात करने के फैसले के खिलाफ पहले ही बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो चुके हैं। इसी दौरान, उनकी आव्रजन नीतियों के खिलाफ शनिवार को पूरे देश में विरोध-प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।

अमेरिकी सेना का शनिवार को 250वां वर्षगांठ था। इस अवसर पर वाशिंगटन में ट्रंप ने एक सैन्य परेड का आयोजन किया। ट्रंप ने शनिवार को अपना 79वां जन्मदिन भी मनाया।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई समूहों ने 'नो किंग्स' के नारे के साथ विरोध-प्रदर्शन किया। ये वही समूह हैं, जिन्होंने 5 अप्रैल को 'हैंड्स ऑफ' बैनर के तहत ट्रंप प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

इस गठबंधन ने शनिवार को ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा 'सत्तावादी अतिक्रमण' के खिलाफ हुए प्रदर्शन को 'अवज्ञा का दिन' के रूप में प्रचारित किया। इस कार्यक्रम की योजना लॉस एंजेल्स और अन्य शहरों में संघीय आव्रजन छापों के खिलाफ प्रदर्शनों से पहले से चल रही थी।

वाशिंगटन में सैन्य परेड का आयोजन होने के कारण वहां विरोध-प्रदर्शन नहीं किया गया। ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि वाशिंगटन में विरोध-प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

अटलांटा में प्रदर्शनकारी लिबर्टी प्लाजा में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ संदेश वाले पोस्टर लेकर इकट्ठा हुए थे। भीड़ ने क्लासिक धुन 'टेक मी आउट टू द बॉल गेम' का विरोध संस्करण 'टेक ट्रंप आउट ऑफ द व्हाइट हाउस' के रूप में गाया।

नैशविल में टेनेसी स्टेट कैपिटॉल के पास 1,000 से अधिक लोग एकत्र हुए। इन लोगों ने निष्ठा की प्रतिज्ञा की, जो देशभक्तिपूर्ण कविता है और अमेरिका तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति निष्ठा का वादा करती है।

पुलिस के अनुसार, न्यूयॉर्क शहर में लगभग 50 हजार लोग सड़कों पर उतरकर नारे लगा रहे थे, "हमें क्या चाहिए? कोई आईसीई नहीं, हमें कब चाहिए? अभी।" प्रदर्शनकारियों ने बैनर लहराए, जिन पर लिखा था, 'कोई निर्वासन नहीं', 'ट्रंप को जाना चाहिए', "कोई न्याय नहीं, कोई शांति नहीं।"

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पुलिस द्वारा किसी भी गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली।

एक प्रदर्शनकारी एड्डी बी ने शिन्हुआ को बताया, "ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति बनकर संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि राजा बनना चाहते हैं। लेकिन, हम ऐसा नहीं होने देंगे।"

न्यूयॉर्क शहर की एक पर्यटक मिंडी डब्ल्यू ने कहा, "हमें आगे आकर उन्हें रोकना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और हमारा लोकतंत्र हमेशा के लिए खत्म हो जाए।"

कैलिफोर्निया प्रांत में, 1 लाख से अधिक प्रदर्शनकारियों ने 200 से अधिक शहरों और कस्बों में प्रदर्शन किया। 3,600 निवासियों वाले पहाड़ी शहर इडिलविल्ड में भी, लगभग 600 लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन दक्षिणी कैलिफोर्निया के तट से लगभग 35 किमी दूर एक द्वीप सांता कैटालिना तक देखा गया।

लॉस एंजेल्स में आव्रजन प्रवर्तन नियम के खिलाफ कई दिनों तक लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। शनिवार को लॉस एंजेल्स में लगभग 25 हजार लोगों ने विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया।

कैलिफोर्निया और पूरे देश में निर्वाचित नेताओं और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण रहने के लिए प्रोत्साहित किया, और 'नो किंग्स' प्रदर्शनों के आयोजकों ने प्रतिभागियों से 'अहिंसक कार्रवाई' पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

टेक्सस प्रांत के ह्यूस्टन में, आधिकारिक अनुमान के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की संख्या 15 हजार से अधिक थी। घटनास्थल पर मौजूद शिन्हुआ के रिपोर्टर के मुताबिक, उनमें से कई लैटिनो और युवा थे, जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे। एक वक्ता चिल्ला रहा था, 'कोई राजा नहीं', हमें डोनाल्ड ट्रंप को राजा के रूप में नहीं चाहिए।

एक अन्य वक्ता मीमा ने संवाददाताओं से कहा, "यह एक लोकतंत्र है, राजशाही नहीं। आईसीई छापे और सब कुछ ठीक नहीं है। हिंसा और परिवारों को अलग करना ठीक नहीं है।"

ओहायो के ग्रीनविल में, जहां डेमोक्रेट सीमित संख्या में हैं, प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में इकट्ठा होना शुरू कर दिया। उन्होंने झंडे लहराए और हाथों में पोस्टर पकड़े हुए शहर के गोल चक्कर पर एकत्र हुए। पुलिस ने चेतावनी दी कि सड़क को अवरुद्ध करने वाले किसी भी व्यक्ति को जेल जाना होगा।

मियामी में, 'नो किंग्स' के विरोध में टॉर्च ऑफ फ्रेंडशिप के पास प्रदर्शन हो रहा है, जो शहर के कैरिबियन और लैटिन अमेरिका से संबंध का प्रतीक है। इसमें कई प्रदर्शनकारी अमेरिकी झंडे लहराते दिखे।

मियामी शहर के बिस्केन बुलेवार्ड पर विरोध-प्रदर्शनों की परंपरा के अनुसार, पास से गुज़रने वाली गाड़ियां समर्थन दिखाने के लिए लगातार हॉर्न बजा रही थीं और लोग बर्तन पीट रहे थे।

न्यू जर्सी के मेयर रास बराका एक विरोध-प्रदर्शन से दूसरे की तरफ जाते रहे। उन्होंने बताया, "मुझे पता चला कि जो लोग अप्रवासियों का बचाव नहीं करते, वे मेरा भी बचाव नहीं करेंगे। हमें उस अधिकार का बचाव करना होगा और उसका जोरदार बचाव करना होगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझने की आवश्यकता है कि ये विरोध प्रदर्शन केवल ट्रंप की नीतियों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि यह अमेरिकी समाज की गहरी चिंताओं का भी प्रतीक हैं। जब लोग सड़कों पर उतरते हैं, तो यह दर्शाता है कि लोकतंत्र की आवाज़ सुनने की आवश्यकता है। इन प्रदर्शनों में शामिल लोग अपने अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं, जो कि एक स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य ट्रंप की आव्रजन नीतियों का विरोध करना और प्रवासियों के खिलाफ हो रही भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना है।
क्या प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई हुई?
हालांकि प्रदर्शन के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने चेतावनी दी कि सड़क को अवरुद्ध करने वाले व्यक्तियों को जेल भेजा जा सकता है।
इन प्रदर्शनों में कौन से समूह शामिल हैं?
इन प्रदर्शनों में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समूह शामिल हैं, जो प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक साथ आए हैं।
क्या ये प्रदर्शन लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं?
जी हाँ, ये प्रदर्शन लोकतंत्र के स्वस्थ कार्यप्रणाली का प्रतीक हैं, जहां लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं।
राष्ट्र प्रेस