अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल

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अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल

सारांश

बीजिंग में हालिया घटनाओं ने वैश्विक राजनीति में अस्थिरता ला दी है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले ने मानवता को एक बार फिर मध्य युग की ओर धकेलने का खतरा खड़ा कर दिया है।

Key Takeaways

  • अमेरिका और इजरायल का ईरान पर हमला वैश्विक चिंताओं को बढ़ा रहा है।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है।
  • आतंकी घटनाओं की वृद्धि की संभावना है।
  • दुनिया में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
  • ट्रंप के कार्यकाल में वैश्विक व्यवस्था में बदलाव आया है।

बीजिंग, ५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दूसरे विश्व युद्ध के बाद कुछ अपवादों को छोड़कर, मानवता ने सभ्यता की दिशा में निरंतर प्रगति की है। लेकिन इक्कीसवीं सदी का चौथाई हिस्सा बीतने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक बार फिर दुनिया आधुनिकता की चादर ओढ़कर मध्य युगीन बर्बरता की तरफ बढ़ रही है।

२८ फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले ने इस चिंतन को वैश्विक स्तर पर बढ़ा दिया है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह मुसावी खोमैनी समेत कई सैन्य अधिकारियों की मौत ने विश्व को एक बार फिर हिलाकर रख दिया है। कमजोर देशों में एक बार फिर भय और चिंता का माहौल उत्पन्न हो गया है। उन्हें यह डर सता रहा है कि यदि उन्होंने अमेरिका के खिलाफ कोई नीति अपनाई, तो अमेरिका अपनी रणनीति के तहत उन पर हमला कर सकता है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए जो कारण बताए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण है ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करना, उसकी मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना और वहां की मौजूदा शासन व्यवस्था को बदलना। अमेरिका का तर्क है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कगार पर था, जो कि दुनिया और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए एक 'अस्वीकार्य सुरक्षा खतरा' है। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को त्यागने का हर अवसर ठुकरा दिया था।

ईरान पर हमले के बाद आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि की संभावना है। इससे वैश्विक चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।

अमेरिका खुद को एक लोकतांत्रिक देश बताता है और पूरी दुनिया में अपने तरह का लोकतंत्र स्थापित करने का दावा करता है। लेकिन जहां भी वह हस्तक्षेप करता है, वहां वास्तविक लोकतंत्र का अभाव दिखाई देता है। ट्रंप के कार्यकाल में ऐसी कार्रवाइयों ने वैश्विक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

यह स्पष्ट है कि हालिया घटनाएँ वैश्विक राजनीति में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। अमेरिका की कार्रवाइयाँ न केवल ईरान, बल्कि अन्य देशों में भी डर और चिंता का माहौल उत्पन्न कर रही हैं। यह समय है जब देशों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के पीछे मुख्य कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, उसकी मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना और मौजूदा शासन व्यवस्था को बदलना रखा है।
इस हमले के बाद वैश्विक स्थिति क्या होगी?
यह हमला वैश्विक स्तर पर अस्थिरता को बढ़ा सकता है और आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि की संभावना है।
क्या अमेरिका वास्तव में लोकतांत्रिक है?
अमेरिका अपने आपको लोकतांत्रिक बताता है, लेकिन उसके हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप वहां लोकतंत्र की वास्तविकता नहीं दिखाई देती।
क्या ट्रंप के दौर में विश्व व्यवस्था में बदलाव हुआ?
हां, ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका की कार्रवाइयों ने वैश्विक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
ईरान के लिए यह हमला कितना महत्वपूर्ण है?
यह हमला ईरान की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा।
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