13 अक्टूबर 2026
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अल नीनो के असर से इगुआजु नदी का बहाव 6 गुना बढ़ा, अर्जेंटीना में विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात अस्थायी रूप से बंद

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अल नीनो के असर से इगुआजु नदी का बहाव 6 गुना बढ़ा, अर्जेंटीना में विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात अस्थायी रूप से बंद

सारांश

अल नीनो की मौसमी मार से इगुआजु नदी का बहाव सामान्य से 6 गुना बढ़ा, 12,000 घन मीटर प्रति सेकंड को पार कर गया। यूनेस्को विश्व धरोहर इगुआजु जलप्रपात अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा — यह 2023 और 2024 के बाद तीसरी बार है।

मुख्य बातें

इगुआजु नदी का बहाव 13 अक्टूबर 2026 को 12,000 घन मीटर प्रति सेकंड से अधिक पहुँचा — सामान्य से 6 गुना से भी अधिक।
अर्जेंटीना के इगुआजु राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी गई।
निदेशक जोस मारिया एर्वास ने पर्यटक सुरक्षा के लिए एहतियाती बंदी को जरूरी बताया।
जलस्तर में गिरावट के बाद मंगलवार, 14 अक्टूबर को स्थानीय सुबह 9 बजे से क्षेत्र फिर खोला गया।
वर्ष 2023 और 2024 में भी अल नीनो के कारण यही जलप्रपात क्षेत्र बंद किया जा चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2026-27 का अल नीनो काफी शक्तिशाली हो सकता है।

अर्जेंटीना में अल नीनो से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण हुई भारी बारिश से इगुआजु नदी का जलस्तर सामान्य से 6 गुना से भी अधिक बढ़ गया, जिसके चलते इगुआजु राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने पर्यटकों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया। जलस्तर में क्रमिक गिरावट आने के बाद मंगलवार, 14 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे से क्षेत्र पुनः पर्यटकों के लिए खोल दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को इगुआजु नदी में पानी का बहाव 12,000 घन मीटर प्रति सेकंड से अधिक पहुँच गया था — जो सामान्य परिस्थितियों की तुलना में असाधारण रूप से अधिक था। नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित बांधों से भी पानी छोड़ा जा रहा था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। यह ऐसे समय में आया जब मौसम वैज्ञानिक पहले से ही 2026-27 के अल नीनो को काफी शक्तिशाली मान रहे थे।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इगुआजु राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक जोस मारिया एर्वास ने कहा कि लगातार बारिश हो रही थी और नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित बांधों से पानी का बहाव भी कम नहीं हो रहा था, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी था। प्रशासन ने जलस्तर और पर्यटक मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और स्थिति सामान्य होने पर ही क्षेत्र खोलने का निर्णय लिया।

अल नीनो का प्रभाव

अल नीनो एक जलवायु संबंधी घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हवाओं, बारिश और मौसम के सामान्य पैटर्न में व्यापक बदलाव आ सकता है। अर्जेंटीना के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने पिछले महीने देश के तटीय क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की थी और इन परिस्थितियों की तुलना मजबूत अल नीनो घटनाओं से की थी।

पहले भी हो चुका है ऐसा

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अल नीनो ने इगुआजु जलप्रपात क्षेत्र को प्रभावित किया हो। वर्ष 2023 और 2024 में भी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अर्जेंटीना की ओर स्थित राष्ट्रीय उद्यान को बंद करना पड़ा था। इस बार की घटना उस श्रृंखला की एक और कड़ी है, जो जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में इस विश्व धरोहर स्थल की बढ़ती संवेदनशीलता को रेखांकित करती है।

इगुआजु जलप्रपात: एक परिचय

इगुआजु जलप्रपात अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर स्थित है और लगभग 2,700 मीटर की चौड़ाई में फैला हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े और प्राकृतिक रूप से समृद्ध जलप्रपातों में गिने जाने वाले इस स्थल को यूनेस्को ने विश्व के प्रमुख प्राकृतिक विरासत स्थलों में शामिल किया है। हर साल लाखों पर्यटक यहाँ आते हैं। बार-बार होने वाली ऐसी बंदी घटनाएँ स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था के साथ-साथ इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर की दीर्घकालिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

2024 और अब 2026 — महज एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि एक ढाँचागत चेतावनी है। अल नीनो की बढ़ती तीव्रता और बांधों के जल प्रबंधन के बीच तालमेल की कमी इस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के दीर्घकालिक संरक्षण को चुनौती दे रही है। मुख्यधारा की कवरेज बंदी और पुनः खुलने पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि जलवायु परिवर्तन से प्रेरित अल नीनो घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने पर अर्जेंटीना और ब्राजील के साझा प्रशासन के पास कोई दीर्घकालिक प्रबंधन योजना है या नहीं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इगुआजु जलप्रपात को अस्थायी रूप से क्यों बंद किया गया?
अल नीनो से जुड़ी भारी बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण इगुआजु नदी का बहाव 12,000 घन मीटर प्रति सेकंड से अधिक हो गया, जो सामान्य से 6 गुना से भी अधिक था। पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने एहतियातन प्रवेश पर रोक लगाई।
इगुआजु जलप्रपात कब दोबारा खोला गया?
जलस्तर में क्रमिक गिरावट आने के बाद मंगलवार, 14 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे से पर्यटकों के लिए क्षेत्र पुनः खोल दिया गया। अधिकारियों ने पर्यटक मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के बाद यह निर्णय लिया।
अल नीनो का इगुआजु जलप्रपात पर क्या असर पड़ता है?
अल नीनो एक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे दक्षिण अमेरिका में सामान्य से अधिक बारिश होती है। अर्जेंटीना में यह बारिश इगुआजु नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ा देती है, जिससे जलप्रपात क्षेत्र बंद करना पड़ता है।
क्या इगुआजु जलप्रपात पहले भी बंद किया जा चुका है?
हाँ, वर्ष 2023 और 2024 में भी अल नीनो के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अर्जेंटीना की ओर स्थित इगुआजु राष्ट्रीय उद्यान को बंद करना पड़ा था। अक्टूबर 2026 की यह घटना इस श्रृंखला की तीसरी बड़ी बंदी है।
इगुआजु जलप्रपात कहाँ स्थित है और इसका महत्व क्या है?
इगुआजु जलप्रपात अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर स्थित है और लगभग 2,700 मीटर की चौड़ाई में फैला है। यूनेस्को ने इसे विश्व प्राकृतिक विरासत स्थलों में शामिल किया है और यहाँ हर साल लाखों पर्यटक आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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