कोयना बांध के 6 गेट शाम 5 बजे खुलेंगे, 6,129 क्यूसेक पानी कोयना नदी में छोड़ा जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में 30 जुलाई को लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बांध का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। जलस्तर को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने शाम 5 बजे बांध के 6 रेडियल गेट 1 फुट तक खोलने का निर्णय लिया है, जिससे 5,079 क्यूसेक पानी कोयना नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जलगांव जिले के गिरना डैम में भी जलस्तर 94 प्रतिशत तक पहुँच गया है।
कोयना बांध से कुल जलप्रवाह
फिलहाल कोयना बांध के पाद विद्युत गृह (केडीपीएच) का एक यूनिट चालू है, जिसके ज़रिए 1,050 क्यूसेक पानी पहले से नदी में छोड़ा जा रहा है। गेट खुलने के बाद कोयना नदी में कुल 6,129 क्यूसेक पानी का प्रवाह शुरू हो जाएगा। प्रशासन के अनुसार, वर्षा की तीव्रता और बांध में आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर आगे जलविसर्ग और बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन की चेतावनी और सावधानियाँ
बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कोयना नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे नागरिकों से सतर्क रहने और नदी में प्रवेश न करने की अपील की है। नदी तट के गाँवों के ग्राम प्रशासन तथा संबंधित विभागों को भी आवश्यक एहतियात बरतने और स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गिरना डैम: आठ दिनों में 54% की उछाल
जलगांव जिले के बड़े हिस्से की जीवनरेखा माने जाने वाले गिरना डैम में 30 जुलाई की सुबह तक 94 प्रतिशत जल भंडारण हो चुका है। वर्तमान में डैम में करीब 3,000 क्यूसेक पानी आ रहा है, जिससे यह जल्द ही पूरी क्षमता तक भरकर ओवरफ्लो हो सकता है। गौरतलब है कि 22 जुलाई को गिरना डैम में जल भंडारण मात्र 40.38 प्रतिशत था, लेकिन ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सिर्फ आठ दिनों में जलस्तर 54 प्रतिशत बढ़ गया।
किसानों को राहत, आगे का फैसला स्थिति पर निर्भर
गिरना डैम के जलस्तर में इस उल्लेखनीय वृद्धि से भड़गांव, पचोरा, चालीसगांव और जलगांव तालुका के किसानों एवं स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है, जो गिरना प्रोजेक्ट पर सिंचाई और जल आपूर्ति के लिए निर्भर हैं। यदि डैम ओवरफ्लो की स्थिति में पहुँचता है, तो प्रशासन पानी छोड़ने का निर्णय ले सकता है। स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नज़र बनी हुई है।