5 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उजनी बांध से भीमा नदी में डिस्चार्ज घटाकर 1 लाख क्यूसेक, पंढरपुर-मालशिरस में अलर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उजनी बांध से भीमा नदी में डिस्चार्ज घटाकर 1 लाख क्यूसेक, पंढरपुर-मालशिरस में अलर्ट

सारांश

उजनी बांध में जलआवक घटने के बाद 5 अगस्त को भीमा नदी में डिस्चार्ज 1 लाख क्यूसेक किया गया। पुणे के खड़कवासला, पानशेत और वरसगांव बांध 100% भरे हैं। पंढरपुर, मालशिरस और मंगलवेढा में बाढ़ का खतरा बरकरार, प्रशासन ने नदी किनारे के निवासियों को सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

उजनी बांध से भीमा नदी में डिस्चार्ज 5 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे से घटाकर 1,00,000 क्यूसेक किया गया।
बांध में जलआवक कम होने पर आगे भी डिस्चार्ज में कटौती संभव — उजनी बांध प्रबंधन विभाग ।
पंढरपुर , मालशिरस और मंगलवेढा तालुका में भीमा नदी किनारे के किसानों के लिए बाढ़ का खतरा।
पुणे के खड़कवासला , पानशेत और वरसगांव बांध 100% क्षमता तक भरे।
पवना बांध से 5,720 क्यूसेक और मुल्शी बांध से 6,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
3 अगस्त को खड़कवासला से डिस्चार्ज बढ़ाकर 24,287 क्यूसेक किया गया था।

महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उजनी बांध में पानी की आवक कम होने के बाद बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे IST से भीमा नदी में छोड़े जाने वाले पानी का डिस्चार्ज घटाकर 1,00,000 क्यूसेक कर दिया गया है। उजनी बांध प्रबंधन विभाग के अनुसार, इससे पहले नदी में इससे अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था, किंतु जलप्रवाह में गिरावट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

डिस्चार्ज में कमी का कारण

उजनी बांध प्रबंधन विभाग ने बताया कि बांध में ऊपर से आने वाले पानी की मात्रा में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसी के अनुरूप स्पिलवे से छोड़े जाने वाले पानी को नियंत्रित किया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगामी दिनों में बांध में जलआवक और कम होती है, तो भीमा नदी में डिस्चार्ज की मात्रा में और कटौती की जा सकती है।

पंढरपुर, मालशिरस और मंगलवेढा में बाढ़ का खतरा

मंगलवार शाम को उजनी बांध से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाए जाने के बाद पंढरपुर, मालशिरस और मंगलवेढा तालुका में भीमा नदी के किनारे रहने वाले किसानों के लिए बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया था। प्रशासन ने नदी किनारे बसे नागरिकों और किसानों से नदी के जलस्तर पर नज़र रखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

पुणे के प्रमुख बांधों की स्थिति

मानसून की लगातार बारिश के कारण पुणे को जलापूर्ति करने वाले तीन प्रमुख बांध — खड़कवासला, पानशेत और वरसगांव — अपनी पूर्ण क्षमता (100 प्रतिशत) तक भर चुके हैं, जिससे इन बांधों से पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है। इस क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण बांध भी अपनी अधिकतम क्षमता के निकट पहुँच रहे हैं।

जलस्तर नियंत्रण के उद्देश्य से पवना बांध से 5,720 क्यूसेक और मुल्शी बांध से 6,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों ने मुथा नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के तल से दूर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

खड़कवासला बांध का हालिया घटनाक्रम

3 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, खड़कवासला बांध में जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण अधिकारियों को डिस्चार्ज में 16,247 क्यूसेक की वृद्धि करनी पड़ी, जिससे दोपहर 12 बजे तक कुल डिस्चार्ज 24,287 क्यूसेक हो गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बारिश की तीव्रता और जलप्रवाह की स्थिति के अनुसार डिस्चार्ज दर में आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब पूरे महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय है और कई नदियाँ उफान पर हैं। भीमा नदी के किनारे बसे गाँवों में निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने की ज़रूरत है। प्रशासन की नज़र बांधों की जलआवक पर बनी हुई है और स्थिति के अनुसार डिस्चार्ज में फेरबदल जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मानसून प्रबंधन की उस पुरानी चुनौती को उजागर करती है जिसमें बांध प्रबंधन और निचले इलाकों की तैयारी के बीच तालमेल अक्सर पिछड़ जाता है। पंढरपुर जैसे धार्मिक और कृषि-प्रधान क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा हर साल दोहराया जाता है, फिर भी पूर्व-चेतावनी प्रणाली और नदी किनारे के पुनर्वास की नीति अधूरी बनी हुई है। खड़कवासला, पानशेत और वरसगांव का एक साथ 100% भरना यह दर्शाता है कि जलाशय नीति में समन्वित संचालन की ज़रूरत है, न कि प्रतिक्रियात्मक डिस्चार्ज। बिना दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना के, यह चक्र हर मानसून में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उजनी बांध से भीमा नदी में डिस्चार्ज क्यों घटाया गया?
उजनी बांध में ऊपर से आने वाले पानी की मात्रा (जलआवक) में कमी आने के कारण 5 अगस्त 2026 को डिस्चार्ज घटाकर 1,00,000 क्यूसेक किया गया। उजनी बांध प्रबंधन विभाग के अनुसार, जलप्रवाह की स्थिति के अनुसार आगे भी बदलाव संभव है।
भीमा नदी में बाढ़ का खतरा किन इलाकों में है?
पंढरपुर, मालशिरस और मंगलवेढा तालुका में भीमा नदी के किनारे रहने वाले किसानों और नागरिकों को बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने सभी से नदी के जलस्तर पर नज़र रखने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पुणे के प्रमुख बांधों की अभी क्या स्थिति है?
पुणे को जलापूर्ति करने वाले खड़कवासला, पानशेत और वरसगांव बांध मानसून की लगातार बारिश के चलते 100% क्षमता तक भर चुके हैं। पवना बांध से 5,720 क्यूसेक और मुल्शी बांध से 6,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
खड़कवासला बांध से पहले कितना पानी छोड़ा गया था?
3 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, खड़कवासला बांध में जलस्तर तेज़ी से बढ़ने पर डिस्चार्ज में 16,247 क्यूसेक की वृद्धि की गई, जिससे दोपहर 12 बजे तक कुल डिस्चार्ज 24,287 क्यूसेक हो गया था।
मुथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को क्या सलाह दी गई है?
अधिकारियों ने मुथा नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के तल से दूर रहने और पानी छोड़े जाने के दौरान सरकारी सलाहों का पालन करने की हिदायत दी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 11 महीने पहले