11 अगस्त 2026
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मेट्टूर बांध में कावेरी का बहाव बढ़कर 7,151 क्यूसेक, कर्नाटक जलाशयों से छोड़े पानी का असर

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मेट्टूर बांध में कावेरी का बहाव बढ़कर 7,151 क्यूसेक, कर्नाटक जलाशयों से छोड़े पानी का असर

सारांश

कर्नाटक के काबिनी और KRS जलाशयों से छोड़े गए पानी का असर तमिलनाडु में दिखा — मेट्टूर बांध में कावेरी का बहाव 11 अगस्त को 7,151 क्यूसेक पहुँच गया। डेल्टा जिलों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए यह बढ़ोतरी अहम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

मेट्टूर बांध में कावेरी का बहाव 11 अगस्त को 5,760 क्यूसेक से बढ़कर 7,151 क्यूसेक हो गया।
काबिनी जलाशय से 1 अगस्त से पानी छोड़ा जा रहा है; एक चरण में बहाव 27,000 क्यूसेक तक पहुँचा था।
कृष्ण राज सागर (KRS) से करीब 1,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु की ओर छोड़ा गया।
पानी होगेनक्कल के रास्ते तमिलनाडु में प्रवेश कर रहा है; बहाव में बढ़ोतरी दर्ज।
मेट्टूर बांध से पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद।

कर्नाटक के प्रमुख जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद कावेरी नदी का जलस्तर बढ़ा और तमिलनाडु के मेट्टूर बांध में पानी का बहाव मंगलवार, 11 अगस्त को 5,760 क्यूसेक से उछलकर 7,151 क्यूसेक पर पहुँच गया। होगेनक्कल के रास्ते तमिलनाडु में प्रवेश करने वाले इस बढ़े हुए प्रवाह से कावेरी डेल्टा क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

बहाव में बढ़ोतरी की वजह

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के तेज होने से कावेरी के जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कर्नाटक के बड़े जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी। इसी के चलते काबिनी जलाशय से 1 अगस्त से कावेरी में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। एक चरण में कैचमेंट एरिया में भारी वर्षा के कारण काबिनी से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर लगभग 27,000 क्यूसेक तक कर दी गई थी।

कृष्ण राज सागर (KRS) जलाशय से भी पानी छोड़ा गया, जिसमें से करीब 1,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु की ओर प्रवाहित किया गया। इससे कावेरी में कुल बहाव और मजबूत हुआ।

कर्नाटक ने घटाया छोड़ा जाने वाला पानी

बाद में कैचमेंट एरिया में बारिश की तीव्रता कम होने से कर्नाटक के जलाशयों में पानी की आवक घटी। इसके बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों की ओर छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को क्रमशः कम करना शुरू किया। हालाँकि, इससे पहले ही छोड़ा जा चुका पानी निचले इलाकों की ओर बढ़ता रहा और होगेनक्कल के रास्ते तमिलनाडु में पहुँचता रहा, जिसके कारण मंगलवार सुबह होगेनक्कल में दर्ज बहाव 5,760 क्यूसेक से बढ़कर 7,151 क्यूसेक हो गया।

मेट्टूर बांध का महत्व

मेट्टूर बांध तमिलनाडु के जल प्रबंधन तंत्र की धुरी है, विशेष रूप से कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई के लिए। फिलहाल बांध से निचले इलाकों में पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए लगभग 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मॉनसून के दौरान इस बांध के भंडारण स्तर और आवक पर प्रशासन की कड़ी नजर रहती है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में कर्नाटक के जलाशयों में बारिश और छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा के साथ-साथ होगेनक्कल और मेट्टूर तक पहुँचने वाले प्रवाह पर निगरानी जारी रहेगी। बढ़े हुए बहाव से कावेरी डेल्टा क्षेत्र में जल उपलब्धता में सुधार की संभावना जताई जा रही है, जो किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 क्यूसेक की रिहाई और फिर उसे घटाना — यह दर्शाता है कि अंतर-राज्यीय जल साझेदारी में तकनीकी समन्वय तो है, लेकिन दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे की कमी बनी हुई है। कावेरी जल विवाद का इतिहास देखते हुए, इस मौसमी राहत को स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता — डेल्टा किसानों की निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक जल स्रोतों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों में निवेश की ज़रूरत अभी भी अनदेखी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेट्टूर बांध में पानी का बहाव अचानक क्यों बढ़ा?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के तेज होने से कावेरी के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश हुई, जिससे कर्नाटक के काबिनी और KRS जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी और वहाँ से पानी छोड़ा गया। यह पानी होगेनक्कल के रास्ते तमिलनाडु पहुँचा, जिससे मेट्टूर बांध में बहाव 7,151 क्यूसेक हो गया।
काबिनी जलाशय से कितना पानी छोड़ा गया?
कर्नाटक ने 1 अगस्त से काबिनी जलाशय से कावेरी में पानी छोड़ना शुरू किया। भारी वर्षा के दौरान एक समय यह बहाव लगभग 27,000 क्यूसेक तक पहुँच गया था, हालाँकि बाद में बारिश कम होने पर इसे घटाया गया।
मेट्टूर बांध तमिलनाडु के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मेट्टूर बांध तमिलनाडु के जल प्रबंधन तंत्र का केंद्रबिंदु है और कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई की जीवनरेखा है। इससे पेयजल आपूर्ति के लिए भी पानी छोड़ा जाता है — फिलहाल लगभग 1,500 क्यूसेक।
होगेनक्कल में पानी की स्थिति क्या है?
मंगलवार सुबह दर्ज रीडिंग के अनुसार होगेनक्कल में कावेरी का बहाव 5,760 क्यूसेक से बढ़कर 7,151 क्यूसेक हो गया। कर्नाटक से पानी की रिहाई घटने के बावजूद पहले छोड़ा गया पानी निचले इलाकों में पहुँचता रहा।
आने वाले दिनों में कावेरी के बहाव का क्या अनुमान है?
अधिकारियों के अनुसार कर्नाटक में बारिश और जलाशयों से छोड़े जाने वाले पानी पर निगरानी जारी है। बढ़े हुए बहाव से कावेरी डेल्टा क्षेत्र में जल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन स्थिति मॉनसून की गति पर निर्भर रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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