पाकिस्तान के मंत्री ने इमरान खान की बहनों को शर्म से मर जाने की सलाह क्यों दी?
सारांश
Key Takeaways
- अत्ताउल्लाह तरार का विवादास्पद बयान
- इमरान खान की बहनों पर आरोप
- भारत और अफगान मीडिया पर निशाना
- पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में अस्थिरता
- इमरान खान की सेहत पर मंत्री का दावा
इस्लामाबाद, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने पूर्व वजीर-ए-आजम और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान के प्रति उठ रहे सवालों को बर्दाश्त नहीं करते हुए रविवार को एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने इमरान खान की बहनों को "शर्म से मर जाने" की सलाह दी है।
तरार ने अपनी बात को सही ठहराते हुए भारत की मीडिया पर आरोप लगाया है। उनकी नजरें इमरान खान की तीन बहनों पर हैं, लेकिन उनका निशाना अफगानी और भारतीय मीडिया पर है।
मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार, सूचना मंत्री ने इमरान खान की बहनों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टी पीटीआई हमारी नीतियों का विरोध करने में असफल है और इसीलिए अनर्गल तरीकों का सहारा ले रही है।
तरार ने विदेशी मीडिया पर इमरान की बहनों के बयानों को निशाना बनाते हुए कहा, “ये बहनें भारतीय चैनल और अफगान चैनल पर जाकर अपने भाई के लिए क्यों रो रही हैं? लेकिन अपने देश के शहीदों के बारे में बात नहीं कर रही हैं, जबकि एक कैदी (इमरान खान) के उत्पीड़न पर रो रही हैं जो भ्रष्टाचार के मामले में शामिल है?”
उनका कहना है कि किसी दूसरे देश के चैनल पर जाकर अपनी बात रखना गलत है और उन्हें "शर्म से मर जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, “जो लोग दूसरे देश के चैनल पर जाकर पाकिस्तान को बदनाम करते हैं, उन्हें शर्म से मर जाना चाहिए।”
तरार ने यह भी कहा कि विदेशी मीडिया ने उन्हें प्लेटफॉर्म इसलिए दिया क्योंकि उन्हें पता था कि "इस परिवार और पार्टी की सोच पाकिस्तान के खिलाफ है।"
पाकिस्तानी मंत्री ने यह दावा भी किया कि परिवार इमरान की सेहत को लेकर "हाइप" बना रहा है। उन्होंने कहा, "मैं आपको यकीन दिलाता हूं: वह ठीक-ठाक हैं। कोई दिक्कत नहीं है। वह हर दिन एक घंटे ट्रेडमिल पर दौड़ते हैं।"
हाल ही में इमरान की बहनों ने अदियाला जेल के बाहर अपने भाई से मिलने की मांग उठाते हुए धरना दिया था। इसके बाद पीटीआई के अन्य सदस्य भी इजाजत न मिलने पर वहीं बैठ गए थे। पीटीआई के अनुसार, अलीमा खान, डॉ. उज़मा खान और नोरीन जेल के बाहर “शांति से बैठी थीं” जब पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें "हिंसक तरीके से हिरासत में लिया।" इसे लेकर कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिससे पूरी दुनिया ने सवाल उठाए थे।