ऑस्ट्रेलिया में 1 जुलाई से बिजली सस्ती: NSW में 5% तक, क्वींसलैंड में 7.2% की कटौती
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलियन एनर्जी रेगुलेटर (AER) ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2026 से देश के अधिकांश घरों और छोटे कारोबारों के लिए बिजली की दरें कम हो जाएंगी। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उत्पादन और थोक बिजली लागत में गिरावट को इसका मुख्य कारण बताया गया है।
राज्यवार बदलाव: किसे कितनी राहत
न्यू साउथ वेल्स (NSW) में घरेलू बिजली दरें 3.4% से 5% तक घटेंगी, जबकि क्वींसलैंड में उपभोक्ताओं को 7.2% की सबसे बड़ी राहत मिलेगी। हालाँकि साउथ ऑस्ट्रेलिया में स्थिति थोड़ी भिन्न रहेगी — वहाँ कीमतें लगभग 1.4% बढ़ने का अनुमान है।
छोटे व्यवसायों के लिए तीनों प्रमुख क्षेत्रों — NSW, क्वींसलैंड और साउथ ऑस्ट्रेलिया — में बिजली की दरें कम होंगी। AER ने स्पष्ट किया कि डिफॉल्ट मार्केट ऑफर (DMO) एक सुरक्षा मूल्य और बेंचमार्क दर है, जो स्टैंडर्ड बिजली प्लान पर बने ग्राहकों पर लागू होती है।
नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका
जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने कहा कि यह मूल्य कटौती उस बड़े बदलाव के अनुरूप है जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया के मुख्य बिजली ग्रिड ने 2025 के अंत में 50% से अधिक बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज सिस्टम के विस्तार से कोयले पर निर्भरता घट रही है, जिससे थोक बिजली दरें नीचे आ रही हैं।
AER की अध्यक्ष क्लेयर सैवेज ने कहा कि थोक बिजली लागत में कमी, कीमतों में स्थिरता और पवन ऊर्जा व बैटरी जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बढ़े उत्पादन ने मिलकर यह गिरावट संभव की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्य पूर्व संघर्ष की अनिश्चितता के बावजूद थोक बिजली कीमतें कम हुई हैं — जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए एक उल्लेखनीय संकेत है।
DMO का दायरा और सीमाएँ
गौरतलब है कि नॉर्दर्न टेरिटरी, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया, तस्मानिया और क्वींसलैंड के कुछ ग्रामीण क्षेत्र अलग मूल्य-निर्धारण प्रणालियों के अंतर्गत आते हैं और इस DMO के दायरे में नहीं हैं। फिर भी DMO को पूरे ऑस्ट्रेलिया में बिजली दरों का एक महत्त्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
नई 'सोलर शेयरर ऑफर' पहल
AER ने एक नया 'सोलर शेयरर ऑफर' भी पेश किया है। इसके अंतर्गत बिजली कंपनियों को ऐसे प्लान उपलब्ध कराने होंगे जिनमें स्मार्ट मीटर वाले ग्राहकों को दिन के समय — विशेषकर दोपहर में तीन घंटे तक — मुफ्त बिजली मिलेगी। इसका उद्देश्य देश में उपलब्ध अतिरिक्त सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
आगे की राह
यह बदलाव ऑस्ट्रेलिया की ऊर्जा नीति में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ है — जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा अब केवल पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब पर भी सीधा असर डाल रही है। आने वाले वर्षों में यदि ग्रिड में नवीकरणीय हिस्सेदारी और बढ़ी, तो बिजली दरों में और कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।