वेस्ट बैंक सेटलर हिंसा पर ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: 3 इजरायली नागरिकों और 4 संस्थाओं पर प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 2 जून 2026 को वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के विरुद्ध बढ़ती सेटलर हिंसा के जवाब में तीन इजरायली नागरिकों और चार संस्थाओं पर औपचारिक प्रतिबंध लगा दिए। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सेटलर हिंसा इजरायल की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि — दोनों को नुकसान पहुँचाती है।
प्रतिबंधों में क्या शामिल है
विदेश मंत्री पेनी वोंग के अनुसार, प्रतिबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं पर वित्तीय प्रतिबंध लागू होंगे — अर्थात कोई भी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक या संस्था उन्हें धन या संपत्ति हस्तांतरित नहीं कर सकेगी। इसके अतिरिक्त, प्रतिबंधित व्यक्तियों के ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
वोंग ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित संस्थाओं में ऐसे कृषि आउटपोस्ट भी शामिल हैं, जो कथित तौर पर सेटलर हिंसा के केंद्र के रूप में काम करते हैं। उनके शब्दों में, 'सेटलर हिंसा का इस्तेमाल फिलिस्तीनियों को उनके घरों से हटाने और बस्ती विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है।'
हिंसा की प्रकृति और गंभीरता
वोंग ने सेटलर हिंसा के स्वरूप का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसमें संपत्ति का विनाश, परिवारों का जबरन विस्थापन, मारपीट, यौन हिंसा और यातना शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर चोटें और मौतें भी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय में वेस्ट बैंक की स्थिति को लेकर चिंता लगातार गहरी होती जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय समन्वय और पृष्ठभूमि
ऑस्ट्रेलिया ने यह कदम न्यूजीलैंड सहित अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर उठाया है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मई में ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, नॉर्वे, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के नेताओं के साथ मिलकर वेस्ट बैंक में बढ़ती इजरायली बस्ती गतिविधियों को रोकने की संयुक्त अपील की थी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी उस संयुक्त बयान में कहा गया था कि वेस्ट बैंक की स्थिति 'काफी बिगड़ चुकी है' और सेटलर हिंसा अस्वीकार्य स्तर तक पहुँच गई है। नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियाँ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अवैध हैं।
ई-1 क्षेत्र और दो-राष्ट्र समाधान
उस संयुक्त बयान में विशेष रूप से ई-1 इलाके में निर्माण गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई थी। नेताओं के अनुसार, इस क्षेत्र में निर्माण से वेस्ट बैंक भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में विभाजित हो सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन होगा। कंपनियों से अपील की गई कि वे ई-1 या अन्य बस्ती विकास परियोजनाओं के निर्माण टेंडर में भाग न लें, क्योंकि इससे कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़े जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
बयान में दो-राष्ट्र समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिसके तहत इजरायल और फिलिस्तीन शांति और सुरक्षा के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।
आगे क्या होगा
वोंग ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध इजरायल और फिलिस्तीन — दोनों की सुरक्षा और भविष्य के प्रति ऑस्ट्रेलिया की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के इस बढ़ते दौर में अन्य पश्चिमी देशों द्वारा भी इसी तरह के कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।