बॉन्डी बीच गोलीबारी के बाद ऑस्ट्रेलिया की राजधानी 'गन बायबैक' योजना में शामिल, कानून हुए सख्त
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने 22 अगस्त 2026 को घोषणा की कि ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (एसीटी) अब देशव्यापी 'गन बायबैक' योजना में शामिल हो गई है — यह कदम 14 दिसंबर 2025 को सिडनी के बॉन्डी बीच पर एक यहूदी उत्सव के दौरान हुई भीषण सामूहिक गोलीबारी के बाद उठाया गया है। उस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जो 1996 के बाद ऑस्ट्रेलिया की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी थी।
मुख्य घटनाक्रम
संघीय सरकार ने जनवरी 2026 में 'गन बायबैक' योजना से संबंधित कानून संसद में पेश किए थे। एसीटी ने शुरुआत से ही इस योजना में भागीदारी की इच्छा जताई थी, लेकिन वित्तपोषण को लेकर केंद्र सरकार के साथ बातचीत चल रही थी। अब अंतिम समझौते के तहत संघीय सरकार बायबैक और प्रशासनिक खर्चों का 75 प्रतिशत वहन करेगी, जबकि हथियारों को नष्ट करने की पूरी लागत केंद्र सरकार स्वयं उठाएगी।
इस निर्णय के साथ एसीटी, ऑस्ट्रेलिया के आठ राज्यों और क्षेत्रों में से दूसरा क्षेत्र बन गया है जिसने इस योजना को अपनाया है। इससे पहले अगस्त 2026 की शुरुआत में न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) इसमें शामिल हुआ था।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री अल्बानीज ने कहा, 'राष्ट्रीय स्तर पर गन रिफॉर्म यह सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है कि बॉन्डी जैसी यहूदी-विरोधी आतंकवादी घटना दोबारा न हो।' उन्होंने एसीटी सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दोनों मिलकर 'सड़कों से हथियार हटाने की दिशा में काम कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया में बंदूक नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय बहस फिर से तेज हो गई है। 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद भी ऑस्ट्रेलिया ने इसी तरह की बायबैक योजना लागू की थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी माना गया था।
एसीटी में हथियारों की स्थिति
अल्बानीज ने बताया कि एसीटी में इस समय लगभग 23,000 बंदूकें हैं और 7,000 से अधिक लोगों के पास वैध हथियार लाइसेंस हैं। यह आँकड़ा इस बात का संकेत देता है कि योजना के तहत कितने हथियारों को वापस लिया जा सकता है।
बायबैक योजना के चरण
एनएसडब्ल्यू सरकार के अनुसार, बायबैक योजना के पहले चरण में — जो 2 नवंबर 2026 से शुरू होगा — जमा कराई गई बंदूकों के बदले अधिकतम 1,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 717 अमेरिकी डॉलर) तक का मुआवजा दिया जाएगा।
दूसरे चरण में — जो 2027 की शुरुआत में लागू होगा — अधिक मूल्य वाले हथियार जमा कराने पर अधिकतम 10,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 7,170 अमेरिकी डॉलर) तक का भुगतान किया जाएगा।
क्या होगा आगे
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेष छह राज्य और क्षेत्र इस योजना में कब और किन शर्तों पर शामिल होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने हथियार-धारक स्वेच्छा से अपने हथियार सौंपते हैं। ऑस्ट्रेलिया की यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंदूक नियंत्रण नीति के एक नए अध्याय के रूप में देखी जा रही है।