बालेंद्र शाह: नेपाल के नए प्रधानमंत्री की शपथ ग्रहण की तैयारी, 2022 में प्रारंभ हुआ राजनीतिक सफर
सारांश
Key Takeaways
- बालेंद्र शाह का प्रधानमंत्री पद के लिए चयन महत्वपूर्ण है।
- शपथ ग्रहण समारोह में विशेष अनुष्ठान होंगे।
- उन्हें 68,348 वोट मिले, जो एक रिकॉर्ड है।
- राजनीति में उनके प्रवेश ने नई पीढ़ी के नेताओं को प्रेरित किया है।
- उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि उनके कार्यों को प्रभावित कर सकती है।
काठमांडू, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने गुरुवार को प्रमुख नेता बालेंद्र शाह को अपनी संसदीय दल का नेता घोषित किया है, जिससे उनका प्रधानमंत्री बनने का रास्ता प्रशस्त हुआ है।
पार्टी ने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार बना कर चुनाव में उतारा था। बालेंद्र शाह ने 5 मार्च को हुए संसदीय चुनावों में शानदार जीत दर्ज की और प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से 182 सीटें अपने नाम कीं।
शुक्रवार को, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के सामने हिंदू परंपरा के अनुसार आयोजित एक विशेष समारोह में बालेंद्र शाह प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
आरएसपी की केंद्रीय समिति ने गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया कि बालेंद्र शाह, जो काठमांडू महानगरपालिका के पूर्व मेयर रह चुके हैं, को संसदीय दल का नेता नियुक्त किया जाए। यह निर्णय विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद लागू होगा।
पार्टी के विधान के अनुसार, केवल संसदीय दल का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है।
28 दिसंबर 2022 को आरएसपी अध्यक्ष रबी लामिछाने और शाह के बीच सहमति के अनुसार, पार्टी ने अपने 182 विधायकों के समर्थन के साथ शाह को प्रधानमंत्री पद के लिए औपचारिक रूप से अनुमोदित किया।
चुनावों में शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 49,614 वोटों के बड़े अंतर से हराया। बालेंद्र शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोट मिले। यह 1991 के बाद से नेपाल के संसदीय चुनावों में किसी भी उम्मीदवार द्वारा प्राप्त सबसे अधिक वोटों की संख्या है।
बालेंद्र शाह प्रधानमंत्री पद की शपथ एक विशेष अनुष्ठान के तहत लेंगे। समारोह 12:34 बजे निर्धारित किया गया है, जिसमें सात शंख वादक शंखनाद करेंगे, जो किसी भी शुभ कार्य की सफलता का प्रतीक माना जाता है।
शपथ ग्रहण के दौरान अन्य अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जाएगा। 108 बटुक (वैदिक पुरोहित) स्वस्ति शांति का पाठ करेंगे, जबकि 16 बौद्ध भिक्षु अष्टमंगल का जाप करेंगे, जिसे हिंदू और बौद्ध परंपरा में शुभ माना जाता है।
बालेंद्र शाह ने 2022 में राजनीति में कदम रखा, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और विजयी हुए।
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में मधेसी परिवार में जन्मे शाह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा काठमांडू में प्राप्त की और बाद में भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से संरचनात्मक अभियांत्रिकी में मास्टर डिग्री हासिल की।
उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ने उन्हें अवसंरचना, शहरी विकास और सार्वजनिक कार्यों की व्यावहारिक समझ प्रदान की, जिसने उन्हें काठमांडू महानगरपालिका के मेयर के रूप में उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को आकार देने में सहायता की।
बालेंद्र शाह की यात्रा एक नई पीढ़ी के राजनेता के उदय को दर्शाती है, जो हाल के वर्षों में तेजी से नेपाल के राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में उभरे हैं।