क्या बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ' की वर्षगांठ पर हिंसा बढ़ गई?

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क्या बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ' की वर्षगांठ पर हिंसा बढ़ गई?

सारांश

बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ' की पहली वर्षगांठ पर तनावपूर्ण स्थिति। सुरक्षाबलों और बलूच लड़ाकों के बीच झड़पें हुईं। क्या यह स्थिति आगे और बिगड़ सकती है? जानें पूरी खबर।

Key Takeaways

  • ऑपरेशन हेरोफ की पहली वर्षगांठ पर बलूचिस्तान में तनाव और हिंसा बढ़ी है।
  • सुरक्षाबलों और बलूच लड़ाकों के बीच मुठभेड़ें हुईं।
  • कर्फ्यू जैसी पाबंदियां कई जिलों में लागू की गई हैं।
  • यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • राजनीतिक दलों ने सरकार की नीतियों की आलोचना की है।

क्वेटा, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में 'ऑपरेशन हेरोफ' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर स्थिति तनावपूर्ण रही। इस दौरान सुरक्षाबलों और बलूच लड़ाकों के बीच झड़पें हुईं, सड़कों पर नाकेबंदी की गई और कई स्थानों पर कर्फ्यू

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पिछले साल 25 अगस्त को 'ऑपरेशन हेरोफ' की शुरुआत की थी, जिसे उन्होंने बलूचिस्तान को पुनः प्राप्त करने की एक व्यापक मुहिम का पहला चरण बताया।

रिपोर्टों के अनुसार, मस्तुंग जिले के आमाच डैम के पास सुरक्षाबलों और बलूच लड़ाकों के बीच गंभीर मुठभेड़ हुई, जिसमें कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और घायल हुए। शवों और घायलों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से क्वेटा लाया गया, जिसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए। सिबी के मिथरी इलाके में एक सुरक्षा चौकी पर हमला हुआ, जबकि तुरबत शहर में ब्लॉकेड के दौरान सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला किया गया, जिसमें दो कर्मियों के हताहत होने की खबर है।

पाकिस्तान रेलवे ने क्वेटा से पेशावर जाने वाली 'जाफर एक्सप्रेस' की सेवाएं सोमवार और मंगलवार के लिए स्थगित कर दीं। कई जिलों में कर्फ्यू जैसे हालात बने रहे। केच जिले के नसीराबाद इलाके में बाजार कई दिनों तक बंद रहे, और जब कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलने की कोशिश की, तो सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई।

जियारत में 10 अगस्त को सहायक आयुक्त अफजल बाक़ी और उनके बेटे के अपहरण के बाद से एक सप्ताह से अधिक समय से कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। यहां की दुकानें, स्कूल और कॉलेज बंद हैं और लोग खाद्य सामग्री की कमी और शिक्षा में बाधा होने की शिकायत कर रहे हैं। इसके अलावा हब और लसबेला में सड़कों पर तलाशी और गश्त बढ़ा दी गई है। यात्री बसों को भी समय पर न आने की स्थिति में शहरों में प्रवेश से रोक दिया जा रहा है। कई जिलों में इंटरनेट, मोबाइल और बैंकिंग सेवाएं पहले ही निलंबित कर दी गई हैं।

तुरबत में सोमवार को यात्रियों ने एम-8 हाईवे पर धरना दिया और फ्रंटियर कॉर्प्स की चौकियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। परिवहन संचालकों ने कहा कि कराची से मकरान डिवीजन जाने वाली बसों को बार-बार रोका और जांचा जा रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।

राजनीतिक दलों ने भी इन पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हमलों को रोकने में नाकाम रही है और नागरिकों को सुरक्षा के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से नीतियों की समीक्षा कर पाबंदियां हटाने की मांग की।

Point of View

जबकि असली समस्या का समाधान सामने नहीं आ रहा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन हेरोफ क्या है?
ऑपरेशन हेरोफ बलूच लिबरेशन आर्मी द्वारा शुरू की गई एक मुहिम है, जिसका उद्देश्य बलूचिस्तान को पुनः प्राप्त करना है।
क्या बलूचिस्तान में कर्फ्यू लगाया गया है?
हां, बलूचिस्तान के कई जिलों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की गई हैं।
सुरक्षाबलों और बलूच लड़ाकों के बीच झड़पें क्यों हुईं?
झड़पें बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को लेकर बढ़ते तनाव के कारण हुईं।
क्या यात्रियों को दिक्कत हो रही है?
हां, यात्रियों को बसों की जांच और नाकेबंदी के कारण काफी परेशानी हो रही है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया क्या है?
राजनीतिक दलों ने पाबंदियों की आलोचना करते हुए सरकार से कदम उठाने की मांग की है।