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बैंकॉक के सभी 50 जिले आपदा क्षेत्र घोषित, 48 घंटे की बारिश से 300 मिमी जलभराव

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बैंकॉक के सभी 50 जिले आपदा क्षेत्र घोषित, 48 घंटे की बारिश से 300 मिमी जलभराव

सारांश

बैंकॉक में 48 घंटे में 300 मिमी बारिश ने शहर को डुबो दिया — सभी 50 जिले आपदा क्षेत्र घोषित, नहरें उफान पर। थाई PM ने लंदन दौरा बीच में छोड़ा। 2011 की विनाशकारी बाढ़ के बाद यह बैंकॉक के लिए सबसे गंभीर संकट बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

बैंकॉक में गुरुवार दोपहर से 48 घंटे में लगभग 300 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) ने शहर के सभी 50 जिलों को आपदा क्षेत्र घोषित किया।
प्रशासन ने 10 लाख रेत की बोरियाँ तैयार कीं और स्कूलों में अस्थायी आश्रय स्थल खोले।
पंपिंग स्टेशन 1,200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से जलनिकासी कर रहे हैं।
थाई PM अनुतिन चर्नविराकुल ने लंदन दौरा बीच में छोड़कर स्वदेश लौटने की घोषणा की।
शहर का पूर्वी हिस्सा सर्वाधिक प्रभावित; 2011 की बाढ़ के बाद सबसे गंभीर स्थिति।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 26 सितंबर 2026 को भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गुरुवार दोपहर से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर में लगभग 300 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) ने शहर के सभी 50 जिलों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया, जिससे स्थानीय प्रशासनिक संगठनों को आपातकालीन कार्रवाई के विशेष अधिकार मिल गए। नहरें उफान पर हैं, मुख्य सड़कें जलमग्न हैं और नागरिकों को घुटने तक गहरे पानी में चलने को मजबूर होना पड़ रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को स्थिति और विकराल हो गई जब सेंट्रल बैंकॉक के ठीक उत्तर में स्थित एक नहर का पानी आसपास के घरों, रेस्तरां, दुकानों और गलियों में घुस आया। शहर के पूर्वी हिस्से को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा। BMA ने 10 लाख रेत की बोरियाँ तैयार कीं और निवासियों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में अस्थायी आश्रय स्थल खोले।

बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने लंदन की अपनी आधिकारिक यात्रा बीच में ही छोड़कर स्वदेश लौटने का फैसला किया। साथ ही बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने नागरिकों से घर पर ही रहने की अपील की।

गवर्नर की चेतावनी और राहत कार्य

गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने शनिवार सुबह कहा, 'बारिश लगातार हो रही है और हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम पानी को पंप करके बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। जो लोग नहरों के पास रहते हैं, वे ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में हैं। अब हर नहर भर गई है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'शहर का पूर्वी हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।'

BMA के अनुसार, शहर के पंपिंग स्टेशन अपनी पूरी क्षमता से संचालित हो रहे थे और कुल मिलाकर 1,200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से जलनिकासी की जा रही थी। बाद में पंपिंग स्टेशनों की वजह से पानी का स्तर कुछ हद तक स्थिर होने लगा।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब 2011 की थाईलैंड बाढ़ की याद अभी भी ताज़ा है — उस आपदा में 500 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और लाखों घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। गौरतलब है कि बैंकॉक एक निचले डेल्टाई इलाके में बसा है और लंबे समय से भूमि धँसाव तथा अपर्याप्त जलनिकासी बुनियादी ढाँचे की चुनौती झेल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसूनी वर्षा की तीव्रता बढ़ती जा रही है, जो ऐसे शहरों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।

आम जनता पर असर

शहर की मुख्य सड़कें शनिवार को जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। नहरों के किनारे रहने वाले निवासियों और व्यापारियों को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा। स्कूलों को आश्रय स्थलों में बदला गया, जिससे शैक्षणिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हुईं। प्रशासन ने लोगों को जब तक संभव हो घर से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ सकती है। प्रधानमंत्री के स्वदेश लौटने के बाद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक और राहत संसाधनों की अतिरिक्त तैनाती की उम्मीद है। BMA ने संकेत दिया है कि यदि बारिश जारी रही तो आपातकालीन उपायों को और कड़ा किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की पंपिंग क्षमता और 10 लाख रेत की बोरियाँ तात्कालिक राहत तो दे सकती हैं, लेकिन भूमि धँसाव और अपर्याप्त जलनिकासी नेटवर्क की दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान नहीं। 2011 में 500 से अधिक मौतों के बाद भी बैंकॉक का शहरी नियोजन इस चुनौती से पूरी तरह नहीं निपट पाया। जलवायु परिवर्तन के साथ मानसूनी वर्षा की तीव्रता बढ़ने के अनुमान को देखते हुए, यह पूछना ज़रूरी है कि क्या थाईलैंड सरकार की आपदा तैयारी आने वाले दशकों की वास्तविकता के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैंकॉक में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
बैंकॉक में 48 घंटे में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश हुई है, जिससे शहर के सभी 50 जिलों को आपदा क्षेत्र घोषित करना पड़ा। नहरें उफान पर हैं, मुख्य सड़कें जलमग्न हैं और निवासियों को घुटने तक पानी में चलना पड़ रहा है।
बैंकॉक के सभी 50 जिलों को आपदा क्षेत्र क्यों घोषित किया गया?
बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि स्थानीय संगठनों को आपातकालीन राहत कार्यों के लिए विशेष अधिकार मिल सकें। इससे प्रशासन को संसाधन जुटाने और त्वरित कार्रवाई करने में कानूनी सुविधा मिलती है।
थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने क्या कदम उठाया?
प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने लंदन की अपनी आधिकारिक यात्रा बीच में ही छोड़कर बैंकॉक वापस लौटने का फैसला किया। यह निर्णय बाढ़ की गंभीरता और राष्ट्रीय आपातकाल को देखते हुए लिया गया।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन क्या कर रहा है?
BMA ने 10 लाख रेत की बोरियाँ वितरण के लिए तैयार की हैं और स्कूलों में अस्थायी आश्रय स्थल खोले हैं। पंपिंग स्टेशन 1,200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से जलनिकासी कर रहे हैं, जिससे बाद में पानी का स्तर कुछ हद तक स्थिर हुआ।
क्या बैंकॉक पहले भी इस तरह की बाढ़ झेल चुका है?
हाँ, 2011 में थाईलैंड में व्यापक बाढ़ आई थी जिसमें 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और लाखों घर क्षतिग्रस्त हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकॉक की भौगोलिक स्थिति और पुराना जलनिकासी ढाँचा इसे बार-बार बाढ़ के प्रति संवेदनशील बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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