क्या बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की जान गई, सिर्फ 500 टके के लिए?
सारांश
Key Takeaways
- हिंसा की घटनाएं बांग्लादेश में बढ़ रही हैं।
- अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।
- 500 टका के कर्ज के चलते एक युवक ने जहर खाया।
ढाका, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल के एक मामले में, बांग्लादेश के सुनामगंज जिले के दिराई उपजिला में 500 बांग्लादेशी टका के कर्ज के कारण एक हिंदू युवक को इतनी प्रताड़ना दी गई कि उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
इस युवक की पहचान 19 वर्षीय जॉय महापात्रा के रूप में हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, शुक्रवार सुबह सिलहट के एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
जॉय महापात्रा के चचेरे भाई अयान दास ने बताया कि जॉय ने किराना दुकानदार अमीरुल इस्लाम से 5,500 टका में एक मोबाइल खरीदा था। उसने 2,000 टका कैश में दिए और बाकी पैसे 500 टका प्रति हफ्ते की किस्तों में चुकाने के लिए सहमत हो गया। हालांकि, वह नियमित रूप से भुगतान करता था, लेकिन अंतिम किस्त चुकाने में देरी हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया कि जॉय गुरुवार को अमीरुल इस्लाम की दुकान पर किस्त चुकाने गया था। इस दौरान उसे पीटा गया, बेइज्जत किया गया और उसका मोबाइल छीन लिया गया।
अयान ने कहा कि गुरुवार शाम को जॉय ने जहर खाने की बात बताई, जिसके बाद उसे दिराई उपजिला हेल्थ क्लीनिक ले जाया गया। हेल्थ क्लीनिक में उसकी हालत बिगड़ गई, तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसे सिलहट रेफर कर दिया।
घटना के संबंध में दिराई उपजिला हेल्थ क्लीनिक की रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर मोनी रानी तालुकदार ने कहा, "मैं उस समय ड्यूटी पर थी। मरीज की स्थिति गंभीर थी, इसलिए उसे तुरंत सिलहट भेजा गया।"
जॉय की मां शैली मोहपात्रा ने कहा, “आरोपियों ने सुबह जॉय से पैसे मांगे और न देने पर उसका मोबाइल छीन लिया। जब जॉय ने सिम मांगा, तो उन्होंने उसे शाम को आने को कहा। जब वह गया, तो आरोपियों ने उसे पीटा। मेरे बेटे ने उस दुकान पर जहर खा लिया।”
दिराई पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) इनामुल हक चौधरी ने कहा, “हमें जानकारी मिली है और हमने घटनास्थल का मुआयना किया है। अगर हमें शिकायत मिलती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
यह 22 दिन में आठवां और इस सप्ताह का चौथा मामला है, जिसमें पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।