बेल्जियम के राजा फिलिप ने PM बार्ट डी वेवर का इस्तीफा किया खारिज, बजट वार्ता तुरंत शुरू करने का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के राजा फिलिप ने 6 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का इस्तीफा स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया और उन्हें तत्काल बजट वार्ता फिर से शुरू करने का निर्देश दिया। ब्रुसेल्स में जारी इस राजनीतिक संकट की जड़ में देश की पाँच दलीय गठबंधन सरकार की सार्वजनिक वित्त पर सहमति बनाने में विफलता है।
संकट की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री डी वेवर ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंपा था, जब पाँचों गठबंधन दल बजट सुधार पर एकमत नहीं हो सके। उस समय राजा ने कोई तत्काल निर्णय नहीं लिया और बाद में सभी गठबंधन दलों के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। इस विचार-विमर्श के बाद ही राजा ने शुक्रवार को इस्तीफे को खारिज करने का फैसला किया।
राजा फिलिप की शर्तें और नेताओं की प्रतिबद्धता
राजा फिलिप ने पाँचों गठबंधन दलों के नेताओं से बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक एकता बनाए रखने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के बीच संतुलन बनाना अनिवार्य है। सभी नेताओं ने अगले तीन वर्षों के लिए एक ठोस बजट योजना पर सहमति बनाने की प्रतिबद्धता जताई और समझौते तक पहुँचने के लिए आवश्यक रियायतें देने पर भी सहमति व्यक्त की। इन्हीं आश्वासनों के आधार पर राजा ने इस्तीफा नामंज़ूर कर दिया। प्रधानमंत्री डी वेवर 16 नवंबर को राजा को प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे।
गठबंधन के भीतर मतभेद
गठबंधन के भीतर मूल विवाद यह है कि सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित 10 अरब यूरो (करीब 11.17 अरब अमेरिकी डॉलर) की बचत के लिए खर्च कटौती और कर वृद्धि के बीच अनुपात क्या हो। डी वेवर की फ्लेमिश राष्ट्रवादी पार्टी एन-वीए और उदारवादी पार्टी एमआर स्वास्थ्य सेवाओं सहित सरकारी खर्च में कड़ी कटौती के पक्ष में हैं। वहीं, गठबंधन के समाजवादी और मध्यमार्गी दल चाहते हैं कि बड़ा बोझ अमीरों पर अधिक कर लगाकर उठाया जाए।
यूरोपीय संघ की सीमाओं का दबाव
यूरोस्टेट के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में बेल्जियम का बजट घाटा उसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 5.2 प्रतिशत था, जबकि सरकारी कर्ज GDP के 108.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। ये दोनों आँकड़े यूरोपीय संघ (EU) की निर्धारित सीमाओं — क्रमशः 3 प्रतिशत और 60 प्रतिशत — से काफी अधिक हैं। यह ऐसे समय में आया है जब EU पहले से ही अपने सदस्य देशों पर राजकोषीय अनुशासन सख्त करने का दबाव बना रहा है।
आगे की राह
गठबंधन दलों को 16 नवंबर तक राजा को ठोस प्रगति दिखानी होगी। गौरतलब है कि बेल्जियम की राजनीति में गठबंधन सरकारों का लंबे समय तक संकट में रहना कोई नई बात नहीं है — देश 2010-11 में करीब 541 दिनों तक बिना पूर्णकालिक सरकार के रहा था, जो तब का विश्व रिकॉर्ड था। यदि इस बार भी वार्ता विफल होती है, तो EU के साथ बेल्जियम के वित्तीय संबंध और जटिल हो सकते हैं।