बेल्जियम में ऐतिहासिक जंगल की आग: 3,000 हेक्टेयर जला, 600 लोग घर से बेघर; जर्मनी-नीदरलैंड्स की मदद जुटी
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के हाई फेंस क्षेत्र में भड़की भीषण जंगल की आग ने 16 अगस्त की सुबह तक करीब 3,000 हेक्टेयर वन भूमि को राख में तब्दील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह बेल्जियम के दर्ज इतिहास की सबसे विनाशकारी वनाग्नि है। कई इलाकों में हॉटस्पॉट अब भी सक्रिय हैं और आग पर पूरी तरह काबू पाना अभी बाकी है।
आग का दायरा और विस्तार
शुक्रवार को जब आग की शुरुआत हुई, तब यह महज 60 हेक्टेयर में फैली थी। सप्ताहांत में तेज हवाओं और शुष्क मौसम के कारण यह तेज़ी से बढ़ती गई और रविवार सुबह तक 3,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग का धुआं घटनास्थल से करीब 80 किलोमीटर दूर तक फैल गया है और बेल्जियम के नामुर तथा लक्जमबर्ग प्रांतों के कुछ हिस्सों तक पहुँच गया है।
बेल्जियम के रॉयल मौसम विज्ञान संस्थान की मौसम पूर्वानुमान सेवा के प्रमुख डेविड डेहेनाउ ने बताया कि आग पूर्व दिशा में बढ़ रही है और हवा के विपरीत दिशा में भी फैल सकती है, क्योंकि यह ज़मीन के साथ-साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 3,000 हेक्टेयर का शुरुआती अनुमान हेलीकॉप्टरों और ड्रोन से दिन में सर्वेक्षण के बाद और अधिक सटीक किया जा सकेगा।
राहत और बचाव अभियान
लीज के गवर्नर हर्वे जमार ने बताया कि आग के चलते करीब 600 लोगों को अब भी अपने घरों में लौटने की अनुमति नहीं मिली है। रात के दौरान किसी घर को नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन आग रिहायशी इलाकों के बेहद करीब बनी हुई है और इलाके में घना धुआँ छाया हुआ है।
जमार के अनुसार, 250 से अधिक आपातकालीन कर्मियों ने रातभर आग पर काबू पाने के लिए काम किया। बेल्जियम के 15 से अधिक आपातकालीन क्षेत्रों के दमकलकर्मी इस अभियान में जुटे हैं। जर्मनी और लक्जमबर्ग की टीमें भी सहायता कर रही हैं। इसके अलावा बेल्जियन सिविल प्रोटेक्शन, संघीय पुलिस और सेना के जवान भी अभियान में शामिल हैं।
वालोनिया के जोखिम समन्वय केंद्र कॉर्टेक्स के अनुसार, रविवार सुबह बेल्जियम की संघीय पुलिस के दो हेलीकॉप्टर और नीदरलैंड्स के दो चिनूक हेलीकॉप्टर आग बुझाने के अभियान में लगाए गए। इन हेलीकॉप्टरों में बाम्बी बकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें करीब 7,600 लीटर पानी भरा जा सकता है। यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र के तहत स्वीडन के दमकल विमान भी स्टैंडबाय पर हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने रविवार को देशभर से पहुँचे आपातकालीन दलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यूरोपीय साझेदारों की मदद के लिए आभार जताया और आग से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। रविवार सुबह संकट बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई।
दमकलकर्मी जर्मन सीमा के पास करीब एक किलोमीटर चौड़े मोर्चे पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस इलाके का भू-भाग बेहद कठिन है, जिसके कारण जमीनी वाहनों से वहाँ पहुँचना मुश्किल हो रहा है। सीमा पार जर्मनी के मॉन्सचाउ शहर में रविवार सुबह हालात में सुधार हुआ, जहाँ इससे पहले निवासियों को संभावित निकासी के लिए तैयार रहने को कहा गया था।
मौसम और आगे की स्थिति
रविवार दोपहर हवाओं के तेज होने का अनुमान है, जो आग को और भड़का सकती हैं। सोमवार सुबह केवल 1 से 2 मिलीमीटर बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि मंगलवार और बुधवार को अधिक बारिश की संभावना है। हालाँकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बारिश आग पर काबू पाने में कितनी मददगार साबित होगी।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रखने, वेंटिलेशन सिस्टम बंद करने और बाहर की गतिविधियाँ सीमित करने की सलाह दी है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे यूरोप में चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है और वनाग्नि का मौसम लंबा होता जा रहा है।