क्या वेनेजुएला के साथ तेल व्यापार का भारत पर असर होगा? हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया

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क्या वेनेजुएला के साथ तेल व्यापार का भारत पर असर होगा? हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया

सारांश

क्या वेनेजुएला के साथ भारत का तेल व्यापार प्रभावित होगा? जानें हर्षवर्धन श्रृंगला के इस महत्वपूर्ण बयान में। अमेरिका की कार्रवाई के बाद तेल व्यापार पर क्या असर पड़ेगा, जानें इस लेख में।

Key Takeaways

  • भारत का वेनेजुएला में 6 बिलियन डॉलर का निवेश।
  • अमेरिका के प्रतिबंधों का असर।
  • ओएनजीसी को 500 मिलियन डॉलर का बकाया।
  • वेनेजुएला के तेल रिजर्व का महत्व।
  • भविष्य में संभावित लाभ।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के खिलाफ दुनिया में पेट्रो डॉलर और तेल व्यापार को लेकर बहस तेज हो गई है। इस स्थिति में यह चिंता भी उठ रही है कि इस व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इस संदर्भ में पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और बताया कि वेनेजुएला के साथ तेल व्यापार का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "भारत ने वेनेजुएला में लगभग छह बिलियन डॉलर का निवेश किया था; वेनेजुएला का कच्चा तेल भारत में आयात किया जा रहा था। लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण, यह प्रक्रिया जारी नहीं रह सकी। इससे भारत, ओएनजीसी और भारतीय कंपनियों की वेनेजुएला में रुचि प्रभावित हुई है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमें यह समझना होगा कि यह कैसे काम करेगा? हमारी कंपनियों के लिए क्या विकल्प हैं? यह स्पष्ट है कि वेनेजुएला एक महत्वपूर्ण तेल उत्पादक देश है, जिसके पास दुनिया में सबसे बड़ा तेल रिजर्व है, सऊदी अरब से भी अधिक। हमें यह देखना होगा कि हम उस कनेक्शन को कैसे पुनः स्थापित कर सकते हैं और बैन हटने का इंतजार कैसे कर सकते हैं।"

एक रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के कारण भारत की सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी को 500 मिलियन डॉलर का बकाया मिलने की संभावना है।

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कहा कि अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला की स्थिति में बदलाव के चलते ओएनजीसी को इसके 500 मिलियन डॉलर के बकाया डिविडेंड मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला की तेल उद्योग पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद वेनेजुएलियन क्रूड निर्यात पर लगे प्रतिबंध हट सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित है कि यदि स्थिति में सुधार होता है तो ओएनजीसी को लाभ हो सकता है, क्योंकि कंपनी को सैन क्रिस्टोबल परियोजना से 2014 तक की अवधि के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड प्राप्त होना है।

ओएनजीसी की अपनी विदेशी इकाई ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के माध्यम से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में हिस्सेदारी है। कंपनी वेनेजुएला में सैन क्रिस्टोबल परियोजना में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा, ओवीएल, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और ऑयल इंडिया के साथ मिलकर काराबोबो 1 तेल क्षेत्र में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि वेनेजुएला का तेल व्यापार भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर है। यदि सही नीतियों का कार्यान्वयन होता है, तो हम इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या अमेरिका के प्रतिबंधों का भारत के तेल व्यापार पर असर पड़ेगा?
हां, अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण भारत का वेनेजुएला से तेल आयात प्रभावित हुआ है।
भारत ने वेनेजुएला में कितना निवेश किया है?
भारत ने वेनेजुएला में लगभग छह बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
ओएनजीसी को वेनेजुएला से कब तक डिविडेंड मिलने की संभावना है?
ओएनजीसी को सैन क्रिस्टोबल परियोजना से 2014 तक के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड मिल सकता है।
क्या वेनेजुएला के तेल निर्यात पर प्रतिबंध हट सकते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी नियंत्रण के बाद वेनेजुएला के क्रूड निर्यात पर प्रतिबंध हट सकते हैं।
क्या वेनेजुएला के पास सबसे बड़ा तेल रिजर्व है?
हां, वेनेजुएला के पास दुनिया में सबसे बड़ा तेल रिजर्व है।
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