बोआओ एशिया मंच: २०२६ में एशिया की आर्थिक वृद्धि दर ४.५ प्रतिशत रहने का अनुमान
सारांश
Key Takeaways
- २०२६ में एशिया की आर्थिक वृद्धि दर ४.५ प्रतिशत
- वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशियाई हिस्सेदारी का बढ़ना
- चीन और आसियान का विदेशी निवेश में आकर्षण
- बेरोजगारी दर की स्थिरता
- सकारात्मक आर्थिक लचीलापन
बीजिंग, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बोआओ एशिया मंच ने २४ मार्च को "एशियाई आर्थिक दृष्टिकोण और एकीकरण प्रक्रिया २०२६ वार्षिक रिपोर्ट" का विमोचन किया। इस रिपोर्ट में अनुमानित किया गया है कि २०२६ में एशिया की आर्थिक वृद्धि दर ४.५ प्रतिशत तक पहुँचेगी और यह वैश्विक आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण प्रेरक बना रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, क्रय शक्ति समता के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती रहेगी, जो २०२५ में ४९.२ प्रतिशत से बढ़कर २०२६ में ४९.७ प्रतिशत होने का अनुमान है।
इस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एशिया वैश्विक प्रत्यक्ष निवेश के लिए सबसे पसंदीदा, आशाजनक और सशक्त क्षेत्र बना हुआ है। चीन और आसियान एशिया में विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्थाएँ हैं। इसके अतिरिक्त, एशियाई अर्थव्यवस्थाएँ अब "धन प्राप्तकर्ता" होने से आगे बढ़कर सक्रिय बाह्य निवेश गतिविधियों के साथ बाह्य निवेशक बन रही हैं।
रोजगार के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया में बेरोजगारी दर २०२६ में सामान्यतः स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ क्षेत्रों को बेरोजगारी के गंभीर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
बोआओ एशिया मंच के महासचिव ज्आंग जून ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद, एशियाई अर्थव्यवस्था ने मजबूत लचीलापन प्रदर्शित किया है, एक सकारात्मक प्रवृत्ति और दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, और विश्व अर्थव्यवस्था, वैश्विक व्यापार और सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)