भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौता विस्तार पर काम जारी, ब्राजील के मंत्री रोसा बोले — 'भारत दुनिया के लिए अहम'
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोसा ने 1 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के इतर कहा कि भारत, ब्राजील के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देश मौजूदा भारत-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट को व्यापक रूप देने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल के समझौते में केवल 450 टैरिफ आइटम शामिल हैं, जो इसकी संभावनाओं के लिहाज से बेहद सीमित है।
बैठक का संदर्भ
मंत्री रोसा ने यह बातचीत भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के तुरंत बाद की। रोसा ने बैठक को 'बेहतरीन' बताते हुए कहा, 'हमने अभी जिन चीजों पर चर्चा की, उनमें दोनों अर्थव्यवस्थाओं और मर्कोसुर के बीच एक व्यापक समझौते की संभावना शामिल है।' यह बैठक जी20 व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान आयोजित हुई।
मर्कोसुर समझौते की सीमाएँ और विस्तार की ज़रूरत
रोसा ने स्पष्ट किया कि भारत और मर्कोसुर — जो कि ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और पराग्वे जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों का व्यापार समूह है — के बीच मौजूदा समझौता बहुत संकीर्ण दायरे में सिमटा हुआ है। उनके शब्दों में, 'हमारे पास पहले से ही टैरिफ प्रेफरेंस एग्रीमेंट है, लेकिन यह बहुत सीमित है। इसमें सिर्फ 450 टैरिफ आइटम शामिल हैं। इस कारण हमें इसे बढ़ाने की जरूरत है।' गौरतलब है कि भारत और मर्कोसुर के बीच यह प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट पहले से अस्तित्व में है, लेकिन व्यापक मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।
काम की रूपरेखा तैयार
रोसा के अनुसार, दोनों पक्षों ने अब 'काम की रूपरेखा' का मसौदा तैयार कर लिया है, जो आगे की वार्ता के लिए आधार बनेगा। उन्होंने बताया, 'यह वैसा ही है जैसा अभी अमेरिका के साथ तैयार किया जा रहा है।' यह रूपरेखा एक बार स्वीकृत हो जाने के बाद औपचारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे और वार्ता का अगला चरण शुरू होगा। रोसा ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में इस प्रक्रिया को गति मिलेगी।
सहयोग के संभावित क्षेत्र
मंत्री ने बताया कि ब्राजील और भारत के बीच केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित न रहकर कई नए क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएँ हैं। इनमें बायो-इकोनॉमी, सर्कुलर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल डेवलपमेंट और रक्षा क्षेत्र में भी द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की बात कही। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक स्तर पर कई देशों के साथ व्यापार समझौतों का विस्तार कर रहा है।
आगे की राह
यह वार्ता दर्शाती है कि ब्राजील और भारत मौजूदा टैरिफ छूट से आगे बढ़कर अपने व्यापारिक संबंधों को और गहरा बनाने तथा उन क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहाँ बेहतर बाज़ार पहुँच के लिए बातचीत की जा सकती है। रोसा ने कहा कि भारत 'पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था' है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि 'काम की रूपरेखा' किस रफ्तार से औपचारिक वार्ता में परिणत होती है।