ब्राजील-अमेरिका टैरिफ वार्ता: सितंबर अंत में G20 के दौरान बैठक की संभावना
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी टैरिफ विवाद को सुलझाने की दिशा में ब्राजील और अमेरिका के बीच सितंबर के आखिर में महत्वपूर्ण वार्ता होने की संभावना है। ब्राजील के अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच अमेरिका में आयोजित G20 मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के इतर हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिकी टैरिफ के कारण 2026 की पहली छमाही में ब्राजील का अमेरिका को निर्यात 13 प्रतिशत घट गया है।
बैठक की पृष्ठभूमि
ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवाएं मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि वे G20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्तावित वार्ता अगस्त में ब्राजीली राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत से शुरू हुई कूटनीतिक प्रक्रिया का अगला चरण है।
रोजा ने कहा, 'बातचीत के रास्ते खुले हैं और ब्राजील बातचीत के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्राजील अपने उद्योगों, कंपनियों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए संवाद जारी रखेगा।
टैरिफ का प्रभाव और आँकड़े
ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवाएं मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के नए व्यापारिक उपायों का असर ब्राजील के 23.1 प्रतिशत अमेरिकी निर्यात पर पड़ रहा है। विभिन्न व्यापारिक जाँचों के अंतर्गत लागू इन शुल्कों के चलते कुछ ब्राजीली उत्पादों पर कुल टैरिफ दर 37.5 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
आँकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में ब्राजील का अमेरिका को कुल निर्यात 17.4 अरब डॉलर रहा — जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत कम है। गौरतलब है कि अमेरिका में ब्राजील के कुल निर्यात की हिस्सेदारी घटकर 9.4 प्रतिशत रह गई है, जो 1997 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
ब्राजील का रुख: विरोध भी, संवाद भी
रोजा ने स्पष्ट किया कि ब्राजील उन एकतरफा टैरिफों का विरोध करता है जिन्हें वह अनुचित मानता है, लेकिन उसका इरादा अपनी अर्थव्यवस्था को बंद करने या व्यापार युद्ध छेड़ने का नहीं है। उन्होंने कहा, 'ब्राजील बहुपक्षीय सहयोग, बातचीत और वार्ता में विश्वास रखता है। हम इन सिद्धांतों को नहीं छोड़ेंगे।'
यह रुख ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं अमेरिकी टैरिफ नीति के दबाव में या तो झुक रही हैं या जवाबी कदम उठाने की राह पर हैं। ब्राजील का 'बातचीत जारी रखते हुए विरोध' का मॉडल उसकी पारंपरिक बहुपक्षीय कूटनीति की पहचान रही है।
आगे की राह
यदि 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक होती है, तो यह दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय स्तर पर पहला औपचारिक व्यापार संवाद होगा। विश्लेषकों के अनुसार, G20 मंच इस तरह की द्विपक्षीय बातचीत के लिए अनुकूल अवसर प्रदान करता है, हालाँकि किसी ठोस समझौते तक पहुँचने की समयसीमा अभी अनिश्चित है। ब्राजील के व्यापारिक हितों की सुरक्षा और अमेरिका के साथ संबंधों को संतुलित रखना आने वाले महीनों में राष्ट्रपति लूला की सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौतियों में से एक रहेगी।