3 अगस्त 2026
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ब्रेक्जिट के 6 साल बाद ब्रिटेन का झटका: हजारों EU नागरिकों का प्री-सेटल्ड स्टेटस 'गलती से दिया गया'

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ब्रेक्जिट के 6 साल बाद ब्रिटेन का झटका: हजारों EU नागरिकों का प्री-सेटल्ड स्टेटस 'गलती से दिया गया'

सारांश

ब्रेक्जिट के छह साल बाद भी EU नागरिकों की मुश्किलें जारी हैं। ब्रिटेन के होम ऑफिस ने हजारों लोगों को बताया कि उनका प्री-सेटल्ड स्टेटस गलती से दिया गया था — यह उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जो वर्षों से ब्रिटेन में बस चुके थे और सेटल्ड स्टेटस की उम्मीद पाले थे।

मुख्य बातें

ब्रिटेन के होम ऑफिस ने EU नागरिकों को पत्र भेजकर बताया कि उनका प्री-सेटल्ड स्टेटस प्रशासनिक गलती का नतीजा था।
प्रभावित लोगों में वे शामिल हैं जो 31 दिसंबर 2020 से पहले 'EEA नागरिक' की पात्रता सिद्ध नहीं कर पाए थे।
सूचना की स्वतंत्रता के तहत मिली जानकारी के अनुसार, अकेले मार्च में 95 लोगों से संपर्क किया गया; कुल संख्या होम ऑफिस ने नहीं बताई।
बच्चे, नॉन-EEA नागरिक और 31 दिसंबर 2020 के बाद आए लोग इस समीक्षा की जद में हैं।
3 मिलियन कैंपेन ग्रुप सहित अधिकार संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है और प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता लेने की सलाह दी है।

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (होम ऑफिस) ने यूरोपीय संघ (EU) के हजारों नागरिकों को पत्र भेजकर सूचित किया है कि उन्हें पहले दिया गया प्री-सेटल्ड स्टेटस एक प्रशासनिक गलती का परिणाम था और अब उनके ब्रिटेन में रहने के अधिकार की दोबारा समीक्षा की जाएगी। 3 अगस्त को सामने आई यह जानकारी ब्रेक्जिट के छह साल बाद भी EU नागरिकों की अनिश्चित स्थिति को उजागर करती है।

क्या है पूरा मामला

ब्रिटेन ने 31 दिसंबर 2020 की आधी रात को यूरोपीय संघ से कानूनी तौर पर नाता तोड़ा था। इसके बाद EU नागरिकों को ब्रिटेन में रहने के लिए EU सेटलमेंट स्कीम के तहत आवेदन करना अनिवार्य था। इस स्कीम के अंतर्गत दो श्रेणियाँ थीं — प्री-सेटल्ड स्टेटस (पाँच साल से कम निवास के लिए) और सेटल्ड स्टेटस (पाँच साल या अधिक निवास के लिए)।

अब होम ऑफिस का कहना है कि कुछ लोगों को 31 दिसंबर 2020 से पहले 'संबंधित ईईए (EEA) नागरिक' की परिभाषा पूरी करने के पर्याप्त सबूत के बिना ही प्री-सेटल्ड स्टेटस दे दिया गया था। पाँच पन्नों के इस सरकारी पत्र में स्पष्ट लिखा है: 'अभी जो जानकारी और सबूत मौजूद हैं, उनके आधार पर यह माना जाता है कि आपका प्री-सेटल्ड स्टेटस गलती से दिया गया था।'

किन लोगों पर पड़ेगा असर

इस प्रशासनिक कदम की जद में वे लोग आते हैं जो 31 दिसंबर 2020 के बाद ब्रिटेन आए, नॉन-यूरोपियन इकोनॉमिक एरिया (EEA) के नागरिक, और वे बच्चे जिनका स्टेटस अलग से अपग्रेड नहीं किया गया। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो वर्षों से ब्रिटेन में नौकरी कर रहे हैं, टैक्स चुका रहे हैं, पढ़ाई कर रहे हैं या अपने परिवार के साथ वहाँ बस चुके हैं।

इन लोगों को उम्मीद थी कि पाँच साल का निवास पूरा होते ही उनका प्री-सेटल्ड स्टेटस स्वतः सेटल्ड स्टेटस में बदल जाएगा। लेकिन अचानक आए इस सरकारी पत्र ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

आँकड़े और पारदर्शिता का अभाव

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, होम ऑफिस ने यह बताने से इनकार कर दिया कि कुल कितने लोगों को ऐसे पत्र भेजे गए हैं। हालाँकि, सूचना की स्वतंत्रता (Freedom of Information) के एक अनुरोध के जवाब में 3 मिलियन कैंपेन ग्रुप को बताया गया कि अकेले मार्च में 95 लोगों से संपर्क किया गया था। यह आँकड़ा समस्या की व्यापकता को पूरी तरह उजागर नहीं करता, क्योंकि मंत्रालय ने समग्र संख्या सार्वजनिक नहीं की है।

विशेषज्ञ और अधिकार समूहों की प्रतिक्रिया

आलोचकों का कहना है कि यह कदम उन लोगों के साथ अन्याय है जिन्होंने सरकारी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्टेटस प्राप्त किया था। 3 मिलियन कैंपेन जैसे संगठन, जो ब्रिटेन में रह रहे EU नागरिकों के अधिकारों की पैरवी करते हैं, इस मामले को गंभीरता से उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि प्रशासनिक चूक की जिम्मेदारी आवेदकों पर नहीं डाली जा सकती।

यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन पहले से ही आव्रजन नीतियों को लेकर तीखी बहस के बीच है और सरकार पर सख्त रुख अपनाने का राजनीतिक दबाव है।

आगे क्या होगा

जिन लोगों को ये पत्र मिले हैं, उन्हें अपने मामले की दोबारा समीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना होगा और सेटल्ड स्टेटस के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ सकता है। अधिकार समूह प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं। यह विवाद ब्रेक्जिट के दीर्घकालिक मानवीय परिणामों को एक बार फिर केंद्र में ला देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी कीमत वे लोग चुका रहे हैं जिन्होंने नियमों का पालन किया, टैक्स भरा और ब्रिटेन में जड़ें जमाईं। यह पहली बार नहीं है जब EU सेटलमेंट स्कीम की खामियाँ सामने आई हैं — 'विंडरश स्कैंडल' की छाया अभी भी होम ऑफिस पर है, और यह नया विवाद उसी संस्थागत लापरवाही का विस्तार लगता है। पारदर्शिता का अभाव — कुल प्रभावित संख्या न बताना — और भी चिंताजनक है, क्योंकि इससे समस्या की वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिटेन के होम ऑफिस ने EU नागरिकों को क्या पत्र भेजा है?
होम ऑफिस ने EU नागरिकों को पाँच पन्नों का पत्र भेजकर सूचित किया है कि उन्हें पहले दिया गया प्री-सेटल्ड स्टेटस एक प्रशासनिक गलती थी, क्योंकि वे 31 दिसंबर 2020 से पहले 'संबंधित EEA नागरिक' की पात्रता के आवश्यक सबूत नहीं दे पाए थे। अब उनके ब्रिटेन में रहने के अधिकार की दोबारा समीक्षा होगी।
प्री-सेटल्ड स्टेटस और सेटल्ड स्टेटस में क्या फर्क है?
EU सेटलमेंट स्कीम के तहत पाँच साल से कम निवास वाले EU नागरिकों को प्री-सेटल्ड स्टेटस और पाँच साल या अधिक निवास वाले नागरिकों को सेटल्ड स्टेटस दिया जाता है। प्री-सेटल्ड स्टेटस धारकों को उम्मीद थी कि पाँच साल पूरे होने पर उनका स्टेटस स्वतः सेटल्ड में बदल जाएगा।
कितने लोगों को ऐसे पत्र मिले हैं?
होम ऑफिस ने कुल संख्या सार्वजनिक करने से मना कर दिया है। सूचना की स्वतंत्रता के एक अनुरोध के जवाब में 3 मिलियन कैंपेन ग्रुप को बताया गया कि अकेले मार्च में 95 लोगों से संपर्क किया गया था।
इस समीक्षा से कौन-से लोग प्रभावित होंगे?
इस प्रशासनिक समीक्षा की जद में वे लोग हैं जो 31 दिसंबर 2020 के बाद ब्रिटेन आए, नॉन-EEA नागरिक, और वे बच्चे जिनका स्टेटस अलग से अपग्रेड नहीं हुआ। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो वर्षों से ब्रिटेन में काम कर रहे हैं और परिवार के साथ बस चुके हैं।
प्रभावित EU नागरिकों को अब क्या करना चाहिए?
अधिकार संगठन प्रभावित लोगों को तुरंत कानूनी सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं। उन्हें सेटल्ड स्टेटस के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ सकता है और अपने निवास के सबूत जुटाने होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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