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सीजीटीएन सर्वे: 81.7% वैश्विक उत्तरदाताओं ने अतिरिक्त उत्पादन क्षमता को संरक्षणवाद का बहाना बताया

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सीजीटीएन सर्वे: 81.7% वैश्विक उत्तरदाताओं ने अतिरिक्त उत्पादन क्षमता को संरक्षणवाद का बहाना बताया

सारांश

सीजीटीएन के वैश्विक सर्वे में 81.7% उत्तरदाताओं ने अतिरिक्त उत्पादन क्षमता के मुद्दे को भू-राजनीतिक संरक्षणवाद का हथियार बताया। 84.7% ने कहा कि इसके लिए कोई एकसमान वैश्विक मापदंड नहीं है — यह बहस व्यापार बनाम राजनीति की बड़ी लड़ाई का हिस्सा है।

मुख्य बातें

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने तथाकथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विवाद पर अपना आधिकारिक दस्तावेज़ जारी किया।
सीजीटीएन के वैश्विक सर्वे में 81.7% उत्तरदाताओं ने इस मुद्दे को संरक्षणवाद का बहाना बताया।
84.7% उत्तरदाताओं ने कहा कि उत्पादन क्षमता उपयोग का कोई एकसमान वैश्विक मापदंड नहीं है।
76% का मत: व्यापार अधिशेष आपूर्ति-मांग ढाँचे का परिणाम है, अतिरिक्त क्षमता का नहीं।
81% ने माना कि संरक्षणवादी कदमों ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि को बाधित किया है।
84.5% उत्तरदाताओं ने बड़े देशों से सब्सिडी के दुरुपयोग और भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध करने की अपील की।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा तथाकथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विवाद पर अपना आधिकारिक पक्ष रखने वाला दस्तावेज़ जारी किए जाने के बाद, सीजीटीएन ने 30 जुलाई को वैश्विक नेटिजनों के बीच एक व्यापक सर्वे कराया। इस सर्वे के परिणामों ने स्पष्ट किया कि बहुसंख्यक उत्तरदाता इस मुद्दे को भू-राजनीतिक और संरक्षणवादी हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने के विरोध में हैं।

सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष

सर्वे के अनुसार, 81.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने मुट्ठी भर देशों द्वारा अतिरिक्त उत्पादन क्षमता के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का विरोध किया। इन उत्तरदाताओं का मानना है कि आर्थिक और व्यापारिक प्रश्न को राजनीति और सुरक्षा के चश्मे से देखना न तो उचित है और न ही वैश्विक व्यापार के हित में।

84.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने यह विचार व्यक्त किया कि विभिन्न आर्थिक समुदायों में उत्पादन क्षमता के उपयोग की दर का समुचित दायरा अलग-अलग होता है और विश्व भर में इसके लिए कोई एकसमान मापदंड मौजूद नहीं है।

व्यापार अधिशेष और अतिरिक्त क्षमता का अंतर

सर्वे में शामिल 76 प्रतिशत लोगों ने कहा कि व्यापार अधिशेष वास्तव में वैश्विक व्यावसायिक बंटवारे और आपूर्ति-मांग के ढाँचे का स्वाभाविक परिणाम है — इसे अतिरिक्त क्षमता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। यह तर्क उन देशों के दावों को सीधे चुनौती देता है जो व्यापार घाटे को उत्पादन क्षमता की अधिकता से जोड़ते हैं।

संरक्षणवाद पर वैश्विक चिंता

81 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मत था कि विभिन्न प्रकार के संरक्षणवादी कदमों ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि को बाधित किया है और सामान्य व्यापारिक आवाजाही तथा व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला है। यह चिंता ऐसे समय में उभरी है जब कई बड़े देश एकतरफा टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों का सहारा ले रहे हैं।

सब्सिडी नीति पर उत्तरदाताओं के विचार

सर्वे के अनुसार, 80.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि युक्तियुक्त व्यावसायिक सब्सिडी नीति बाज़ार की अकुशलता को रोकने में सहायक होती है। वहीं, 84.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि बड़े देशों को सब्सिडी के दुरुपयोग और भेदभावपूर्ण सब्सिडी नीतियों का विरोध करना चाहिए।

आगे की दिशा

यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव अपने चरम पर है और कई देश एक-दूसरे पर अनुचित व्यापार व्यवहार के आरोप लगा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के सर्वे की विश्वसनीयता तब तक सीमित रहती है जब तक इसकी कार्यप्रणाली और नमूना-चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी न हो। वैश्विक व्यापार संगठनों और स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों की प्रतिक्रिया इस बहस की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसकी तटस्थता पर स्वाभाविक प्रश्नचिह्न लगाता है — नमूना-चयन, भौगोलिक वितरण और प्रश्नों की भाषा सार्वजनिक नहीं की गई है। वैश्विक व्यापार बहस में यह एक पक्ष है, पूरी तस्वीर नहीं। असली मुद्दा यह है कि 'अतिरिक्त क्षमता' की परिभाषा को लेकर पश्चिमी देश और चीन दोनों अपनी-अपनी सुविधाजनक व्याख्याएँ प्रस्तुत कर रहे हैं — और इस बहस में WTO जैसे तटस्थ मंचों की भूमिका लगातार कमज़ोर पड़ती जा रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजीटीएन का यह सर्वे किस विषय पर था?
यह सर्वे तथाकथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता के मुद्दे पर वैश्विक नेटिजनों की राय जानने के लिए कराया गया था। चीन के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा इस विषय पर एक आधिकारिक दस्तावेज़ जारी किए जाने के बाद सीजीटीएन ने यह सर्वे किया।
सर्वे में कितने प्रतिशत लोगों ने संरक्षणवाद का विरोध किया?
सर्वे के अनुसार 81.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने मुट्ठी भर देशों द्वारा अतिरिक्त उत्पादन क्षमता के मुद्दे को भू-राजनीति और व्यापार संरक्षणवाद के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का विरोध किया।
क्या व्यापार अधिशेष का मतलब अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है?
सर्वे में शामिल 76 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि नहीं — व्यापार अधिशेष वैश्विक व्यावसायिक बंटवारे और आपूर्ति-मांग के ढाँचे का स्वाभाविक परिणाम है और इसे अतिरिक्त क्षमता का संकेत नहीं माना जा सकता।
उत्पादन क्षमता के लिए कोई एकसमान वैश्विक मापदंड है?
सर्वे के अनुसार 84.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि विभिन्न आर्थिक समुदायों में उत्पादन क्षमता उपयोग का उचित दायरा अलग-अलग होता है और विश्व भर में कोई एकसमान मापदंड मौजूद नहीं है।
संरक्षणवादी नीतियों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है?
सर्वे में 81 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि विभिन्न प्रकार के संरक्षणवादी कदमों ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि को बाधित किया है और सामान्य व्यापारिक आवाजाही तथा व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
राष्ट्र प्रेस
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