चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी: 2026-2030 में कृषि और ग्रामीण आधुनिकीकरण पर ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राज्य परिषद ने हाल ही में 'कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के आधुनिकीकरण में तेज़ी लाने के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना' जारी की है, जो 2026 से 2030 की अवधि के दौरान कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के आधुनिकीकरण के विचारों, लक्ष्यों, प्रमुख कार्यों और नीतिगत उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। योजना में इस बात पर बल दिया गया है कि कृषि और ग्रामीण आधुनिकीकरण की रफ़्तार तेज़ करने से चीनी शैली के आधुनिकीकरण के समग्र निर्माण को मज़बूती मिलेगी।
योजना की वैचारिक दिशा
'योजना' में नए युग में चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विचारों का मार्गदर्शन अपनाने तथा 'कृषि, ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों' पर उनके निर्देशों को पूर्णतः लागू करने पर ज़ोर दिया गया है। दस्तावेज़ के अनुसार, 'ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े तीन मुद्दों'—कृषि, ग्रामीण क्षेत्र और किसान—का समाधान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यों की सर्वोच्च प्राथमिकता बना रहेगा।
योजना में कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने, एकीकृत शहरी-ग्रामीण विकास का अनुसरण करने, मज़बूत कृषि प्रधान राष्ट्र के निर्माण तथा ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापक पुनरुद्धार को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया है।
2030 के प्रमुख लक्ष्य
दस्तावेज़ के अनुसार, वर्ष 2030 तक खाद्य सुरक्षा की नींव को और मज़बूत किया जाएगा तथा कृषि की गुणवत्ता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में निरंतर सुधार लाया जाएगा। गरीबी उन्मूलन में अब तक हासिल उपलब्धियों को सुदृढ़ एवं विस्तारित करने, कृषि विज्ञान-प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने, और कृषि को आधुनिक बड़े पैमाने के उद्योग के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
इसके अलावा किसानों की आय में तीव्र वृद्धि, रहने योग्य और सुंदर गाँवों के निर्माण में तेज़ी, तथा शहरी-ग्रामीण एकीकरण में नई उपलब्धियों का खाका भी प्रस्तुत किया गया है। योजना में 2035 के दीर्घकालिक लक्ष्यों की एक प्रारंभिक परिकल्पना भी शामिल है।
सात विकास कार्य
योजना में कुल 7 विकास कार्यों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें कृषि उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता-दक्षता को समग्र रूप से बढ़ाना, गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों को सुदृढ़ करना, कृषि विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं उपकरण सहायता को मज़बूत करना, कृषि विकास के व्यापक हरित परिवर्तन को गति देना, तथा ग्रामीण प्रतिभाओं के भंडार का विकास शामिल हैं।
प्रमुख परियोजनाएँ और तकनीकी ज़ोर
दस्तावेज़ में उच्च मानक वाली कृषि भूमि, कृषि विज्ञान-प्रौद्योगिकी नवाचार क्षमताओं तथा भंडारण-संरक्षण के लिए कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स सुविधाओं जैसी प्रमुख परियोजनाओं के निर्माण की बात कही गई है। साथ ही 'बड़े पैमाने पर खाद्य विकास', 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता + कृषि', कृषि उत्पाद प्रसंस्करण का उन्नयन और आधुनिक ग्रामीण जीवन स्थितियों की कमियों को दूर करने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता में रखा गया है।
क्यों है यह योजना अहम
गौरतलब है कि यह योजना ऐसे समय में आई है जब चीन खाद्य आत्मनिर्भरता और ग्रामीण-शहरी असमानता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। आलोचकों का कहना है कि पिछली पंचवर्षीय योजनाओं में भी इसी तरह के लक्ष्य रखे गए थे, लेकिन क्रियान्वयन और किसानों की वास्तविक आय में वृद्धि असली कसौटी होगी। अब निगाहें इस पर हैं कि 2030 तक इन सात कार्यों पर ज़मीनी प्रगति किस गति से होती है।