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हैदराबाद में ईडी की 'गांजा क्वीन' नीतू बाई से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

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हैदराबाद में ईडी की 'गांजा क्वीन' नीतू बाई से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

सारांश

हैदराबाद की कथित 'गांजा क्वीन' नीतू बाई के 9 ठिकानों पर ईडी की एक साथ छापेमारी — PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग जांच, हवाला नेटवर्क और परिवार की संलिप्तता की पड़ताल। 2024 में SOT पहले ही 20 किलो गांजा और ₹20 लाख जब्त कर चुकी थी, फिर भी नीतू बाई फरार हैं।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 सितंबर को हैदराबाद में नीतू बाई उर्फ 'गांजा क्वीन' से जुड़े 9 परिसरों पर एक साथ तलाशी ली।
यह कार्रवाई PMLA के तहत दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई, जो EAGLE और आबकारी विभाग की एफआईआर पर आधारित है।
नीतू बाई पर हवाला चैनलों के ज़रिए करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने का संदेह; पति मुन्ना सिंह और बेटे गौतम व गोविंद भी कथित रूप से संलिप्त।
2024 में साइबराबाद SOT ने उनके आवास से 20 किलोग्राम गांजा और ₹20 लाख नकद जब्त किए थे।
नीतू बाई कई एफआईआर में आरोपी हैं और अब तक फरार बताई जा रही हैं।
ईडी संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार, 3 सितंबर को हैदराबाद में कथित गांजा रैकेट की सरगना नीतू बाई — जिन्हें 'गांजा क्वीन' के नाम से जाना जाता है — से जुड़े 9 परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी के अधिकारियों ने हैदराबाद के नानकरामगुडा स्थित लोढ़ा बस्ती में नीतू बाई के आवास समेत कुल 9 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। यह तलाशी तेलंगाना के एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (EAGLE) और निषेध एवं उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा नीतू बाई व उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी अवैध गांजा बिक्री से कथित तौर पर अर्जित धन, संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना है कि कथित ड्रग व्यापार से हासिल रकम को परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्तियों में निवेश किया गया है या नहीं।

नीतू बाई का नेटवर्क और परिवार की संलिप्तता

नीतू बाई के नानकरामगुडा लोढ़ा बस्ती स्थित आवास को कथित तौर पर परिवार-संचालित गांजे की खुदरा बिक्री का केंद्र माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनके पति मुन्ना सिंह, बेटे गौतम और गोविंद, तथा उनकी बेटी कथित रूप से गांजे की पैकेजिंग और बिक्री में सहयोग करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले EAGLE के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों सहित कई लोगों को नीतू बाई के घर से गांजा खरीदते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। इस संबंध में दर्ज कई एफआईआर में उनका नाम आरोपी के रूप में दर्ज है, लेकिन वह अब तक फरार बताई जा रही हैं।

पुराने मामले और जब्ती का रिकॉर्ड

2024 में साइबराबाद स्पेशल ऑपरेशन टीम (SOT) ने नीतू बाई के आवास पर छापा मारकर 20 किलोग्राम गांजा और ₹20 लाख नकद जब्त किए थे। नीतू बाई और उनके नेटवर्क पर अवैध व्यापार के ज़रिए करोड़ों रुपये अर्जित करने और कथित तौर पर उस रकम का एक बड़ा हिस्सा हवाला चैनलों के माध्यम से स्थानांतरित करने का संदेह है।

नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ी कार्रवाई

ईडी की यह छापेमारी नशामुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में मादक पदार्थों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की कड़ी है। यह ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वित अभियान तेज हो रहे हैं।

आगे क्या

तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ईडी द्वारा जांच का विस्तृत विवरण जारी किए जाने की संभावना है। जांचकर्ता अपराध से प्राप्त कथित धनराशि के प्रवाह की पूरी श्रृंखला स्थापित करने के बाद संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे तोड़ने के लिए सतही कार्रवाई नाकाफी है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने नीतू बाई के परिसरों पर छापा क्यों मारा?
ईडी ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की। EAGLE और आबकारी विभाग द्वारा नीतू बाई के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया और अवैध गांजा बिक्री से कथित रूप से अर्जित धन के स्रोत की जांच शुरू की।
'गांजा क्वीन' नीतू बाई कौन हैं?
नीतू बाई हैदराबाद के नानकरामगुडा स्थित लोढ़ा बस्ती की निवासी हैं, जिन पर कथित तौर पर परिवार-संचालित गांजे की खुदरा बिक्री का नेटवर्क चलाने का आरोप है। उनके पति मुन्ना सिंह और बेटे गौतम व गोविंद भी कथित रूप से इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
नीतू बाई के खिलाफ पहले क्या कार्रवाई हुई थी?
2024 में साइबराबाद SOT ने उनके आवास पर छापा मारकर 20 किलोग्राम गांजा और ₹20 लाख नकद जब्त किए थे। इसके अलावा EAGLE के अधिकारियों ने कई बार उनके घर से गांजा खरीदते हुए लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन नीतू बाई खुद फरार रही हैं।
ईडी इस मामले में क्या जांच कर रही है?
ईडी वित्तीय लेनदेन, संपत्ति दस्तावेज, बैंक खाते और अन्य अभिलेखों की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित ड्रग व्यापार से अर्जित धन को परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियों में निवेश किया गया है या हवाला चैनलों के ज़रिए स्थानांतरित किया गया है।
यह कार्रवाई किस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है?
यह छापेमारी नशामुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में मादक पदार्थों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ईडी द्वारा की जा रही व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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