दक्षिण चीन सागर: चीन-आसियान वरिष्ठ अधिकारियों की 26वीं बैठक क्वालालुंपर में, शांति व स्थिरता पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
चीन और आसियान देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने 21 मई 2025 को मलेशिया की राजधानी क्वालालुंपर में दक्षिण चीन सागर में विभिन्न पक्षों की कार्रवाई पर घोषणा (DOC) लागू करने की 26वीं बैठक आयोजित की। इस बैठक में सभी भागीदार देशों ने सर्वसम्मति से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में क्या तय हुआ
बैठक में शामिल विभिन्न पक्षों ने दक्षिण चीन सागर की शांति और अमन-चैन के महत्व पर एकमत होकर जोर दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि घोषणा को चौतरफा और प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, आपसी वार्ता एवं समन्वय को मजबूत किया जाएगा और संयम बरतते हुए मतभेदों का समुचित समाधान निकाला जाएगा। इसके साथ ही व्यावहारिक समुद्री सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति बनी।
आचार संहिता पर प्रगति
बैठक में प्रतिभागियों ने दक्षिण चीन सागर में कार्रवाई के नियम (COC) पर सलाह-मशविरे में हुई प्रगति की सराहना की। सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि परामर्श प्रक्रिया जारी रखते हुए इस नियम को यथाशीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। गौरतलब है कि आचार संहिता पर वार्ता वर्षों से चल रही है और इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए अहम माना जाता है।
अगले चरण की बैठकें
22 से 23 मई 2025 तक चीन और आसियान देश इसी घोषणा को लागू करने के लिए गठित संयुक्त कार्य दल की 55वीं बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में दक्षिण चीन सागर में कार्रवाइयों के नियम पर सलाह-मशविरे को आगे बढ़ाया जाएगा।
व्यापक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावों को लेकर चीन और कई आसियान सदस्य देशों — विशेषकर फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया — के बीच तनाव बना हुआ है। DOC पर हस्ताक्षर 2002 में हुए थे और तब से यह वार्ता-तंत्र का आधार बना हुआ है। आने वाले हफ्तों में संयुक्त कार्य दल की बैठक से यह स्पष्ट होगा कि आचार संहिता की दिशा में ठोस प्रगति संभव है या नहीं।