व्लादिवोस्तोक में 'चाइना डे 2026': फोटो प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों रूसी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक में 21 जून 2026 को 'चाइना डे 2026' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें चीनी शैली के आधुनिकीकरण की उपलब्धियों पर केंद्रित एक विशेष फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस आयोजन में हजारों स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में क्या-क्या रहा
इस बहुआयामी आयोजन में फोटो प्रदर्शनी के साथ-साथ प्रौद्योगिकी उत्पादों का प्रदर्शन, सांस्कृतिक अनुभव गतिविधियाँ, पारंपरिक चीनी व्यंजनों का स्वाद और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल थे। इन माध्यमों से रूसी सुदूर पूर्व के निवासियों को चीनी पारंपरिक संस्कृति और आधुनिकीकरण की उपलब्धियों से परिचित कराया गया।
महावाणिज्यदूत का संदेश
व्लादिवोस्तोक में चीनी महावाणिज्यदूत वू डेमिन ने उद्घाटन समारोह में कहा कि 'सभ्यताएँ आदान-प्रदान से समृद्ध होती हैं और मित्रता संपर्क से गहरी होती है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन और रूस पड़ोसी देश हैं तथा दोनों देशों के लोगों की मित्रता वर्षों से और अधिक प्रगाढ़ हुई है।
रूसी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रूस के प्रिमोर्स्की क्राय की प्रथम उप-राज्यपाल एवं सरकार की अध्यक्ष वेरा शेर्बिना ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रिमोर्स्की क्राय और चीन के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच व्यापार, कृषि, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। उनके अनुसार इस आयोजन से रूसी नागरिक चीनी संस्कृति के और निकट आएंगे।
व्लादिवोस्तोक के मेयर कोंस्टेंटिन शेस्ताकोव ने विश्वास जताया कि रूसी लोग चीनी संस्कृति और आर्थिक संभावनाओं को भली-भाँति समझेंगे और दोनों देशों के बीच सुदृढ़ पड़ोसी संबंधों की और अधिक सराहना करेंगे।
आयोजन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम व्लादिवोस्तोक में स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास और एक स्थानीय समाचार एजेंसी की व्लादिवोस्तोक शाखा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब चीन और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं और सुदूर पूर्वी रूस में चीनी सांस्कृतिक उपस्थिति बढ़ रही है।
आगे की राह
इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क को मज़बूत करने की दिशा में एक सतत प्रयास का हिस्सा माने जा रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार व्लादिवोस्तोक जैसे सीमावर्ती शहरों में इस प्रकार के कार्यक्रम चीन-रूस आर्थिक एकीकरण की व्यापक रणनीति को सांस्कृतिक आधार देते हैं।