चीन-EU व्यापार असंतुलन पर बीजिंग का जवाब: 'बाज़ार की माँग से प्रेरित, जीरो सम गेम नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार, 6 जुलाई को बीजिंग में नियमित प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि चीन-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार ढाँचा बाज़ार की स्वाभाविक माँग से उपजा है और पारस्परिक लाभ की पूरकता पर टिका है — यह किसी एकतरफ़ा दबाव का नतीजा नहीं। यह बयान ऐसे समय आया है जब EU आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हाल ही में संकेत दिया था कि यूरोपीय संघ को व्यापारिक असंतुलन के मुद्दे पर चीन के साथ बातचीत करनी चाहिए।
यूरोप में चीनी उत्पादों की बढ़ती माँग
माओ निंग ने इस संदर्भ में एक व्यावहारिक उदाहरण का हवाला दिया — यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, और चीन में निर्मित एयर कंडीशनर, पंखे तथा अन्य शीतलन उत्पाद यूरोपीय उपभोक्ताओं के बीच व्यापक रूप से लोकप्रिय हो रहे हैं। उनके अनुसार यह माँग किसी थोपे गए व्यापार का परिणाम नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की अपनी पसंद है।
चीनी प्रवक्ता का मुख्य तर्क
माओ निंग ने कहा कि चीन-EU संबंध में उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं दोनों को ठोस लाभ मिला है। उन्होंने कहा, 'जबरन क्रय-विक्रय असंभव है — यह दोतरफ़ा रास्ता है और समान लाभ का मामला है।' प्रवक्ता ने EU के नीति-निर्माताओं से आग्रह किया कि वे चीन-EU आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को वस्तुनिष्ठ नज़रिए से देखें और 'जीरो सम गेम' की मानसिकता त्यागकर पारस्परिक लाभ का दायरा विस्तृत करें।
व्यापार असंतुलन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में चीन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार असंतुलन एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। EU ने इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कई चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार किया है, जबकि बीजिंग लगातार यह तर्क देता रहा है कि व्यापार संबंध बाज़ार के नियमों पर आधारित हैं और किसी एक पक्ष को नुकसान नहीं पहुँचाते।
आगे की राह
माओ निंग की टिप्पणी ऐसे दौर में आई है जब वैश्विक व्यापार तनाव चरम पर है और EU-चीन के बीच कई क्षेत्रों में बातचीत जारी है। विश्लेषकों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच संवाद की निरंतरता ही व्यापारिक घर्षण को कम करने का सबसे व्यावहारिक रास्ता है। आने वाले महीनों में EU और चीन के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।