चीन की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता 2185 EFLOPS पर पहुंची, पहली छमाही 2025 में बड़ी छलांग
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 20 जुलाई 2025 को राज्य परिषद की न्यूज़ ब्रीफिंग में खुलासा किया कि जून 2025 के अंत तक देश की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता 2185 ईएफएलओपीएस (EFLOPS) तक पहुँच गई है। यह आँकड़ा डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में चीन की तेज़ी से बढ़ती तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित करता है।
क्षेत्रवार कंप्यूटिंग क्षमता का वितरण
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता का क्षेत्रीय वितरण असमान है। पूर्वी क्षेत्र सबसे आगे है, जिसकी हिस्सेदारी 55.9% है। पश्चिमी क्षेत्र 32.6% के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि मध्य क्षेत्र का योगदान 10.6% और पूर्वोत्तर क्षेत्र का मात्र 0.9% है। यह असंतुलन यह दर्शाता है कि चीन के तकनीकी केंद्र अभी भी तटीय और पूर्वी प्रांतों में केंद्रित हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में कंप्यूटिंग की भूमिका
मंत्रालय के अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटिंग क्षमता एक बुनियादी राष्ट्रीय संसाधन बन चुकी है — ठीक वैसे जैसे बिजली या परिवहन बुनियादी ढाँचा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ तेज़ हो रही है और अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा चरम पर है। गौरतलब है कि चीन ने पिछले कुछ वर्षों में AI चिप्स और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया है।
सरकार की आगामी योजनाएँ
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में सरकार कंप्यूटिंग बुनियादी ढाँचे की स्थापना में निरंतर सुधार करेगी और संसाधनों के उपयोग की दक्षता बढ़ाएगी। विशेष रूप से, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (SMEs) के लिए कंप्यूटिंग सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित करना प्राथमिकता में रहेगा, ताकि तकनीकी लाभ केवल बड़े निगमों तक सीमित न रहे।
वैश्विक संदर्भ और महत्व
2185 EFLOPS की यह क्षमता चीन को वैश्विक AI कंप्यूटिंग शक्तियों की पहली पंक्ति में खड़ा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता बड़े भाषा मॉडल (LLM), स्वायत्त वाहन प्रणाली और स्मार्ट विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तेज़ी लाने में सहायक होगी। यह आँकड़ा चीन के 'डिजिटल चाइना' राष्ट्रीय रणनीति के तहत निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप है।