चीन के राष्ट्रीय दिवस पर उपभोक्ता बाजार स्थिर, 78 व्यावसायिक केंद्रों में बिक्री 5.3% बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 4 अक्टूबर 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों के पहले तीन दिनों में बीजिंग सहित देशभर का उपभोक्ता बाजार स्थिर और सुव्यवस्थित बना रहा। दैनिक आवश्यकताओं की पर्याप्त आपूर्ति जारी रही और कीमतें काफी हद तक नियंत्रित रहीं।
मुख्य घटनाक्रम
वाणिज्य मंत्रालय के व्यापक डेटा विश्लेषण के अनुसार, 1 से 3 अक्टूबर के बीच मंत्रालय द्वारा निगरानी किए जाने वाले 78 प्रमुख व्यावसायिक जिलों (पैदल मार्गों) में आगंतुकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में बिक्री राजस्व में 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो उपभोक्ता खर्च में सतत सुधार का संकेत देती है।
उपभोग वस्तुओं के ट्रेड-इन कार्यक्रम ने विशेष रूप से उल्लेखनीय भूमिका निभाई। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस कार्यक्रम से 19.63 अरब युआन की बिक्री वृद्धि हुई, जिससे 34.83 लाख उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर असर
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, छुट्टियों के दौरान चीन भर के 200 बड़े कृषि और सहायक उत्पाद थोक बाजारों में पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया। अनाज, खाद्य तेल, सूअर का मांस, गोमांस, मटन और फलों की कीमतें 30 सितंबर (छुट्टियों से पहले के स्तर) की तुलना में लगभग अपरिवर्तित रहीं।
हालाँकि, सब्जियों और चिकन दोनों की कीमतों में 0.5 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई, जबकि अंडों की कीमत में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। इन मामूली कटौतियों को बाजार विशेषज्ञ मांग-आपूर्ति के सहज संतुलन के रूप में देख रहे हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन की अर्थव्यवस्था पर वैश्विक मांग में सुस्ती और आंतरिक उपभोक्ता विश्वास को लेकर दबाव बना हुआ है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय दिवस की 'गोल्डन वीक' छुट्टियाँ परंपरागत रूप से चीन में सबसे बड़े उपभोक्ता खर्च के अवसरों में से एक मानी जाती हैं, और सरकार इन आँकड़ों को वार्षिक आर्थिक स्वास्थ्य के पैमाने के रूप में उपयोग करती है। ट्रेड-इन कार्यक्रम को भी इसी उपभोग-प्रोत्साहन नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
छुट्टियों की पूरी अवधि के समेकित आँकड़े सप्ताहांत के बाद जारी होने की संभावना है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि उपभोग की यह गति बनी रही या नहीं। आलोचकों का कहना है कि ट्रेड-इन प्रोत्साहन हटने के बाद असली उपभोक्ता माँग की असली परीक्षा होगी।