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चीन की ट्रेड-इन नीति से उपभोक्ता बिक्री 20 खरब युआन पार, 25 करोड़ लोगों को फायदा

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चीन की ट्रेड-इन नीति से उपभोक्ता बिक्री 20 खरब युआन पार, 25 करोड़ लोगों को फायदा

सारांश

चीन की 'पुराने के बदले नए' ट्रेड-इन नीति ने 2026 में उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री 20 खरब युआन के पार पहुँचा दी और 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिला। यह घरेलू खपत बढ़ाने की चीन की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को बताया कि ट्रेड-इन कार्यक्रम के तहत उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री 20 खरब युआन से अधिक हो चुकी है।
इस योजना से 25 करोड़ से ज़्यादा नागरिक लाभान्वित हुए हैं।
नीति ने घरेलू खपत बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों के उन्नयन और पुनर्चक्रण को भी प्रोत्साहित किया।
वाणिज्य मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को राष्ट्रीय वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अगले चरण की कार्ययोजना तय की।
अगले चरण में ऑफलाइन खपत में नवाचार और सब्सिडी वितरण में तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया जाएगा।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि देश में उपभोक्ता वस्तुओं की 'पुराने के बदले नए' (ट्रेड-इन) नीति के तहत 2026 से अब तक संबंधित श्रेणियों की कुल बिक्री 20 खरब युआन से अधिक हो चुकी है। मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, इस कार्यक्रम से 25 करोड़ से ज़्यादा नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं।

क्या है ट्रेड-इन नीति

इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को पुराने घरेलू उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य टिकाऊ सामान वापस करके नए उत्पाद खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है। मंत्रालय के अनुसार, इसने न केवल खपत को बढ़ावा दिया है, बल्कि उत्पादों के उन्नयन और पुनर्चक्रण प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। नीतिगत दृष्टि से इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

राष्ट्रीय वीडियो सम्मेलन में प्रगति की समीक्षा

28 अक्टूबर को वाणिज्य मंत्रालय ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की। सम्मेलन में नीति के कार्यान्वयन की प्रगति और अब तक की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। साथ ही, अगले चरण की कार्ययोजना की रूपरेखा भी निर्धारित की गई।

सरकार की आगामी प्राथमिकताएँ

सम्मेलन में सभी क्षेत्रों से आग्रह किया गया कि वे प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए ठोस कदम उठाएँ और नीतियों को उच्च मानकों के अनुरूप लागू करें। इसके अलावा, ऑफलाइन उपभोग में नवाचार लाने और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया में तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया गया, ताकि नागरिकों को वास्तविक आर्थिक लाभ मिल सके।

आम जनता पर असर

यह नीति ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब चीन की घरेलू खपत को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बनी हुई है। 25 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का आँकड़ा दर्शाता है कि यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर व्यापक पहुँच बना चुका है। गौरतलब है कि इस तरह की सब्सिडी-आधारित खपत प्रोत्साहन नीतियाँ आर्थिक मंदी के दौरान माँग को स्थिर रखने के लिए वैश्विक स्तर पर आज़माई जाती रही हैं।

क्या होगा आगे

वाणिज्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, अगले चरण में सब्सिडी वितरण को और तेज़ किया जाएगा और ऑफलाइन खपत को बढ़ावा देने के नए तरीके आज़माए जाएँगे। इस कार्यक्रम का विस्तार चीन की आर्थिक रणनीति में घरेलू माँग को केंद्र में रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह खपत टिकाऊ है या सब्सिडी पर निर्भर एकबारगी उछाल। चीन में घरेलू माँग पिछले कुछ वर्षों से संरचनात्मक चुनौतियों से जूझ रही है, और ट्रेड-इन जैसी नीतियाँ अल्पकालिक माँग तो पैदा करती हैं, परंतु दीर्घकालिक उपभोक्ता विश्वास के बिना इनका असर सीमित रहता है। यह कार्यक्रम चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो निर्यात-निर्भरता से हटकर घरेलू खपत को विकास का इंजन बनाना चाहती है — एक लक्ष्य जिसे हासिल करना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की 'पुराने के बदले नए' ट्रेड-इन नीति क्या है?
यह चीन सरकार की एक उपभोक्ता सब्सिडी योजना है जिसमें नागरिक पुराने घरेलू उपकरण या टिकाऊ सामान वापस करके नए उत्पाद खरीदने पर छूट पाते हैं। इसका उद्देश्य घरेलू खपत बढ़ाना, उत्पादों का उन्नयन करना और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करना है।
इस कार्यक्रम से अब तक कितनी बिक्री हुई है?
वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 2026 से अब तक इस कार्यक्रम के तहत संबंधित श्रेणियों की बिक्री 20 खरब युआन से अधिक हो चुकी है। इससे 25 करोड़ से ज़्यादा नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
चीन में इस नीति के अगले चरण में क्या होगा?
28 अक्टूबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय वीडियो कॉन्फ्रेंस में तय किया गया कि अगले चरण में ऑफलाइन खपत में नवाचार लाया जाएगा और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी। नीतियों को उच्च मानकों के अनुरूप लागू करने पर भी बल दिया गया।
इस नीति के क्या सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं?
मंत्रालय के अनुसार इस नीति ने घरेलू खपत बढ़ाने में कारगर भूमिका निभाई है। इसके साथ ही उत्पादों के उन्नयन और पुनर्चक्रण प्रक्रिया को आसान बनाने में भी इसका योगदान रहा है।
भारत के लिए चीन की इस नीति का क्या महत्व है?
चीन की ट्रेड-इन नीति की सफलता वैश्विक स्तर पर घरेलू खपत-आधारित विकास मॉडल की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है। भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नीति-निर्माता इस तरह के उपभोक्ता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से सबक ले सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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