चीन में समुद्री तेल रिसाव का संकट: 30 वर्षों में 2,350 से अधिक ऑयल स्पिल, पर्यावरण कानून कमज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के तटीय समुद्रों में तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं — देश की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण समुद्री शिपिंग में भारी उछाल आया है, जबकि प्रभावी पर्यावरण कानूनों का अभाव बना हुआ है। चीन के संचार मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष देश में समुद्री मार्ग से करीब 1.8 अरब टन माल का परिवहन हुआ, और देश के लगभग 90 प्रतिशत आयातित कच्चे तेल की ढुलाई समुद्र के रास्ते हुई, जिसकी कुल मात्रा लगभग 11 करोड़ टन रही।
तीन दशकों में 2,350 से अधिक ऑयल स्पिल
1973 से 2003 के बीच चीन के तटीय क्षेत्रों में 2,350 से अधिक तेल रिसाव की घटनाएँ दर्ज की गईं — यानी औसतन हर 4.6 दिन में एक घटना। इनमें से कई घटनाएँ इतनी गंभीर थीं कि उन्होंने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और तटीय आजीविका के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर समुद्री प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
हालिया बड़ी दुर्घटनाएँ
इसी वर्ष 4 अप्रैल को पुर्तगाल का तेल टैंकर 'आर्टेगा', जो यमन से लगभग 1.2 लाख टन कच्चा तेल लेकर आ रहा था, पूर्वोत्तर चीन के लियाओनिंग प्रांत स्थित डालियान बंदरगाह के निकट एक चट्टान से टकराकर फँस गया।
इसके बाद 2 जुलाई को एक चीनी तेल टैंकर डालियान पोर्ट पर मलेशिया में पंजीकृत 9,000 टन के जहाज़ से टकरा गया। वह जहाज़ दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के ग्वांगझू के लिए 3,800 टन डीज़ल ले जा रहा था। इस टक्कर से ईंधन समुद्री जल में फैल गया और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई दिनों तक दर्जनों नावों और हेलीकॉप्टरों को तैनात रखना पड़ा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हांगकांग के दक्षिण में पर्ल नदी के मुहाने पर पनामा और यमन के दो कंटेनर जहाज़ आपस में टकरा गए थे, जिससे 1,200 टन तेल समुद्र में बिखर गया। इस दुर्घटना की आपातकालीन सफाई पर 12 करोड़ युआन (करीब 1.45 करोड़ अमेरिकी डॉलर) खर्च हुए।
कानूनी ढाँचे की खामियाँ
हालाँकि चीन तेल प्रदूषण पर अंतरराष्ट्रीय फंड कन्वेंशन का हिस्सा है — जो ऐसी दुर्घटनाओं में वित्तीय मुआवज़ा सुनिश्चित करता है — लेकिन यह व्यवस्था केवल हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र पर लागू होती है। इसका अर्थ है कि चीन के शेष तटीय क्षेत्रों में तेल प्रदूषण से होने वाले नुकसान की भरपाई इस अंतरराष्ट्रीय कोष से नहीं हो सकती।
आलोचकों का कहना है कि यह कानूनी खामी समुद्री प्रदूषण नियंत्रण को और कमज़ोर बनाती है, क्योंकि दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित पक्षों के पास सीमित कानूनी सहारा होता है।
आगे क्या
चीन की समुद्री सुरक्षा प्रशासन ने शिपिंग में बढ़ोतरी और पर्यावरणीय निगरानी के बीच की खाई को स्वीकार किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक समुद्री परिवहन की रफ्तार और पर्यावरण कानूनों की मज़बूती के बीच संतुलन नहीं बनाया जाता, तटीय पारिस्थितिकी पर दबाव बढ़ता रहेगा।