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एआई रेस में अमेरिका सबसे आगे, चीन काफी पीछे: वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

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एआई रेस में अमेरिका सबसे आगे, चीन काफी पीछे: वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

सारांश

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में साफ कहा — अमेरिका एआई महाशक्ति है, चीन काफी पीछे। नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए वाशिंगटन एआई प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर इस सदी की सबसे बड़ी तकनीकी रेस जीतने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 29 मई 2026 को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में अमेरिका को एआई महाशक्ति घोषित किया।
बेसेंट के अनुसार चीन एआई रेस में दूसरे स्थान पर है, लेकिन काफी पीछे है।
प्रशासन बड़ी भाषा मॉडल प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने पर काम कर रहा है।
एआई को अमेरिकी अधिकारी सैन्य क्षमता, साइबर सुरक्षा और उत्पादकता वृद्धि के लिए अनिवार्य मानते हैं।
दोनों देश सेमीकंडक्टर और उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना में भारी निवेश कर रहे हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 29 मई 2026 को व्हाइट हाउस में एक ब्रीफिंग के दौरान घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी महाशक्ति है और चीन इस दौड़ में अभी भी काफी पीछे है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तकनीकी वर्चस्व की होड़ तेज़ी से बढ़ रही है।

बेसेंट का स्पष्ट दावा

ब्रीफिंग में बेसेंट ने कहा, 'अमेरिका विश्व में एआई का अग्रणी देश है। हम एक एआई महाशक्ति हैं। चीन दूसरे स्थान पर है, लेकिन काफी पीछे है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन देश की अग्रणी एआई कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि नवाचार और सुरक्षा उपायों के बीच उचित संतुलन बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, 'हम बड़ी भाषा प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वे बेहतरीन साझेदार साबित हुए हैं। हम एक ऐसा समाधान निकालेंगे, जो अधिकतम गणना का हल प्रदान करेगा।'

नवाचार और सुरक्षा का संतुलन

बेसेंट की ये टिप्पणियाँ उन्नत एआई मॉडलों से उत्पन्न जोखिमों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे व वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा से जुड़े सवालों के जवाब में आईं। उन्होंने कठोर प्रतिबंधों का संकेत देने के बजाय अमेरिका की अग्रणी स्थिति बनाए रखने पर ज़ोर दिया। बेसेंट के अनुसार, 'हम नवाचार और सुरक्षा के बीच सटीक संतुलन पर काम कर रहे हैं और हम इसे सर्वोत्तम बनाना चाहते हैं।'

गौरतलब है कि दुनिया भर की सरकारें तेज़ी से शक्तिशाली होती एआई प्रणालियों को विनियमित करने के तरीकों को लेकर जूझ रही हैं, साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि उनकी घरेलू कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनी रहें।

सरकार और एआई प्रयोगशालाओं का सहयोग

बेसेंट ने संघीय सरकार और प्रमुख एआई डेवलपर्स के बीच सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'बड़े भाषा मॉडल विकसित करने वाली सभी प्रयोगशालाओं के बीच और साथ ही अमेरिकी सरकार और प्रयोगशालाओं के बीच भी हमारा उत्कृष्ट सहयोग है।' यह सहयोग एआई नीति-निर्माण में एक नई दिशा का संकेत देता है, जहाँ उद्योग और सरकार एक साथ मिलकर मानक तय कर रहे हैं।

अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिद्वंद्विता का केंद्रीय मोर्चा

संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन दोनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना में भारी निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी एआई में नेतृत्व को न केवल आर्थिक प्रतिस्पर्धा के लिए, बल्कि सैन्य क्षमताओं, साइबर सुरक्षा, उन्नत विनिर्माण और भविष्य की उत्पादकता वृद्धि के लिए भी अनिवार्य मानते हैं। बेसेंट के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि एआई, वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापक रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता का एक केंद्रीय मोर्चा बन चुकी है।

आगे क्या

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच यह तकनीकी होड़ आने वाले दशकों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को आकार देती रहेगी। नीति-निर्माताओं के सामने अब यह चुनौती है कि वे एआई के तेज़ विकास को नियंत्रित करने वाले नियामक ढाँचे को इस तरह तैयार करें, जो नवाचार को बाधित न करे और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक आत्मविश्वास तो दर्शाता है, लेकिन DeepSeek जैसे चीनी एआई मॉडलों की हालिया सफलताओं को देखते हुए यह आकलन बहस का विषय है। असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका की बढ़त टिकाऊ है — जबकि चीन सेमीकंडक्टर प्रतिबंधों के बावजूद अपनी घरेलू एआई क्षमता तेज़ी से बना रहा है। नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन की बात सुनने में आकर्षक लगती है, लेकिन अमेरिका में एआई नियमन को लेकर अभी कोई ठोस कानूनी ढाँचा नहीं है। बिना स्पष्ट नियामक रोडमैप के, यह बयान रणनीतिक इरादे से कम और आश्वासन की राजनीति से अधिक लगता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कॉट बेसेंट ने एआई रेस पर क्या कहा?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 29 मई 2026 को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका एआई का अग्रणी देश और एक एआई महाशक्ति है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर लेकिन काफी पीछे है। उन्होंने नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने पर ज़ोर दिया।
अमेरिका और चीन के बीच एआई प्रतिस्पर्धा क्यों अहम है?
एआई में नेतृत्व को अमेरिकी अधिकारी आर्थिक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सैन्य क्षमताओं, साइबर सुरक्षा और उन्नत विनिर्माण के लिए भी अनिवार्य मानते हैं। दोनों देश सेमीकंडक्टर और उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना में भारी निवेश कर रहे हैं, क्योंकि इन तकनीकों से आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार मिलने की उम्मीद है।
अमेरिकी सरकार एआई कंपनियों के साथ कैसे काम कर रही है?
बेसेंट के अनुसार, अमेरिकी सरकार और बड़े भाषा मॉडल विकसित करने वाली प्रयोगशालाओं के बीच उत्कृष्ट सहयोग है। प्रशासन इन कंपनियों के साथ मिलकर ऐसा समाधान तैयार करने पर काम कर रहा है जो नवाचार को बाधित किए बिना सुरक्षा सुनिश्चित करे।
क्या अमेरिका एआई पर कठोर प्रतिबंध लगाएगा?
बेसेंट ने कठोर प्रतिबंधों का संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन नवाचार और सुरक्षा के बीच 'सटीक संतुलन' पर काम कर रहा है और उद्योग के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है, न कि एकतरफा नियामक कदम उठाना।
एआई रेस में चीन की स्थिति क्या है?
बेसेंट के अनुसार चीन एआई में दूसरे स्थान पर है, लेकिन अमेरिका से काफी पीछे है। हालाँकि, चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और उन्नत कंप्यूटिंग में भारी निवेश कर रहा है और वैश्विक एआई नेतृत्व हासिल करने की कोशिश में लगा है।
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