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चीन ने चूछ्य्व-3 रॉकेट का पहला चरण जमीन पर उतारा, पुन: प्रयोज्य तकनीक में बड़ी उपलब्धि

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चीन ने चूछ्य्व-3 रॉकेट का पहला चरण जमीन पर उतारा, पुन: प्रयोज्य तकनीक में बड़ी उपलब्धि

सारांश

चीन ने 19 अगस्त को चूछ्य्व-3 रॉकेट के पहले चरण को लैंडिंग लेग्स की मदद से जमीन पर उतारकर इतिहास रचा। महज़ छह हफ्तों में समुद्र और जमीन — दोनों पर सफल बूस्टर रिकवरी के साथ, चीन ने वैश्विक पुन: प्रयोज्य रॉकेट दौड़ में अपनी दावेदारी मज़बूत कर दी है।

मुख्य बातें

चूछ्य्व-3 वाई2 रॉकेट ने 19 अगस्त 2026 को सुबह 7:35 बजे (बीजिंग समय) उत्तर-पश्चिमी चीन के तोंगफंग प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी।
रॉकेट के पहले चरण को तैनाती योग्य लैंडिंग लेग्स की सहायता से जमीन पर नियंत्रित तरीके से उतारा गया — यह चीन का पहला सफल जमीनी लैंडिंग प्रयास है।
इससे पहले 10 जुलाई को लॉन्ग मार्च 10बी के पहले चरण को समुद्र में सफलतापूर्वक उतारा गया था।
छह सप्ताह में समुद्र और जमीन दोनों पर सफल बूस्टर रिकवरी से चीन ने पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मज़बूत की।

चीन ने 19 अगस्त 2026 को अपनी पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जब चूछ्य्व-3 वाई2 वाहक रॉकेट के पहले चरण को तैनाती योग्य लैंडिंग लेग्स की मदद से जमीन पर नियंत्रित तरीके से सफलतापूर्वक उतारा गया। यह चीन का इस श्रेणी में पहला सफल जमीनी लैंडिंग प्रयास है, जो देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

मिशन का विवरण

चूछ्य्व-3 वाई2 रॉकेट ने उत्तर-पश्चिमी चीन के तोंगफंग वाणिज्यिक अंतरिक्ष नवाचार पायलट क्षेत्र से बुधवार सुबह 7 बजकर 35 मिनट (बीजिंग समयानुसार) पर उड़ान भरी। प्रक्षेपण के बाद रॉकेट के पहले चरण को जमीन पर उतारने की पूरी प्रक्रिया योजना के अनुसार संपन्न हुई, जिससे मिशन को पूर्णतः सफल घोषित किया गया।

पिछली उपलब्धि से कैसे अलग है यह सफलता

यह मिशन 10 जुलाई को हासिल की गई एक और उपलब्धि के बाद आया है, जब लॉन्ग मार्च 10बी रॉकेट के पहले चरण को समुद्र में सफलतापूर्वक उतारा गया था। हालाँकि, 19 अगस्त की यह लैंडिंग इस मायने में विशेष है कि यह तैनाती योग्य लैंडिंग लेग्स की सहायता से जमीन पर नियंत्रित तरीके से की गई — जो चीन के लिए पहली बार था। इस प्रकार महज़ छह सप्ताह के भीतर चीन ने समुद्र और जमीन, दोनों पर रॉकेट के पहले चरण की वापसी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

तकनीकी महत्व

पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक अंतरिक्ष अन्वेषण की लागत को उल्लेखनीय रूप से कम करती है, क्योंकि रॉकेट के सबसे महँगे हिस्से को दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि चीन को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाज़ार में प्रतिस्पर्धी स्थिति में लाती है। गौरतलब है कि यह तकनीक अब तक मुख्यतः अमेरिकी निजी अंतरिक्ष कंपनियों की विशेषता मानी जाती रही है।

आगे की राह

इस सफलता को चीन की पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस तकनीक के व्यावसायिक और सैन्य अंतरिक्ष कार्यक्रमों में एकीकरण की संभावना जताई जा रही है, जो वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह अभी केवल प्रतिष्ठा की दौड़ का हिस्सा है। वैश्विक अंतरिक्ष बाज़ार में चीन की बढ़ती उपस्थिति भारत सहित अन्य देशों के लिए भी रणनीतिक संदर्भ रखती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चूछ्य्व-3 रॉकेट की जमीनी लैंडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
यह चीन का पहला सफल प्रयास है जिसमें तैनाती योग्य लैंडिंग लेग्स की मदद से रॉकेट के पहले चरण को जमीन पर नियंत्रित तरीके से उतारा गया। पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत में भारी कमी लाती है, क्योंकि सबसे महँगे हिस्से को दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
चूछ्य्व-3 रॉकेट का प्रक्षेपण कब और कहाँ से हुआ?
चूछ्य्व-3 वाई2 रॉकेट ने 19 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजकर 35 मिनट (बीजिंग समय) पर उत्तर-पश्चिमी चीन के तोंगफंग वाणिज्यिक अंतरिक्ष नवाचार पायलट क्षेत्र से उड़ान भरी।
क्या चीन ने पहले भी रॉकेट का पहला चरण वापस उतारा है?
हाँ, इससे पहले 10 जुलाई को लॉन्ग मार्च 10बी रॉकेट के पहले चरण को समुद्र में सफलतापूर्वक उतारा गया था। हालाँकि, 19 अगस्त की यह लैंडिंग जमीन पर लैंडिंग लेग्स की मदद से की गई, जो चीन के लिए पहली बार था।
इस उपलब्धि का वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि चीन को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाज़ार में एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है। पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक अब तक मुख्यतः अमेरिकी निजी अंतरिक्ष कंपनियों की विशेषता मानी जाती रही है।
चीन की पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक का अगला कदम क्या होगा?
इस सफलता के बाद आने वाले महीनों में इस तकनीक के वाणिज्यिक और अन्य अंतरिक्ष कार्यक्रमों में एकीकरण की संभावना जताई जा रही है। यह चीन के व्यापक अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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