4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये का बेंगलुरु दौरा, विश्वविद्यालयों में भारत-चीन शैक्षणिक सहयोग पर चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये का बेंगलुरु दौरा, विश्वविद्यालयों में भारत-चीन शैक्षणिक सहयोग पर चर्चा

सारांश

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ठीक बाद भारत में चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये का बेंगलुरु दौरा — पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और युवा क्षेत्रों में सहयोग की पेशकश के साथ। यह यात्रा कूटनीतिक गर्मजोशी के व्यावहारिक धरातल पर उतरने की कोशिश का संकेत है।

मुख्य बातें

चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने 29-30 सितंबर 2026 को बेंगलुरु का दौरा किया।
अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया से पारंपरिक चिकित्सा सहयोग पर चर्चा हुई।
सीएमआर विश्वविद्यालय में उप कुलपति राजवेंद्र और छात्र प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया गया।
ब्रिक्स सहयोग फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन; 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
छिन च्ये ने संस्कृति, शिक्षा और युवा क्षेत्रों में द्विपक्षीय आदान-प्रदान को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

भारत में चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने 29 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा किया और उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत-चीन शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग पर विचार-विमर्श किया। यह दौरा हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तत्काल बाद हुआ, जिसे दोनों देशों के बीच संबंधों की नई दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय दौरे में मुख्य घटनाक्रम

कौंसल जनरल छिन च्ये ने अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया से मुलाकात के दौरान कहा कि हाल ही में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने में सहायक होगी। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा को सहयोग का एक विशेष क्षेत्र बताते हुए कहा कि चीन और भारत दोनों ही प्राचीन सभ्यताएँ हैं जिनके पास पारंपरिक चिकित्सा का दीर्घकालिक इतिहास है। छिन च्ये के अनुसार, दोनों पक्ष इस क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को मज़बूत करते हुए सभ्यताओं के बीच आपसी समझ को गहरा कर सकते हैं।

ब्रिक्स फोटो प्रदर्शनी और सांस्कृतिक संदेश

30 सितंबर 2026 को छिन च्ये ने बेंगलुरु में भारत के विश्व सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित ब्रिक्स सहयोग फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी ग्लोबल साउथ की एकता, आत्मनिर्भरता तथा ब्रिक्स सहयोग के विकास की यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत करती है। गौरतलब है कि 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स सहयोग और भारत-चीन संबंधों पर कई महत्वपूर्ण उद्बोधन दिए।

सीएमआर विश्वविद्यालय में संवाद

30 सितंबर को ही छिन च्ये ने बेंगलुरु स्थित सीएमआर विश्वविद्यालय का भी दौरा किया और उप कुलपति राजवेंद्र के साथ-साथ संकाय सदस्यों एवं छात्र प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस बातचीत में उन्होंने रेखांकित किया कि विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों और प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन के बीच सहयोग केवल द्विपक्षीय हित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल साउथ के पुनरोद्धार और विश्व शांति एवं विकास में भी योगदान देता है।

भारत-चीन संबंधों के व्यापक संदर्भ में महत्व

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन संबंध ब्रिक्स मंच के ज़रिए एक नई कूटनीतिक गर्मजोशी की ओर बढ़ रहे हैं। छिन च्ये ने ज़ोर देकर कहा कि संस्कृति, शिक्षा और युवा क्षेत्रों में आदान-प्रदान को गहरा करना तथा लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाना दोनों देशों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। बेंगलुरु जैसे प्रौद्योगिकी और शिक्षा केंद्र में यह कूटनीतिक संपर्क आगे आने वाले शैक्षणिक सहयोग समझौतों की ज़मीन तैयार कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय शिक्षा संस्थानों में चीनी कूटनीतिक पहुँच को लेकर सुरक्षा और नीतिगत हलकों में सतर्कता का भाव बना रहता है — जिसे इस दौरे की रिपोर्टिंग में बड़े पैमाने पर नज़रअंदाज़ किया गया।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने बेंगलुरु में किन स्थानों का दौरा किया?
छिन च्ये ने 29 सितंबर को अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा 30 सितंबर को सीएमआर विश्वविद्यालय और ब्रिक्स सहयोग फोटो प्रदर्शनी का दौरा किया। दोनों ही स्थानों पर उन्होंने वरिष्ठ शैक्षणिक अधिकारियों से भारत-चीन सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरे का 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या संबंध है?
यह दौरा नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद हुआ, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भाग लिया था। कौंसल जनरल छिन च्ये ने कहा कि सम्मेलन में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बैठक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
भारत-चीन पारंपरिक चिकित्सा सहयोग पर क्या बात हुई?
छिन च्ये ने कहा कि चीन और भारत दोनों के पास पारंपरिक चिकित्सा का लंबा इतिहास है और दोनों पक्ष इस क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को मज़बूत कर सकते हैं। यह चर्चा अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया के साथ हुई।
छिन च्ये ने ग्लोबल साउथ को लेकर क्या कहा?
सीएमआर विश्वविद्यालय में छिन च्ये ने कहा कि विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों और प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत-चीन सहयोग ग्लोबल साउथ के पुनरोद्धार और वैश्विक शांति-विकास में योगदान देता है। उन्होंने संस्कृति, शिक्षा और युवा क्षेत्रों में आदान-प्रदान बढ़ाने पर बल दिया।
यह दौरा भारत-चीन संबंधों के लिए कितना महत्वपूर्ण है?
यह दौरा ऐसे समय में आया जब ब्रिक्स मंच के ज़रिए भारत-चीन संबंधों में नई गर्मजोशी के संकेत मिल रहे हैं। बेंगलुरु के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में यह कूटनीतिक संपर्क शिक्षा, संस्कृति और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम माना जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले