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पोटाला महल पर सात-भाग की डॉक्यूमेंट्री 23 जून से प्रसारित, सीएमजी और शीत्सांग स्टेशन का संयुक्त निर्माण

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पोटाला महल पर सात-भाग की डॉक्यूमेंट्री 23 जून से प्रसारित, सीएमजी और शीत्सांग स्टेशन का संयुक्त निर्माण

सारांश

विश्व धरोहर पोटाला महल पर केंद्रित सात-एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री 23 से 29 जून तक प्रसारित हो रही है। सीएमजी और शीत्सांग स्टेशन के इस संयुक्त निर्माण में थांगखा चित्रों, बौद्ध प्रतिमाओं और भित्ति चित्रों के जरिये बर्फीले पठार के एक हजार वर्षों का इतिहास जीवंत किया गया है।

मुख्य बातें

चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और शीत्सांग रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन ने संयुक्त रूप से सात-एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री 'पोटाला महल' का निर्माण किया है।
प्रसारण 23 से 29 जून तक जारी है — प्रतिदिन एक एपिसोड।
डॉक्यूमेंट्री में थांगखा चित्र , बौद्ध प्रतिमाएँ , भित्ति चित्र , पत्र सूत्र और सोने-चाँदी की कलाकृतियाँ जैसी दुर्लभ धरोहरें प्रस्तुत की गई हैं।
पोटाला महल को दुनिया का सबसे ऊँचाई पर स्थित और सबसे अच्छी तरह संरक्षित महल-किला परिसर माना जाता है।
श्रृंखला बर्फीले पठार के लगभग एक हजार वर्षों के इतिहास और शीत्सांग-मातृभूमि के साझा विकास को दर्शाती है।

चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और शीत्सांग रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन के संयुक्त निर्माण में तैयार सात-एपिसोड की ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला 'पोटाला महल' का प्रसारण 23 से 29 जून तक किया जा रहा है। यह श्रृंखला विश्व धरोहर स्थल पोटाला महल को केंद्र में रखकर बर्फीले पठार के लगभग एक हजार वर्षों के इतिहास को दर्शाती है।

पोटाला महल की ऐतिहासिक विरासत

पोटाला महल को दुनिया का सबसे ऊँचाई पर स्थित और सबसे अच्छी तरह संरक्षित महल-किला परिसर माना जाता है। सदियों के लंबे इतिहास में यह राजनीति, धर्म, संस्कृति और कला का एक अनूठा केंद्र रहा है। मध्य मैदानी राजवंशों के लिए यह सीमावर्ती शासन का एक ऐतिहासिक आदर्श माना जाता है और चीन में विभिन्न जातीय समूहों के आदान-प्रदान एवं एकीकरण का प्रमाण भी।

डॉक्यूमेंट्री में क्या दिखाया गया है

यह श्रृंखला पोटाला महल के हजार साल के इतिहास के माध्यम से बौद्ध धर्म के चीनीकरण की ऐतिहासिक प्रक्रिया को दर्शाती है। इसमें शीत्सांग में क्रमिक केंद्रीय सरकारों द्वारा शासन के इतिहास का सजीव वर्णन किया गया है। डॉक्यूमेंट्री शीत्सांग और मातृभूमि के साझा विकास की कहानी को भी प्रस्तुत करती है।

ऐतिहासिक कलाकृतियों का उपयोग

डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला में पोटाला महल से प्राप्त दुर्लभ ऐतिहासिक कलाकृतियों का उपयोग किया गया है — जिनमें थांगखा चित्र, बौद्ध प्रतिमाएँ, भित्ति चित्र, पत्र सूत्र तथा सोने-चाँदी की कलाकृतियाँ शामिल हैं। इन्हें शीत्सांग और चीन के भीतरी इलाके के बीच ऐतिहासिक संबंधों को उजागर करने के लिए प्रस्तुत किया गया है।

सांस्कृतिक संरक्षण का चित्रण

निर्माताओं के अनुसार, डॉक्यूमेंट्री के दृश्य तिब्बती संस्कृति के संरक्षण को व्यापक रूप से प्रदर्शित करते हैं। यह श्रृंखला तिब्बती सांस्कृतिक और कलात्मक धरोहर का एक विस्तृत संग्रह प्रस्तुत करती है। इसमें शीत्सांग में धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान और जातीय संस्कृति की रक्षा से जुड़ी नीतियों को भी रेखांकित किया गया है।

प्रसारण और उपलब्धता

सात एपिसोड की यह डॉक्यूमेंट्री 23 जून से 29 जून तक प्रसारित की जा रही है। सीएमजी के माध्यम से यह श्रृंखला व्यापक दर्शकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है और नए युग में समाजवादी शीत्सांग के स्वरूप को प्रदर्शित करने का प्रयास करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसमें प्रस्तुत ऐतिहासिक व्याख्याएँ — विशेषकर शीत्सांग में शासन और धार्मिक नीतियों से संबंधित — चीनी सरकार के आधिकारिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती हैं। तिब्बती सांस्कृतिक धरोहर के चित्रण और वास्तविक जमीनी स्थिति के बीच के अंतर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र आवाजें भिन्न मत रखती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉक्यूमेंट्री 'पोटाला महल' क्या है?
यह चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और शीत्सांग रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित सात-एपिसोड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला है। यह विश्व धरोहर पोटाला महल के माध्यम से बर्फीले पठार के लगभग एक हजार वर्षों के इतिहास को प्रस्तुत करती है।
यह डॉक्यूमेंट्री कब और कहाँ प्रसारित हो रही है?
डॉक्यूमेंट्री 'पोटाला महल' का प्रसारण 23 से 29 जून तक किया जा रहा है। इसे सीएमजी के चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है।
पोटाला महल क्यों महत्वपूर्ण है?
पोटाला महल को दुनिया का सबसे ऊँचाई पर स्थित और सबसे अच्छी तरह संरक्षित महल-किला परिसर माना जाता है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और सदियों से राजनीति, धर्म, संस्कृति तथा कला का केंद्र रहा है।
डॉक्यूमेंट्री में कौन-सी ऐतिहासिक कलाकृतियाँ दिखाई गई हैं?
श्रृंखला में पोटाला महल से प्राप्त थांगखा चित्र, बौद्ध प्रतिमाएँ, भित्ति चित्र, पत्र सूत्र और सोने-चाँदी की कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गई हैं। इनके माध्यम से शीत्सांग और चीन के भीतरी इलाके के ऐतिहासिक संबंधों को उजागर करने का प्रयास किया गया है।
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किसने किया?
यह डॉक्यूमेंट्री चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और शीत्सांग रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन का संयुक्त निर्माण है। सीएमजी चीन का प्रमुख सरकारी मीडिया समूह है।
राष्ट्र प्रेस
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