दलाई लामा ने बताया, क्यों संबोधित करते हैं लोगों को भाइयों-बहनों के रूप में, इंसानियत का दिया संदेश
सारांश
Key Takeaways
- इंसानियत की एकता का संदेश
- धर्म, राष्ट्रीयता और राजनीतिक विभाजन से परे
- सात अरब लोग एक समान
- खुशहाल जीवन का अधिकार सभी का
- ग्रैमी अवार्ड विजेता
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तिब्बती नेता दलाई लामा जब भी लोगों को संबोधित करते हैं, तो वह हमेशा भाइयों और बहनों के शब्दों से शुरुआत करते हैं। हाल ही में, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसा क्यों करते हैं। इस वीडियो में उन्होंने इंसानियत, समानता और एकता का महत्व भी बताया।
इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, "परम पावन दलाई लामा अक्सर दर्शकों को भाइयों और बहनों कहकर बात क्यों शुरू करते हैं? इस संक्षिप्त क्लिप में, वे बताते हैं कि हम जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वह धर्म, राष्ट्रीयता और राजनीतिक विभाजन से उत्पन्न होती हैं। वह हमें इंसानियत की एकता और एक खुशहाल जीवन जीने की साझा इच्छा की याद दिलाते हैं।" यह वीडियो १५ जनवरी, २०१४ को रिकॉर्ड किया गया था।
वीडियो में दलाई लामा कहते हैं, "प्रिय भाइयों और बहनों, मैं हर जगह इस शब्द का उपयोग जान-बूझकर करता हूं, क्योंकि हम जिस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वह विभाजन के कारण हैं। धर्म, देश, राजनीति और आर्थिक परिस्थितियों के कारण हमें इंसानियत की एकता की आवश्यकता है। सात अरब लोग वास्तव में एक ही मानवता हैं। मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से हम एक समान हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात, हमें एक खुशहाल जीवन जीने का अधिकार है।"
हाल ही में, दलाई लामा को बेस्ट ऑडियोबुक, व्याख्या और कहानी वाले रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया गया। ९० वर्षीय नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा के इस सम्मान में वनीली के फैब मोरवन, सुप्रीम कोर्ट के जज केतनजी ब्राउन जैक्सन, शो के होस्ट ट्रेवर नोआ और अभिनेत्री कैथी गार्वर भी शामिल थे।
यह पुरस्कार समारोह यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया। इस अवसर पर दलाई लामा की तरफ से रुफस वेनराइट ने पुरस्कार लिया। 'मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा' एक ऐसा एल्बम है जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ नए सहयोग का प्रतिनिधित्व करता है।