'द साइकिल ऑफ लव' का न्यूयॉर्क प्रीमियर: दिल्ली से स्वीडन तक 10,000 किमी साइकिल से तय की प्रेम की राह
सारांश
मुख्य बातें
पी.के. महानंदिया और लोट्टा वॉन शेडविन की सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' का प्रीमियर 21 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका थिएटर में हुआ। यह वह कहानी है जिसमें एक गरीब दलित परिवार में जन्मे भारतीय युवक ने अपनी स्वीडिश प्रेमिका से मिलने के लिए साइकिल पर करीब 10,000 किलोमीटर का सफर तय किया और एक दर्जन से अधिक देशों को पार करते हुए स्वीडन पहुँचा।
प्रेम कहानी की शुरुआत
पी.के. महानंदिया 23 वर्ष की उम्र में दिल्ली की सड़कों पर लोगों के पोर्ट्रेट बनाकर अपना गुज़ारा करते थे। 1977 में 19 वर्षीया स्वीडिश युवती लोट्टा वॉन शेडविन भारत आईं और उन्होंने पी.के. से अपना पोर्ट्रेट बनवाया। यही संक्षिप्त मुलाकात धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई। दोनों के बीच भाषा और संस्कृति की दूरी थी, फिर भी उनका लगाव बढ़ता रहा।
कुछ समय बाद लोट्टा को वापस स्वीडन लौटना पड़ा, जिससे दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई — हज़ारों मील की दूरी के बावजूद इस रिश्ते को जीवित रखना।
साइकिल पर ऐतिहासिक सफर
पी.के. महानंदिया ने लोट्टा से मिलने का संकल्प लिया और साइकिल पर भारत से स्वीडन की यात्रा पर निकल पड़े। उन्होंने करीब 6,000 मील अर्थात लगभग 10,000 किलोमीटर का रास्ता साइकिल से तय किया और इस दौरान करीब एक दर्जन देशों को पार किया। आखिरकार वे स्वीडन पहुँचे और अपनी प्रेमिका से मिले। यह असाधारण यात्रा ही डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' की आत्मा है।
फिल्म निर्माण और टीम
डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन ऑरलैंडो वॉन आइन्सीडेल ने किया है, जो इससे पहले 'द व्हाइट हेल्मेट्स', 'विरुंगा' और 'द लॉस्ट चिल्ड्रन' जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री से जुड़े रहे हैं। फिल्म में पी.के. महानंदिया का किरदार चिराग बेनेडिक्ट लोबो ने निभाया है, जबकि मीना डेल लोट्टा की भूमिका में नज़र आती हैं। शूटिंग उन्हीं वास्तविक स्थानों पर भी हुई जहाँ असल जीवन में ये घटनाएँ घटी थीं।
फिल्म की निर्माता एमिली महानंदिया वॉन शेडविन — पी.के. और लोट्टा की बेटी — ने बताया कि निर्देशक ने पिता की पूरी जीवनगाथा दिखाने के बजाय उनके प्रेम और साइकिल यात्रा को कहानी का केंद्र बनाया। निर्माता टीम में एमिली के भाई कार्ल महानंदिया वॉन शेडविन के साथ हैरी ग्रेस और क्लो लेलैंड भी शामिल हैं।
प्रियंका चोपड़ा जोनस की भूमिका
बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा जोनस इस डॉक्यूमेंट्री से एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के रूप में जुड़ी हैं। फिल्म के निर्माताओं के अनुसार, दो अलग देशों और संस्कृतियों के बीच प्रेम की यह कहानी प्रियंका को विशेष रूप से प्रिय लगी।
कलाकारों और टीम के अनुभव
एमिली ने कहा, "सफर के दौरान टीम को अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के कई लोगों से मिलने का मौका मिला। इनमें से कई बातचीत पहले से तय नहीं थीं, लेकिन बाद में फिल्म का अहम हिस्सा बन गईं। मेरा मानना है कि इंसान अलग भाषा बोल सकता है या अलग धर्म या संस्कृति से आ सकता है, लेकिन प्यार की भावना सभी को एक-दूसरे से जोड़ती है।"
चिराग लोबो ने बताया कि फिल्म में दिखाई देने वाले कई लोग असल जिंदगी के लोग हैं और उनके साथ हुई बातचीत ने उन्हें प्यार, भरोसे, माफी और जिंदगी के अर्थ पर गहराई से सोचने पर मजबूर किया। मीना डेल ने भी बताया कि वास्तविक स्थानों पर शूटिंग ने कलाकारों को किरदार से जुड़ने में बड़ी मदद की।
यह डॉक्यूमेंट्री न केवल एक असाधारण प्रेम कहानी का दस्तावेज़ है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीमाएँ, भाषाएँ और संस्कृतियाँ प्रेम के सामने कितनी बौनी पड़ जाती हैं — और इसी संदेश के साथ 'द साइकिल ऑफ लव' अब वैश्विक दर्शकों तक पहुँचने की राह पर है।