21 जुलाई 2026
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सूरत में हजारों लोगों ने साइकिल चलाकर पहुंचे इंदौर स्टेडियम, PM मोदी की ईंधन बचत अपील पर अमल

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सूरत में हजारों लोगों ने साइकिल चलाकर पहुंचे इंदौर स्टेडियम, PM मोदी की ईंधन बचत अपील पर अमल

सारांश

सूरत में PM मोदी की ईंधन बचत अपील पर हजारों लोगों ने साढ़े पाँच किमी साइकिल चलाकर इंदौर स्टेडियम का रुख किया। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल भी इस अभियान का हिस्सा बने। 15,000 से अधिक प्लेकार्ड के साथ यह आयोजन ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का जन-संदेश बन गया।

मुख्य बातें

सूरत के इंदौर स्टेडियम में 5 जून 2026 को PM मोदी के कार्यक्रम के लिए हजारों नागरिक साढ़े पाँच किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इसे PM मोदी की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण अपील का परिणाम बताया।
केंद्रीय मंत्री सी.आर.
पाटिल पैदल चलकर कार्यक्रम में शामिल हुए; विधायक और सांसद भी साइकिल से पहुंचे।
कार्यक्रम स्थल तक 15,000 से अधिक प्लेकार्ड पहुंचे, जो परिवारों ने घर पर तैयार किए थे।
वर्षों से साइकिल न चलाने वाले नागरिक भी इस अभियान से जुड़े, जिसे संघवी ने जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।

गुजरात के सूरत में 5 जून 2026 को इंदौर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए हजारों नागरिक साढ़े पाँच किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर पहुंचे। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इसे प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील के प्रति जनता की सहज प्रतिक्रिया बताया।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और छोटी दूरी के लिए साइकिल या पैदल चलने की अपील की थी। इस अपील पर अमल करते हुए सूरत के हजारों नागरिक तेज धूप में साइकिल लेकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। संघवी के अनुसार, इनमें कई ऐसे लोग भी थे जिन्होंने वर्षों से साइकिल नहीं चलाई थी।

संघवी के साथ अनेक विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि भी साइकिल यात्रा के जरिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने पैदल चलकर कार्यक्रम में भागीदारी की।

जनभागीदारी का स्वरूप

संघवी ने बताया कि कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी केवल साइकिल यात्रा तक सीमित नहीं रही। कई परिवारों ने घर पर बैठकर प्रधानमंत्री के लिए संदेश लिखे और प्लेकार्ड तैयार किए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उनके अनुसार, 15,000 से अधिक प्लेकार्ड कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतों और शहरी वायु प्रदूषण को लेकर चर्चा तेज है। गौरतलब है कि साइकिल संस्कृति को पुनर्जीवित करने की यह कोशिश पर्यावरण दिवस के आसपास और अधिक प्रतीकात्मक हो जाती है।

संघवी का बयान

हर्ष संघवी ने कहा, 'जब प्रधानमंत्री मोदी कोई अपील करते हैं तो देश के लोग उसे केवल सुनते ही नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारने का भी प्रयास करते हैं।' उन्होंने इसे देश की राजनीतिक इतिहास में एक दुर्लभ दृश्य बताया, जब किसी नेता की अपील पर इतने बड़े स्तर पर जनता एकजुट होकर आगे आई हो।

उन्होंने एक उपमुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि देश के कोने-कोने में पीएम के प्रति वही उत्साह और विश्वास बरकरार है।

आम जनता पर असर

इस आयोजन ने सूरत में साइकिल संस्कृति को नई ऊर्जा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की जन-पहल नियमित रूप से हो, तो शहरी यातायात में निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है और ईंधन आयात बिल में भी बचत संभव है। आगे देखना होगा कि क्या यह उत्साह एक दिन के आयोजन से आगे बढ़कर दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन में बदल पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उत्साह एक आयोजन की सीमा से बाहर निकलकर शहरी यातायात व्यवहार में स्थायी बदलाव ला सकता है। सूरत जैसे औद्योगिक शहर में जहाँ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, एक दिन की साइकिल यात्रा से नीतिगत बदलाव की जरूरत को प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। पर्यावरण दिवस के आसपास इस तरह के आयोजन जन-जागरूकता बढ़ाते हैं, लेकिन शहरों में साइकिल ट्रैक, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार और ईंधन नीति में सुधार के बिना यह संदेश अधूरा रहेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में PM मोदी के कार्यक्रम के लिए साइकिल यात्रा क्यों आयोजित की गई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील के जवाब में सूरत के नागरिकों ने साढ़े पाँच किलोमीटर साइकिल चलाकर इंदौर स्टेडियम पहुंचने का फैसला किया। इसका उद्देश्य निजी वाहनों के बजाय साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में कितने प्लेकार्ड लाए गए और किसने तैयार किए?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के अनुसार, 15,000 से अधिक प्लेकार्ड कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। ये प्लेकार्ड परिवारों ने अपने घरों में बैठकर तैयार किए थे, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भाग लिया।
हर्ष संघवी के साथ कौन-कौन से नेता साइकिल यात्रा में शामिल हुए?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ कई विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि साइकिल यात्रा के जरिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने पैदल चलकर कार्यक्रम में भागीदारी की।
PM मोदी की ईंधन बचत अपील में क्या कहा गया था?
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करने और छोटी दूरी के लिए साइकिल चलाने या पैदल चलने की आदत अपनाने का आग्रह किया था।
सूरत का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह आयोजन 5 जून को हुआ, जो विश्व पर्यावरण दिवस के निकट है। हजारों नागरिकों का निजी वाहन छोड़कर साइकिल या पैदल आना ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का प्रत्यक्ष संदेश था, जिसे संघवी ने देशव्यापी जन-आंदोलन की शुरुआत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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