हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने सुखना झील तक साइकिल चलाई, ईंधन बचाओ अभियान को दिया बढ़ावा
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार, 19 मई को चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील तक साइकिल चलाकर ईंधन संरक्षण का व्यावहारिक संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनज़र जीवाश्म ईंधन बचाने की अपील के अनुरूप उठाया गया यह कदम, हरियाणा सरकार के व्यापक ऊर्जा-बचत अभियान का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सीएम सैनी बारिश के पानी से लबालब सुखना झील तक साइकिल से पहुँचे और उसके बाद अपनी नियमित सुबह की सैर पर निकले। सैर के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और 'स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा' का संदेश दिया। उन्होंने जनता से पीएम मोदी की ईंधन-बचत अपील में सक्रिय भागीदारी का आग्रह भी किया।
सरकार की ईंधन-बचत पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने जीवाश्म ईंधन की खपत घटाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किए हैं, जो प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं। सरकार ने वर्चुअल मीटिंग और 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे विकल्पों को अपनाने का निर्णय लिया है।
पिछले सप्ताह ही सीएम सैनी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी कर दी थी — केवल सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य गाड़ियाँ ही काफिले में रखी गई हैं। इसके अलावा उन्होंने सप्ताह में एक दिन बिना किसी वाहन के काम करने का संकल्प लिया है।
जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से स्वयं मिसाल बनकर समाज को सकारात्मक संदेश देने को कहा।
सीएम सैनी ने अधिकारियों और आम नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करके इस अभियान में भागीदार बनने की अपील की।
विपक्ष से सहयोग का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से भी 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में हाथ मिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण किसी एक दल या सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
आम जनता पर असर
सीएम सैनी के अनुसार, यदि प्रत्येक नागरिक छोटे-छोटे प्रयास करे — चाहे वह साइकिल का उपयोग हो, कारपूलिंग हो या सार्वजनिक परिवहन अपनाना हो — तो न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया जा सकता है। यह अभियान आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों तक भी विस्तारित किए जाने की संभावना है।