अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: दुशांबे में विशेष सत्र, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह हुए शामिल
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के बीच ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में 13 जून 2026 को भारत सरकार के तत्वावधान में एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने स्वयं भाग लिया। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के दुशांबे केंद्र के सहयोग से संपन्न हुआ। इस सत्र में भारतीय समुदाय, 'फ्रेंड्स ऑफ इंडिया' समूह और ताजिकिस्तान के स्थानीय योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सेदारी की।
सत्र का स्वरूप और प्रतिभागी
इस विशेष योग सत्र में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के सदस्यों के साथ-साथ ताजिकिस्तान के स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी दर्ज कराई। यह आयोजन 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले वैश्विक जागरूकता अभियान का हिस्सा है।
मंत्री का संदेश
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आयोजन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्य को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि योग की यह प्राचीन परंपरा आज भी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है। गौरतलब है कि यह आयोजन भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
IDY 2026 की थीम और राष्ट्रीय आयोजन
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की आधिकारिक थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है। इस थीम की घोषणा केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने खजुराहो में की थी। यह थीम इस विचार पर केंद्रित है कि नियमित योगाभ्यास से बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और मानसिक रूप से संतुलित रखा जा सकता है।
कोलकाता में गिनीज रिकॉर्ड का लक्ष्य
राष्ट्रीय स्तर पर इस वर्ष का मुख्य आयोजन कोलकाता में होने जा रहा है, जहाँ लगभग 40,000 लोगों के एक साथ योगाभ्यास करने की योजना है। इस सामूहिक सत्र के ज़रिए एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार वैश्विक मंच पर योग को सांस्कृतिक और स्वास्थ्य कूटनीति के केंद्र में रखने का प्रयास कर रही है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
दुशांबे का यह आयोजन उन दर्जनों देशों में हो रहे पूर्व-योग दिवस सत्रों में से एक है, जिन्हें भारतीय दूतावास और ICCR केंद्र समन्वित कर रहे हैं। योग को 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता मिलने के बाद से हर वर्ष इसका वैश्विक विस्तार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में विभिन्न देशों में इसी तरह के और आयोजन अपेक्षित हैं।