असब बंदरगाह पर इथियोपियाई टिप्पणी से भड़का इरिट्रिया दूतावास, दिल्ली में राजनयिक तनाव तेज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में स्थित इरिट्रिया दूतावास ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को एक औपचारिक बयान जारी कर इथियोपियाई दूतावास की उन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की, जो टिग्रे संघर्ष और असब बंदरगाह को लेकर मीडिया के साथ बातचीत में की गई थीं। इरिट्रिया ने इन आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन करार देते हुए स्पष्ट किया कि उसने न कभी इथियोपिया को धमकी दी है, न ही किसी टकराव की कोशिश की है।
विवाद की जड़: असब बंदरगाह और लाल सागर
1993 में इथियोपिया से अलग होकर इरिट्रिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद इथियोपिया की लाल सागर और असब बंदरगाह तक सीधी पहुँच समाप्त हो गई थी। तब से इथियोपिया इस पहुँच को बहाल करने की माँग करता रहा है, और उसके अधिकारी पिछले कई वर्षों से इस महत्वाकांक्षा को सार्वजनिक रूप से ज़ाहिर करते आ रहे हैं। इरिट्रिया के दूतावास ने अपने बयान में कहा कि इससे उसके संप्रभु क्षेत्र, विशेषकर असब बंदरगाह को लेकर इथियोपिया की मंशा पर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं।
इरिट्रिया दूतावास का बयान
दूतावास ने कहा, 'इरिट्रिया ने न तो इथियोपिया को धमकी दी है और न ही टकराव की कोशिश की है।' बयान में यह भी जोड़ा गया कि इरिट्रिया को एक आक्रामक देश के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश तथ्यों को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश करने जैसी है, जिससे अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में तनाव बढ़ने का खतरा है।
दूतावास ने स्पष्ट किया कि इरिट्रिया संप्रभु समानता, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप और पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उसने इथियोपियाई दूतावास से संयम बरतने और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंधों के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की अपील की।
मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह
इरिट्रिया दूतावास ने मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि वे लगाए गए आरोपों को सावधानीपूर्वक परखें, विश्वसनीय साक्ष्य माँगें और स्थिति का निष्पक्ष आकलन करें। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर 2026 में दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं और पूर्ण युद्ध की आशंका एक बार फिर उभर रही है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
इरिट्रिया ने जोर देकर कहा कि किसी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रामक सूचनाओं, धमकियों या संप्रभुता को कमजोर करने की कोशिशों से उसकी सरकार और जनता भयभीत नहीं होगी।
आलोचकों का कहना है कि यह राजनयिक वाक् युद्ध दर्शाता है कि हॉर्न ऑफ अफ्रीका में भू-राजनीतिक तनाव नई ऊँचाई पर पहुँच रहे हैं। इरिट्रिया ने अपनी स्वतंत्रता, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी दृढ़ता दोहराई है, साथ ही शांति के प्रति प्रतिबद्धता भी अटूट बताई है।