20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जर्मनी का बड़ा फैसला: भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा से छूट, 3 जून से लागू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जर्मनी का बड़ा फैसला: भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा से छूट, 3 जून से लागू

सारांश

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्टधारकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म कर दी है। 3 जून से लागू यह फैसला चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की जनवरी की भारत यात्रा का सीधा परिणाम है, जिसमें 19 समझौते हुए थे। फ्रैंकफर्ट-म्यूनिख होकर अमेरिका जाने वाले भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत समाप्त की।
घोषणा 2 जून को फेडरल लॉ गैजेट में, लागू 3 जून से।
यह चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की जनवरी की भारत यात्रा का नतीजा है।
उस दौरे में भारत-जर्मनी के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे।
2024 में द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा।
दोनों देशों ने IMEC और रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर भी सहमति जताई।

जर्मनी ने भारतीय नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि अब उन्हें किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मन एयरपोर्ट पर लेओवर (अस्थायी ठहराव) के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास ने मंगलवार, 2 जून को यह घोषणा की, और नया नियम 3 जून से प्रभावी होगा।

आधिकारिक अधिसूचना में क्या कहा गया

दूतावास के अनुसार, “भारतीय नागरिकों के लिए तथाकथित एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत को हटाने की घोषणा फेडरल लॉ गैजेट (बुंडेसगेसेट्ज़ब्लाट) में 2 जून को की गई थी और यह 3 जून से लागू होगी।” संघीय गणराज्य के सार्वजनिक राजपत्र में इसे इस वर्ष जनवरी में हुए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे का सीधा परिणाम बताया गया है।

मर्ज की भारत यात्रा से जुड़ी पृष्ठभूमि

राजपत्र में कहा गया, “यह जर्मन-भारतीय संबंधों को गहरा करने, लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए फेडरल सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।” उस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज ने आपसी व्यापार-निवेश में लगातार बढ़ोतरी का स्वागत किया था। 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, और दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि यह रफ्तार 2025 में भी बनी रहेगी।

19 समझौते और रणनीतिक साझेदारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और जर्मनी ने उस यात्रा के दौरान व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कुल 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। रणनीतिक, आर्थिक और जन-से-जन सहयोग को गहरा करने के मकसद से कई नीतिगत घोषणाएँ भी की गई थीं। गौरतलब है कि दोनों नेताओं ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के लिए अपने समर्थन को दोहराया और पहली IMEC मंत्रिस्तरीय बैठक की प्रतीक्षा जताई।

रक्षा सहयोग पर रोडमैप

संयुक्त बयान में कहा गया, “नेताओं ने एक रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप बनाने के लिए संयुक्त आशय की घोषणा पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। इससे लंबे समय तक औद्योगिक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें तकनीकी साझेदारी, रक्षा प्लेटफॉर्म और इक्विपमेंट का सह-विकसित और सह-उत्पादन शामिल है।” भारत ने रक्षा उपकरणों के निर्यात को जल्द क्लियरेंस देने की जर्मनी की कोशिशों का स्वागत किया।

भारतीय यात्रियों पर असर

नए नियम से फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख जैसे प्रमुख यूरोपीय हबों के ज़रिए अमेरिका, कनाडा या लैटिन अमेरिका की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। अब तक कई भारतीय पासपोर्टधारकों को सिर्फ एयरसाइड ट्रांजिट के लिए भी अलग वीजा प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता था। आगे, दूतावास से वीजा-छूट की संचालन-प्रक्रिया और एयरलाइन-स्तर पर लागू होने की पुष्टि का इंतजार रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बर्लिन का स्पष्ट संकेत है कि वह भारत को 'पीपल-मूवमेंट' अर्थव्यवस्था में बराबरी का साझेदार मानने लगा है। ध्यान देने योग्य है कि यह कदम तब आया जब यूरोप के कई देश गैर-EU यात्रियों पर शर्तें कड़ी कर रहे हैं — जर्मनी ने उलटी दिशा चुनी है। मर्ज सरकार के लिए यह भारत के साथ रक्षा और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने का राजनयिक 'गुडविल' निवेश भी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या कुशल-कामगार वीजा और लंबी अवधि के स्टूडेंट परमिट में भी ऐसी ही सरलता दिखेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जर्मनी का नया एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा नियम क्या है?
जर्मनी ने ऐलान किया है कि भारतीय नागरिकों को किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मन एयरपोर्ट पर लेओवर के लिए अब एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम 3 जून से प्रभावी है।
यह फैसला कब से लागू होगा?
घोषणा 2 जून को फेडरल लॉ गैजेट (बुंडेसगेसेट्ज़ब्लाट) में प्रकाशित हुई और नया नियम 3 जून से लागू हो गया है। नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
यह बदलाव क्यों किया गया?
जर्मन सरकार के अनुसार, यह कदम चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की इस साल जनवरी में हुई भारत यात्रा का सीधा नतीजा है। इसका मकसद भारत-जर्मनी संबंधों को गहरा करना, लोगों की आवाजाही आसान बनाना और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना है।
लेओवर और एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा क्या होते हैं?
लेओवर का अर्थ है किसी यात्रा के दौरान अंतिम गंतव्य तक पहुँचने से पहले बीच के किसी स्थान पर अस्थायी ठहराव। एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा वह दस्तावेज़ है जिसकी कुछ देश एयरसाइड ठहराव के लिए भी मांग करते हैं, भले ही यात्री इमिग्रेशन से बाहर न निकले।
मर्ज की भारत यात्रा में और क्या समझौते हुए थे?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, उस यात्रा में भारत और जर्मनी ने व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों पक्षों ने IMEC के समर्थन और रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर भी सहमति जताई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले