क्या गिलगित-बाल्टिस्तान में मूसलाधार बारिश ने 10 लोगों की जान ली?

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क्या गिलगित-बाल्टिस्तान में मूसलाधार बारिश ने 10 लोगों की जान ली?

सारांश

गिलगित-बाल्टिस्तान में हालिया बाढ़ ने 10 लोगों की जान ले ली है। भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है और बुनियादी ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुँचाया है। क्या सरकार इस आपदा से निपटने के लिए तत्पर है?

मुख्य बातें

10 लोगों की जान गई है।
बाढ़ ने 20 अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान पहुंचाया।
स्थानीय नेता ने सरकार से सहायता की अपील की है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है।
आगामी दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

इस्लामाबाद, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के अधीन गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में अत्यधिक मानसूनी बारिश के परिणामस्वरूप बाढ़ आई है। इस प्राकृतिक आपदा में 10 लोगों की जान चली गई है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस बाढ़ ने 20 अरब पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) से अधिक के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मानसून की शुरुआत से अब तक मरने वालों की संख्या 266 तक पहुँच चुकी है।

गिलगित-बाल्टिस्तान के स्थानीय नेता हाजी गुलबर खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बाढ़ का क्षेत्र के सात जिलों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। यहाँ की सड़कें, जलमार्ग, घर और कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

'द न्यूज इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, गुलबर खान ने सीमित संसाधनों को इस आपदा से उबरने के लिए अपर्याप्त बताया है और पाकिस्तान सरकार से सहायता की अपील की।

गुलबर खान ने संघीय सरकार से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 7 अरब पाकिस्तानी रुपये की मांग की है।

इस बीच, जियो न्यूज ने शनिवार को बताया कि भारी बारिश के कारण भूस्खलन ने पीओजीबी में फेयरी मीडोज रोड के कई हिस्सों को बाधित कर दिया है, और प्रतिकूल मौसम के कारण हवाई सेवाएँ भी स्थगित कर दी गई हैं।

चिलास के उपायुक्त के अनुसार, एनडीएमए ने घटनास्थल पर टीमें भेज दी हैं। लापता लोगों की खोज अभी भी जारी है।

मौसम विभाग के अनुसार, पीओजेके के मुजफ्फराबाद, नीलम घाटी और रावलकोट क्षेत्रों में 31 जुलाई तक बारिश की संभावना है।

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने पूरे देश में भारी बारिश, हवा और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसके कारण अचानक बाढ़, शहरी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

भारी बारिश ने इस्लामाबाद, रावलपिंडी, गुजरांवाला, लाहौर, सियालकोट, सरगोधा, फैसलाबाद, ओकारा, नौशेरा और पेशावर के निचले इलाकों में शहरी बाढ़ की आशंका को भी बढ़ा दिया है।

बुधवार की सुबह हुई भारी बारिश के चलते लाहौर और पंजाब के कई अन्य शहरों के निचले इलाके जलमग्न हो गए, जिससे कई क्षेत्रों में दैनिक गतिविधियाँ और बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

इसके अलावा, बारिश के कारण दर्जनों बिजली आपूर्ति बाधित हुईं। प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर बुरा असर पड़ा।

लाहौर में लगातार बारिश से कई अंडरपास और सड़कें जलमग्न हो गईं। इसके साथ ही यहाँ की जल निकासी व्यवस्था ठप पड़ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम इस आपदा के प्रति संवेदनशील हैं और प्रभावित लोगों के प्रति सहानुभूति रखते हैं। पाकिस्तान सरकार को चाहिए कि वह तात्कालिक उपाय करे ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुँचाई जा सके।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिलगित-बाल्टिस्तान में बाढ़ का कारण क्या है?
गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ आई है।
इस बाढ़ में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इस बाढ़ में 10 लोगों की जान गई है और चार लोग घायल हुए हैं।
बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है?
इस बाढ़ से 20 अरब पाकिस्तानी रुपये से अधिक के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है।
सरकार ने इस स्थिति पर क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय नेता ने सरकार से सहायता की अपील की है और क्षतिग्रस्त ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 7 अरब पाकिस्तानी रुपये की मांग की है।
आगे मौसम का क्या पूर्वानुमान है?
मौसम विभाग के अनुसार, 31 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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