ग्रीनलैंड में बिना अनुमति तेल ड्रिलिंग की कोशिश, ट्रंप से जुड़ी अमेरिकी कंपनी को सरकार की सख्त चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
टेक्सास स्थित तेल कंपनी ग्रीनलैंड एनर्जी ने आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर स्थित दूरदराज क्षेत्र जेम्सन लैंड में तेल खोज के लिए उपकरण पहुँचा दिए हैं — और यह सब तब हुआ जब ग्रीनलैंड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी को अभी तक ड्रिलिंग की कोई अनुमति नहीं दी गई है। 8 अगस्त को सामने आई इस घटना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की माँग के बीच इस विवाद में एक नया आर्थिक आयाम जोड़ दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
ग्रीनलैंड सरकार के अनुसार, कंपनी के एक प्रतिनिधि ने जून में जेम्सन लैंड की एक सामुदायिक बैठक में यह गलत दावा किया था कि उन्हें ड्रिलिंग उपकरण उतारने की अनुमति मिल चुकी है। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने एक बजरे को तट की ओर आते और करीब एक दर्जन कंटेनर उतारते देखा।
इस पर ग्रीनलैंड सरकार ने कंपनी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी लॉजिस्टिक गतिविधि से पहले खनिज संसाधन प्राधिकरण की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। हालाँकि सरकार ने यह भी कहा कि उपकरणों को अभी हटवाना उचित नहीं होगा और कंपनी का अनुमति आवेदन अभी प्रक्रिया में है।
कंपनी के दावे और योजना
ग्रीनलैंड एनर्जी का दावा है कि जेम्सन लैंड क्षेत्र के नीचे करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) मूल्य का कच्चा तेल हो सकता है। कंपनी ने शुरुआत में दो कुओं की ड्रिलिंग पर करीब 6 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना बनाई थी, जिसे अब संशोधित कर पहले एक ही कुएँ की ड्रिलिंग तक सीमित कर दिया गया है।
कंपनी की योजना के अनुसार, करीब 300 कंटेनर उपकरणों को लेकर एक जहाज 12 सितंबर को कनाडा से रवाना हो सकता है और अक्टूबर में कुएँ की ड्रिलिंग शुरू करने का इरादा है। कंपनी ब्रिटेन की एक कंपनी — जिसके पास जेम्सन लैंड में पहले से खोज अधिकार हैं — में बहुमत हिस्सेदारी लेने और वित्त उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
ट्रंप से जुड़े तार और राजनीतिक संवेदनशीलता
यह मामला इसलिए और पेचीदा हो जाता है क्योंकि ग्रीनलैंड एनर्जी के कई लोगों के संबंध कथित तौर पर ट्रंप के राजनीतिक और रणनीतिक हलकों से बताए जाते हैं। कंपनी ने ट्रंप समर्थक माने जाने वाले पूर्व टीवी होस्ट डॉ. फिल को एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ के लिए जोड़ा है। इसके अलावा कंपनी के एक निदेशक अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और ट्रंप प्रशासन की मिसाइल रक्षा योजना 'गोल्डन डोम' से जुड़े हुए बताए जाते हैं।
कंपनी के चेयरमैन लैरी स्वेट्स ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश से संबंधित नहीं है और कंपनी की गतिविधियाँ विशुद्ध कारोबारी एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हैं। बावजूद इसके, यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की माँग को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं।
पर्यावरणीय चुनौती और कानूनी दाँव
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड ने पर्यावरणीय चिंताओं के चलते 2021 से नए तेल लाइसेंस जारी करना बंद कर रखा है। इससे भी अहम यह है कि प्रस्तावित ड्रिलिंग क्षेत्र कथित तौर पर रामसर कन्वेंशन के तहत आर्द्रभूमि संरक्षण का दर्जा प्राप्त एक संरक्षित क्षेत्र में आता है।
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रीनलैंड के स्थानीय नेतृत्व के सामने दोहरी चुनौती है — एक ओर संभावित तेल भंडार से आर्थिक लाभ की संभावना, और दूसरी ओर संवेदनशील आर्कटिक पर्यावरण की सुरक्षा का दायित्व।
ग्रीनलैंड की स्वायत्तता और आगे की राह
ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसले वहाँ के निर्वाचित स्थानीय नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यदि ग्रीनलैंड सरकार ड्रिलिंग की अनुमति नहीं देती, तो यह अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है। वहीं अनुमति मिलने की स्थिति में पर्यावरणीय चिंताओं और बाहरी कंपनियों की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े होंगे।