होर्मुज जलडमरूमध्य में 'एचएमएम नामू' पर हमले की जांच पूरी, दक्षिण कोरिया जल्द करेगा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि 4 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य में दक्षिण कोरियाई शिपिंग कंपनी एचएमएम कं. के जहाज 'एचएमएम नामू' पर हुए हमले की जांच पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इसके नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे। मंत्रालय ने पत्रकारों को भेजे संदेश में कहा, 'एचएमएम नामू घटना की जांच के नतीजों पर शाम पाँच बजे प्रेस ब्रीफिंग की जाएगी।'
मुख्य घटनाक्रम
4 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रते समय 'एचएमएम नामू' पर 'दो अज्ञात हवाई वस्तुओं' ने हमला किया, जिससे जहाज पर विस्फोट और आग लग गई। उस समय अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर था। हमले में जहाज के 24 क्रू मेंबर्स में से एक को मामूली चोट आई।
सरकारी जांच दल ने हमले में इस्तेमाल की गई वस्तुओं के इंजन के मलबे का गहन विश्लेषण किया, ताकि हमले की प्रकृति और जिम्मेदार पक्ष की पहचान की जा सके। रिपोर्टों के अनुसार, विशेषज्ञों के बीच यह संभावना अधिक जताई जा रही है कि हमले में एंटी-शिप मिसाइल का उपयोग हुआ था, हालाँकि ड्रोन की संभावना को भी पूरी तरह नकारा नहीं गया।
प्रेस ब्रीफिंग की तैयारी
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस ब्रीफिंग का नेतृत्व उप विदेश मंत्री पार्क यून-जू करेंगी। इसमें रक्षा मंत्रालय और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सियोल आधिकारिक तौर पर किसी पक्ष को जिम्मेदार ठहराएगा।
ईरान और अमेरिका की प्रतिक्रियाएँ
हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने एचएमएम जहाज और कुछ अन्य लक्ष्यों पर फायरिंग की थी। वहीं, सियोल स्थित ईरानी दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान इस घटना में अपनी सेना की किसी भी भूमिका से 'पूरी तरह और सख्ती से इनकार' करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से कहा था कि इस हमले के पीछे किसी गैर-ईरानी पक्ष की संलिप्तता की संभावना बहुत कम लगती है। हालाँकि, सरकार अब तक किसी पर सीधे आरोप लगाने में सावधानी बरतती रही है।
शुरुआती जांच के निष्कर्ष
दक्षिण कोरिया ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पहले ही स्पष्ट किया था कि जहाज पर हुआ विस्फोट और आग किसी आंतरिक तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि बाहरी हमले का परिणाम थे। उस रिपोर्ट के बाद ईरान की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह घटना एक ऐसे क्षेत्र में हुई जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। अंतिम जांच रिपोर्ट में यदि किसी पक्ष को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो इसके कूटनीतिक और सुरक्षा निहितार्थ व्यापक हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग समुदाय और क्षेत्रीय शक्तियाँ इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हैं।