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यमन: हूती हिरासत में UN कर्मी मोहम्मद अल-शामी की मौत, गुटेरेस ने तत्काल जांच की माँग की

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यमन: हूती हिरासत में UN कर्मी मोहम्मद अल-शामी की मौत, गुटेरेस ने तत्काल जांच की माँग की

सारांश

यमन में हूती हिरासत में जून 2024 से बंद UN कर्मी मोहम्मद अल-शामी की मौत हो गई है — यह दूसरी ऐसी मौत है। महासचिव गुटेरेस ने तत्काल जाँच और 70 से अधिक हिरासती UN कर्मियों की बिना शर्त रिहाई की माँग की है।

मुख्य बातें

मोहम्मद अल-शामी , OHCHR से जुड़े UN कर्मचारी, हूती विद्रोहियों की हिरासत में मृत पाए गए।
अल-शामी को जून 2024 में हिरासत में लिया गया था; उनकी मौत के हालात अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
यह हूती हिरासत में जान गंवाने वाले दूसरे UN कर्मचारी हैं; इससे पहले फरवरी 2025 में WFP के एक कर्मी की मौत हुई थी।
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच की माँग की।
हूती हिरासत में अभी भी 70 UN कर्मी और 5 पूर्व UN कर्मचारी बंद हैं; उनकी तत्काल रिहाई की अपील की गई।

यमन में हूती विद्रोहियों की हिरासत में रहे संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की मौत की खबर सामने आने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी पीड़ा और कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने इस घटना की तत्काल, निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जाँच कराने की माँग की है। अल-शामी हूती हिरासत में जान गंवाने वाले दूसरे संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी हैं।

मौत की परिस्थितियाँ अज्ञात

गुटेरेस के प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, महासचिव संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के साथ काम करने वाले अल-शामी की मौत से 'बेहद स्तब्ध' हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल उनकी मौत के हालात स्पष्ट नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र ने हूती अधिकारियों से मौत की परिस्थितियों का तत्काल जवाब माँगा है।

अल-शामी को जून 2024 में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से हूती विद्रोहियों के वास्तविक प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र के बार-बार अनुरोध के बावजूद न उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी और न ही उनके जीवित होने का कोई प्रमाण उपलब्ध कराया।

पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी मौत

यह पहली बार नहीं है जब हूती हिरासत में किसी संयुक्त राष्ट्र कर्मी की जान गई हो। फरवरी 2025 में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक कर्मचारी की भी हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब यमन में मानवीय संकट पहले से ही बेहद गंभीर स्थिति में है और अंतर्राष्ट्रीय राहत एजेंसियाँ ज़मीन पर काम करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

70 से अधिक कर्मी अभी भी हिरासत में

महासचिव गुटेरेस ने बयान में याद दिलाया कि हिरासत में रखे गए सभी व्यक्तियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए और उनकी गरिमा व मानवाधिकारों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने हिरासत में रखे गए 70 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों, 5 पूर्व संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों तथा मानवीय एवं नागरिक समाज संगठनों के कर्मियों की शारीरिक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र ने इन सभी की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की अपील की है।

जवाबदेही की माँग

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन इस मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने और जवाबदेही तय करने पर जोर देता है। अल-शामी की मौत ने यमन में राहतकर्मियों की सुरक्षा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। आलोचकों का कहना है कि हूती प्रशासन द्वारा संयुक्त राष्ट्र की बार-बार अपील को अनसुना करना अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है।

यमन संघर्ष में मानवीय सहायता कर्मियों पर बढ़ते खतरों के बीच, आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हूती प्रशासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून की व्यवस्थित अवहेलना का नतीजा है — जहाँ दो साल से अधिक समय तक 'जीवित होने के प्रमाण' से इनकार किया जाता रहा। यह दूसरी ऐसी मौत है, जो बताती है कि संयुक्त राष्ट्र की अपीलें बेअसर साबित हो रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या सुरक्षा परिषद इस बार ठोस कदम उठाएगी, या केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी — जबकि 70 से अधिक और कर्मचारी अभी भी हिरासत में हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद अल-शामी कौन थे और उन्हें कब हिरासत में लिया गया था?
मोहम्मद अल-शामी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के साथ काम करने वाले UN कर्मचारी थे। उन्हें जून 2024 में यमन में हूती विद्रोहियों ने हिरासत में लिया था।
अल-शामी की मौत पर संयुक्त राष्ट्र ने क्या प्रतिक्रिया दी?
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरा दुख और कड़ी नाराज़गी जताई और तत्काल, निष्पक्ष व पारदर्शी जाँच की माँग की। संयुक्त राष्ट्र ने हूती अधिकारियों से मौत की परिस्थितियों का तुरंत जवाब माँगा है।
क्या पहले भी हूती हिरासत में किसी UN कर्मी की मौत हुई है?
हाँ, अल-शामी हूती हिरासत में जान गंवाने वाले दूसरे UN कर्मचारी हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक कर्मचारी की भी हिरासत के दौरान मौत हो गई थी।
अभी कितने UN कर्मचारी हूती हिरासत में हैं?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस समय 70 UN कर्मी और 5 पूर्व UN कर्मचारी हूती हिरासत में हैं। इनके अलावा मानवीय व नागरिक समाज संगठनों के कर्मी भी बंदी हैं, और महासचिव ने उन सभी की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की अपील की है।
यमन में UN कर्मियों की सुरक्षा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय कानून क्या कहता है?
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत हिरासत में रखे गए सभी व्यक्तियों के साथ मानवीय व्यवहार अनिवार्य है और उनकी गरिमा व मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। महासचिव गुटेरेस ने इसी बात को रेखांकित करते हुए हूती प्रशासन से जवाबदेही की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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