ऑस्ट्रिया के राष्ट्रीय दिवस पर सिबी जॉर्ज ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, व्यापार-रक्षा सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने 26 अक्टूबर 2026 को ऑस्ट्रिया के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की ओर से मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और भारत-ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उन्होंने ऑस्ट्रिया की सरकार एवं वहाँ के नागरिकों को भारत की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की इच्छा व्यक्त की।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि सिबी जॉर्ज ने राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। मंत्रालय के अनुसार, हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों से उत्पन्न सकारात्मक माहौल को आगे ले जाते हुए दोनों देश अब व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, नवाचार और जन-आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने के इच्छुक हैं।
इसी दिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ऑस्ट्रिया के राष्ट्रीय दिवस पर ऑस्ट्रिया की यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की मंत्री बीटे मीनिल-रीसिंगर, ऑस्ट्रियाई सरकार और वहाँ के नागरिकों को बधाई दी। जयशंकर ने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच मौजूदा मज़बूत साझेदारी को और आगे ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ऑस्ट्रियाई मंत्री की भारत यात्रा
ऑस्ट्रिया की यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की मंत्री बीटे मीनिल-रीसिंगर 27 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। अपने दौरे के दौरान वह बुधवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी, जहाँ द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
नई दिल्ली में कार्यक्रमों के बाद मीनिल-रीसिंगर 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जयपुर में भी विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क में तेज़ी आई है।
रक्षा और रणनीतिक सहयोग
गौरतलब है कि 6 अक्टूबर को सिबी जॉर्ज ने ऑस्ट्रिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पीटर वोरहोफर से मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आतंकवाद-रोधी सहयोग को मज़बूत करने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने यूरोपीय भागीदारों के साथ रक्षा एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी को व्यापक आधार देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि
हाल के वर्षों में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनीतिक एवं रणनीतिक संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता से यह संबंध नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
आगे की राह
बीटे मीनिल-रीसिंगर की यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में होने वाली वार्ता से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए आयामों पर ठोस रूपरेखा तैयार होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।